Loading video...

Video Failed to Load

Go Home

जिन्हें बचपन में खेलने के लिए खिलौने नहीं मिलते वो फिर बड़े होकर लोगो की भावनाओ से खेलते हैं

159,139 views • 1 day ago •via X (Twitter)

0 Comments

No comments available

Comments from the original post will appear here

Related Videos

हम चाहते हैं… फिर से लगें मेले जहाँ खिलखिलाता बचपन खेले भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों की नाकामी की वजह से जनता की जेबें खाली हैं, लोग बच्चों के लिए ज़रूरत की रोटी नहीं जुटा पा रहे हैं वो बच्चों के लिए खेल-खिलौने कहाँ ले पाएंगे। इसीलिए हमारी सक्षम लोग से अपील है कि वो ऐसे आत्मनिर्भर लोगों का रोज़गार बचाएं और उनका सामान ख़रीद कर आर्थिक तंगी के इस दौर से उनको बचाएं जो अपने हुनर का इस्तेमाल करके, सच में मेहनत से ईमानदारी की रोज़ी-रोटी कमाना चाहते हैं। यही सच्चा ‘वोकल फॉर लोकल’ होगा। जो लोग ‘स्वदेशी’ का सिर्फ़ नारा देते हैं, उन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के भरोसे देश के ग़रीब, किसान, मज़दूर, कारीगर, कलाकारों को नहीं छोड़ा जा सकता है। भाजपा जाए तो ख़ुशी आए! #जुमलाई_भाजपाई

Akhilesh Yadav

61,767 views • 1 year ago