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जाति पूछना भी एक विशेषाधिकार है जो सबके पास नहीं होता
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10 Kommentare

किस गधे ने आपको पत्रकार बनाया ? जाति जनगणना में जाति पूछना या OBC SC ST समाज के अधिकारों की बात उठाना कोई गलत नही है. अनुराग ठाकुर ने अपमानित करने के उद्देश्य से राहुल गांधी की जाति पर प्रहार किया. सवर्ण जाति पूछकर या उसके पास कई तरीके हैं अपमान करने के, वो उन तरीकों का बखुबी इस्तेमाल कर अपमानित करते हैं.

एक पत्रकार इस बात बात को डिफेंड कर रहा है कि सदन में किसी व्यक्ति की जाति पर टिप्पड़ी करके, व्यक्तिगत टिप्पड़ी करके भी कुछ गलत नहीं किया गया है... इसीलिए ऐसे लोगों को मीडिया में सरकारी पालतू कहा जाता है

अशोक जी ने भी आज रगड़ दिया mix ब्रीड को 😂😂👇👇

पत्तलकारिता!

यहां किसी के मुंह से चू तक नही निकली 🤣🤣 आज बिलबिला रहे हैं

.. तबियत से धुलाई प्रोग्राम चालू है.. अंधभक्तों के नेताओं का पहले ये सड़क चौराहों पर होता था अब ये उच्च सदन पर भी शुरू हो गया है.. तुझे और अंधभक्तों को मुबारक..🤣🤣🤣🤣🤣..

संतरे आज ऐसै धोये गये 🤣🤣😭

श्री @yadavakhilesh जी, जाति में विभाजन आपकी पुरानी नीति रही है। दुःख इस बात है कि जब लठैत समाज स्वयं को पिछड़ा बोलता है जबकि दलितों , आदिवासियों पर सबसे ज्यादा अत्याचार लठैतों ने ही किया है। इस देश में कथित ब्राह्मणवाद की बात सब करते हैं लेकिन देश के लिए सबसे खतरनाक लठैतवाद पर कोई प्रश्न नहीं करता।

राहुल तो खुद दिन भर जाति का राग अलापते रहते हैं..पूछ कर सही तो किया...अखिलेश को तो बीच में बोलना ही नहीं चाहिए..उनकी पूरी राजनीति तो जाति समीकरण पर ही टिकी है...सच का आईना दिखा दो तो लोगों की जलने लगती है...

शहज़ादों की उदंडता पर पूरा देश हंस रहा है। लोग कह रहे हैं कि विरासत में पार्टी मिलती है बुद्धि और बहुमत नहीं।
