Video yükleniyor...

Video Yüklenemedi

Ana Sayfaya Dön

जो लम्हा जी लिया वही आख़िरी है, कल किसने देखा बस आज ही ज़िंदगी सारी है ..!! 💯

10,641 görüntüleme • 4 ay önce •via X (Twitter)

0 Yorum

Yorum bulunmuyor

Orijinal gönderinin yorumları burada görünecek

Benzer Videolar

नाम.. इज़्ज़त..शोहरत 👑 रुतबा..पद..प्रतिष्ठा..रूप..दौलत..वैभव.. ताक़त..सत्ता..!! क्या कुछ नहीं था रूपाली चाकणकर के पास..!!✅✊ मगर जनाब वक्त भी बड़ी दिलचस्प चीज़ है..!! जब पलटता है ना तो तख़्त भी हिल जाते हैं और ताज भी गिर जाते हैं..!! और फिर जैसे ही भोंदू बाबा अशोक खैरात की चर्चित “एप्सटिन फाइल्स” वायरल हुई तो कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि शोहरत का सितारा भी धुंधला पड़ने लगा..!! कल तक जो नाम था आज वही सवाल है..?? कल तक जो ताक़त थी आज वही इल्ज़ाम है। साहब..!! ज़िन्दगी का सबसे कड़वा सच यही है ऊँचाइयाँ हमेशा स्थायी नहीं होतीं। और जब गिरावट आती है ना तो शोर नहीं करती…बस खामोशी से सब कुछ छीन लेती है… 💔

𝐒𝐀𝐓𝐈𝐒𝐇_𝐒𝐈𝐇𝐀𝐀𝐆_

46,875 görüntüleme • 4 ay önce

जो इज़राइल ने कल देखा है वो ना पहली बार हुआ है ना आख़िरी बार , जो इज़राइल ने कल देखा है वो भारत ने पहले ना जाने कितनी बार देखा है , जब अयोध्या में , मथुरा में , काशी में मंदिरों को तोड़ा गया होगा तब उन शहरों ने वहीं दृश्य देखा होगा जो इज़राइल ने कल देखा है डायरेक्ट एक्शन डे के दिन कोलकाता की गलियों ने वहीं दृश्य देखा होगा जो इज़राइल ने कल देखा है अफ़ग़ानिस्तान में , कश्मीर में ना जाने कितनी बार मेरा मक़सद आपको निराश करना नहीं है , मेरा मक़सद आपको ये याद दिलाना है कि आपके ऊँचे भवन और आपकी मज़बूत चार दिवारी, आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा की गारंटी नहीं है अफ़ग़ानिस्तान से जो लोग भागे पिछले साल वो कोई गरीब लोग नहीं थे , कश्मीरी पंडितों के सेब के बाग़ान थे , कराची, रावलपिंडी में लाहौर में जो लोग रहते थे वो शायद आपसे ज़्यादा वैश्वशाली और समर्थ थे इसलिए आइये संकल्प करें , सोने की चिड़िया नहीं बनना है , माँ भारती को सोने का शेर बनाना है : कपिल मिश्रा

Kapil Mishra

131,888 görüntüleme • 2 yıl önce