正在加载视频...

视频加载失败

जाति का नाम लेकर गालियां देने वालों की आने वाले दिनों में खैर नहीं।

94,944 次观看 • 11 天前 •via X (Twitter)

0 条评论

暂无评论

原始帖子的评论将显示在这里

相关视频

स्टालिन को अपना इतना बड़ा आदर्श मानना की अपने नाम में उसका नाम जोड़ लेना इस तरह के स्टालिन नाम वालों से पूछना चाहता हूँ कि स्टैलिन ने अपने ज़माने में रूस में तोप लगाकर मस्जिदों को उड़ाया था। स्टैलिन वालों को बताना चाहिए कि आपके आदर्श और प्रेरणास्रोत स्टैलिन के इस कृत्य के समर्थन में आप हैं या नहीं खैर आशुतोष स्टालिन वाला रूस नहीं है आज तो रूस कम्युनिस्ट नहीं बचा है। मगर चाइना तो कहने को कम्युनिस्ट है, तो चाइना की कहानी सुन लीजिए ।चाइना में तो मस्जिद पर गुंबद नहीं हो सकता इमाम अरबी में नहीं पढ़ सकता, रोज़ा नहीं रख सकते दाढ़ी नहीं रह सकते टोपी नहीं रह सकते हैं लेकिन भारत में सांप्रदायिक सहिष्णुता का ज्ञान देने वाले कम्युनिस्टों को तो छोड़ दें, कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों में से किसी की भी हैसियत नहीं है कि भारत क्या किसी भी देश में चीन का विरोध तो छोड़िए चाइना की एंबेसी के बाहर जाकर प्रदर्शन करना तो छोड़िए ज्ञापन तक देने में हाथ कांपते हैं।

Dr. Sudhanshu Trivedi

166,020 次观看 • 2 年前