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Ana Sayfaya Dön

जादू तो बहुत देखे हैं पर यह जो हो रहा है वह कैसे संभव है.....

77,343 görüntüleme • 16 gün önce •via X (Twitter)

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पत्रकार का प्रश्न : सर जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या हुई है। जवाब : देखिए कानून को तोड़ के कोई हत्या करता है, वह तो हत्यारा होता है। चाहे जेल के अंदर हो, चाहे फील्ड में हो, चाहे कहीं हो। इसलिए मुझे इसकी जानकारी तो है नहीं, मीडिया में खबर आई है, तो यह तो इनकी लापरवाही तो है, कि जेल के अंदर कैसे तो मतलब ऐसी स्थिति बन गई और पहले बीकानेर में भी ऐसी घटनाएं हुई हैं। जगह-जगह घटनाएं होती हैं तो दुख होता है, कि जेल के अंदर कैसे तो हथियार पहुँच जाते हैं, कैसे हत्याएं होती हैं, कैसे मोबाइल पहुँच जाते हैं। तो यह तो जेल के जो हमारे अधिकारी हैं और सरकार है, उनको चाक-चौबंद होना चाहिए जिससे कि ऐसी घटनाएं नहीं हों। कानून अपना काम करे। कानून चाहे जगन गुर्जर हो चाहे कोई हो, अपना काम करे। परंतु इस प्रकार से अगर हत्याएं होती हैं आपस के अंदर ही, तो कल उसने मारा कल उसको और कोई मार देगा मान लीजिए। तो यह चलता रहेगा क्या सिलसिला? तो यह अच्छी बात थोड़ी है। यह कोई जाट, गुर्जर और किसी जाति की बात नहीं है। यह बात है कि आप किस प्रकार से हत्या हो जाती है जेल के अंदर, तो आपस में हत्याएं होने लग गईं। तो यह कोई सिलसिला रुकेगा ही नहीं। तो यह चिंता सरकार को होनी चाहिए। पत्रकार का प्रश्न : सर, यह कोई पैरामेडिकल जो एग्जाम्स थीं, उसको भी निरस्त करने का फैसला किया गया है, गड़बड़ी के चलते। जवाब : यह कल आए थे बच्चे मेरे पास में, बहुत तकलीफ में थे बेचारे कि साहब हमने इतनी मेहनत करी, एग्जाम का वक्त आया और पेपर लीक हो गया। अब यह किस मुँह से हमें दोष दे रहे थे? इनके वक्त में तो ओएमआर शीट भी और यह पेपर लीक हो रहे हैं और यह पूरे देश में हो रहे हैं। नीट का पेपर तो केंद्र सरकार, एनटीए की देखरेख में हो रहा था। तो यह जो है, इनके पास कोई जवाब तो है नहीं। हमें बदनाम करने का पूरा इन्होंने षड्यंत्र किया था चुनाव में, उसमें कामयाब हो गए थे। अब जनता के सामने एक्सपोज हो गए हैं, यह बोलने की स्थिति में नहीं रहे हैं।

Ashok Gehlot

121,150 görüntüleme • 15 gün önce