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जुनेद खान ने अपने पिता आमिर खान को जवाब दिया: "मैं अपने पिता से रिश्तों के बारे में सलाह नहीं लेता, वो रिश्तों में नाकाम रहे हैं और इसीलिए वो हमेशा कहते हैं, 'मेरे बच्चे मेरी बात नहीं सुनते।' मैं सलाह अपनी माँ से लेता हूँ।" कैसा बाप है...

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मैं तो अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहा हूँ, अपनी दावेदारी कर रहा हूँ।मेरे लिये पार्टी हाईकमान का आदेश सर्वोपरि रहेगा। रही बात किसी और की तो वो अभी तक हमारी पार्टी में नहीं हैं और क्षेत्र में भी नहीं दिखाई पड़ रहे हैं तो उनकी चर्चा करने का आख़िर क्या ही औचित्य है। हमारी पार्टी में जो सबसे क़ाबिल उम्मीदवार होगा उसे ही टिकट मिलेगा। हमारी मुख्य लड़ाई भाजपा से है, भाजपा अमरोहा में हिन्दू-मुस्लिम करने की साजिश करना चाहती है। पर मेरे रहते ये सब करने में वो सफ़ल नहीं हो पाएँगें। वो लोग टिकट पाने के बावजूद भी दिल्ली में ही बैठे हैं, अमरोहा में चुनाव लड़ना है लेकिन ये बीते दस सालों से तो दिल्ली में हैं। यहाँ किसी बाहरी की ज़रूरत ही नहीं है। सचिन चौधरी अपने अमरोहा की सेवा के लिये हमेशा की तरह हाज़िर है। इस बार भी जीत गठबंधन की ही होगी।

Sachin Chaudhary

1,097,554 views • 2 years ago

खान सर का प्रभाव बढ़ता जा रहा है🫡 🔥 लक्ष्य क्लासेज (उदयपुर) के संचालक ‘अनिल कुमार सर’ ने ‘खान सर’ के बारे में जो कहा है, उसको ध्यान से पढ़िए और गौर से sun भी ले 👇 जिन खान सर का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता था - उनको मीडिया ने फैज़ल खान बना दिया. - जल्द ही ये मीडिया उनको दंगाई भी बना देगा. - दंगाई बनाने के बाद उनका पाकिस्तान से कनेक्शन भी निकाल दिया जायेगा. - पाकिस्तान कनेक्शन के बाद उनको देशद्रोही भी घोषित कर दिया जायेगा. - हिंदू हो या मुस्लिम, किसी भी धर्म का विद्यार्थी हो, वो एक ही बात कहता है, अगर खान सर नहीं होते तो आज Affordable एजुकेशन नहीं होती. - खान सर नहीं होते तो गरीबो के लिए हॉस्पिटल नहीं बनता. - ये बात मीडिया को खटक रही थी. - ये बात बिकी हुई मीडिया को हज़म नहीं हो रही थी कि हमसे ज़्यादा प्रसिद्धि टीचर्स को मिल रही है. हम खान सर के साथ है, साथ थे, और हमेशा रहेंगे.”

Mr_cool77777

16,055 views • 2 months ago

केरल के आनंदू अजी ने आत्महत्या से पहले अपने ‘नोट’ में सलाह दी है कि : ‘RSS के किसी भी मेंबर से कभी दोस्ती मत करो. चाहे वो तुम्हारे परिवार का ही क्यों ना हो. तुम्हारे पिता, भाई या बेटा ही क्यों ना हो. उनसे अपने रिलेशंस खत्म कर लो. उनके अंदर बहुत जहर भरा हुआ है.’ आगे लिखा कि ‘मैंने वह संगठन छोड़ दिया है इसलिए खुलकर बोल पा रहा हूं. वे कई बच्चों का यौन और शारीरिक शोषण करते हैं. मुझे पता है कि मेरी इन बातों का कोई यकीन नहीं करेगा क्योंकि मेरे पास सबूत नहीं है. लेकिन मेरा जीवन ही मेरा सबूत है. मैं नहीं चाहता कि दुनिया के किसी और बच्चे को वो सब सहन करना पड़े जो मैंने सहा है.’ और सचमुच पूरा मीडिया ग़ुलामी के सन्नाटे में है.

Wg Cdr Anuma Acharya (Retd)

38,859 views • 10 months ago

शुभंकर मिश्रा से बड़ा मौकापरस्त व्यक्ति मैंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा। सबसे पहले तो यह व्यक्ति जिस तरीके से अपने पॉडकास्ट में लोगों से बातें उगलवाता है, वो बहुत ही गलत तरीका है। उसके बाद आज जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर धब्बा लगा तो इस व्यक्ति ने अपने हाथ एकदम ऐसे खड़े कर लिए जैसे इसका उस यूनिवर्सिटी से कुछ लेना-देना ही नहीं है। अब आप देखिए कि एक पुरानी वीडियो है जहाँ शुभंकर मिश्रा गलगोटिया यूनिवर्सिटी की इतनी तारीफ कर रहे हैं कि तारीफ करते-करते थक नहीं रहे। लेकिन अब अपने हाथ खड़े करके इस यूनिवर्सिटी के बारे में बुरा-भला बोल रहे हैं और कह रहे हैं कि "किसी की तरक्की में क्रेडिट नहीं लिया जाता।" अरे जनाब, आप ही वो थे जो कह रहे थे कि मैं जो कुछ हूँ गलगोटिया यूनिवर्सिटी की वजह से हूँ। मैं कह रहा हूँ कि मान लीजिए कि आज गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने गलत किया है, तो आप उसे गलत बोलिए। आपका कर्तव्य है, आप पत्रकारिता के जाने-माने चेहरे हैं। लेकिन आप यह क्लैरिफिकेशन क्यों दे रहे हैं कि "उसके बनने में मेरा कोई योगदान नहीं है"? यह आपके ही शब्द हैं। आज यूनिवर्सिटी बेकार है? क्या पता कल तक वो काम सही करते थे जिसकी वजह से आप वहाँ बैठे हैं। कबीर का दोहा था - "गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूँ पाँय।" आज शुभंकर मिश्रा ने केवल अपने गुरुओं का ही नहीं बल्कि अपने विद्यालय का अपमान कर दिया। ऐसे मौकापरस्त व्यक्ति से क्या ही उम्मीद की जा सकती है?

चाय, इश्क और राजनीति।

43,072 views • 6 months ago