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जाति हैं कि जाती ही नहीं 😒😒

37,777 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

9 Yorum

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Bhavesh1 yıl önce

Jai Bhim 💗

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Solar Heavy1 yıl önce

take the journey

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Kulwant Singh1 yıl önce

सही बात है।

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Jay Vardhan1 yıl önce

Thank you madam good post

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Mayank Dwivedi1 yıl önce

A. Source? B. Surprise to know some people had computer, internet, www etc to search something on google. They had Google too. Wow ❤️ 👏

Samarth Kerur 💛❤️ profil fotoğrafı
Samarth Kerur 💛❤️1 yıl önce

💥💥🙏💥💥

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Prabal1 yıl önce

कहा जाएगी संविधान में लिख दिया गया अब

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Ngame471 yıl önce

Jai bum

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rajeev1 yıl önce

Raman Magsaysay, Nobel Prize, Booker prize ye sab Westerns k tareek hai apna agenda chalane liye, aur wohi hua.

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जाती देखकर नौकरी, जाती देखकर योजनाएं, जाती देखकर नियम/क़ानून, जाती देखकर minority welfare जैसी योजनाएं, जाती देखकर छात्रवृत्ति, जाती देखकर ऋण, और जाति देखकर न्याय — यहाँ तक ठीक था… अब ये जाति का राजनीतिक खेल शिक्षा तक पहुँच गया है। और ये सब कर कौन रहा है? वही जो कहते हैं कि जातिवाद खत्म करेंगे। ऐसे कैसे जातिवाद खत्म होगा? इससे बढ़ेगा या घटेगा? क्या शिक्षा पर सबका अधिकार नहीं होगा? या उसमें भी जाति देखकर फ्री शिक्षा दी जाएगी? क्या गरीबों के बच्चे केवल कथित पिछड़े वर्ग में ही हैं? क्या सामान्य वर्ग के गरीबों का इन सब पर कोई अधिकार नहीं? देश में जातिवाद का तांडव चल रहा है!! 👇👇

रुद्रभक्त

11,929 görüntüleme • 4 ay önce

"मेरे पिता ने मेरे पति को मार दिया और मुझे ज़िंदा लाश बनाकर छोड़ दिया है. मैं नहीं चाहती कि कोई मुझे मर्डरर की बेटी कहे." तनुप्रिया, प्रेमशंकर झा की सबसे बड़ी बेटी हैं. राहुल अति पिछड़ी जाति में आते हैं. तनुप्रिया उस वक़्त को याद करते हुए कहती हैं, "जिनसे प्यार करते (तनुप्रिया के पिता) हैं वो आकर आपके हसबैंड को मार दें, इसलिए कि वो आपकी जाति का नहीं था. क्या जाति ही सब कुछ होती है. जो उच्च जाति के वही अच्छे हैं? और बाक़ी सबका खून अशुद्ध. अगर ऐसा है तो अस्पताल में क्यों नहीं देखते कि खून किस जाति के आदमी का चढ़ रहा है. कोई यह क्यों नहीं कहता कि उसे सिर्फ़ उसके गोत्र वाले का खून चाहिए?"

Prajapati Inder Bajrangi

16,524 görüntüleme • 4 ay önce