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जिंदगी के भी अजीब फंसाने है जनाब जो मिल नहीं सकता वही चाहिए".!

51,561 次观看 • 9 个月前 •via X (Twitter)

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क्यों न हो कथा वाचक की जाति पर चर्चा.. कथा वाचक सिर्फ और सिर्फ ब्राह्मण ही हो सकता है.. ब्राह्मण ही है जो कथा का सार, तत्व, मर्म और संदेश जानता है.. कथा बाँचते वक्त ईश्वर की लीलाओं के वर्णन में जो भाव चाहिए.. भाषा की जो सुंदरता चाहिए.. शब्दों पर जो अधिकार और नियंत्रण चाहिए.. चेहरे पर जो सौम्यता चाहिए होती है.. आकाश, पाताल और पृथ्वी के बीच जो संतुलन बनाना होता है.. वो एक ब्राह्मण के अलावा कोई और कर ही नहीं सकता.. अब इन कथा वाचक को ही देखिए.. इटावा के बाद दूसरे हैं.. हमारे देवता हनुमान जी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करके सुर्खियां बटोरना चाहते हैं.. कथा वाचन में और भी न जाने कैसे अनाप-शनाप शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. मैं भी इनको सुनकर स्तब्ध रह गया.. हमारे देवताओं के लिए ऐसे शब्द किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होंगे. हजरतगंज कोतवाली की पुलिस से इनकी शिकायत की गई है. इन कथा वाचक महोदय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए आला अधिकारियों से बात की जा रही है. आश्चर्य है कि ऐसे कथा वाचकों को बुलाता कौन है और इन्हें सुनता कौन है.. #katha #kathawachak #kathavachakcontroversy #Brahmin #Brahmins #brahminism

Vivek K. Tripathi

23,330 次观看 • 1 年前