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Ana Sayfaya Dön

जिन्होंने भारत को लोकतंत्र की राह दिखाई — वो थे पंडित नेहरू।

23,761 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

10 Yorum

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Saurabh Sinha 🇮🇳1 yıl önce

नेहरू ने जो बोया, वो आज भारत का लोकतांत्रिक वटवृक्ष बना है।

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अरविन्द आजाद1 yıl önce

टांग उठा कर मूतने वाले जर्मन शेफर्ड से कितना भी भौंकवा लो......सच्चाई बदल नहीं सकती....🔥🔥🔥 देश की गद्दार, नकली गांधी परिवार...🔥🔥

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Dhananjay Singh1 yıl önce

ये बोसडी वाला कांग्रेसियों का बाप बन गया इस तरह के सैकड़ों बाप एक एक कांग्रेसियों के हैं जो मोदी की झाल उखाड़ने की 20 साल से प्रयास कर रहे साले,

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Neeraj Sharma1 yıl önce

नेहरू वो थे जिनको अपनी पार्टी में सिर्फ 1 वोट मिला हो और वो प्रधानमंत्री बन गए थे गांधी के वजह से! अय्याश नेहरू के सिगार के लिए प्लेन होता था लेकिन खिलाड़ी के जूते के लिए पैसे नहीं थे।

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aradhna1 yıl önce

ये पूरा देश जनता है।इसके लिए किसी यू ट्यूबर की जरूरत नहीं है। वैसे मुझे भी ध्रुव राठी के विडियोज बहुत पसंद हैं।

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PRASANNA KUMAR Kota1 yıl önce

🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥

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Saurya1 yıl önce

Yeh Namoona phir aa aagaya.. leke doobega sabko

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Manoj Kumar1 yıl önce

और जिन्होंने लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की बहुत ही इंदिरा गांधी

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Bhai 1111 yıl önce

Ayash bhi nehru hi tha

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BIRENDRA1 yıl önce

Ab aise logo ka sahara legi congress

Benzer Videolar

कल JNU में नेहरू जी की पुण्य तिथि पर राजीव गांधी स्टडी सर्किल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सेदारी का वीडियो। हमारी पीढ़ी आभारी है प्रधानमंत्री मोदी और उनके संगठन की, जिन्होंने उस जवाहरलाल नेहरू से हमें फिर से मिलवा दिया, जिन्होंने वाक़ई देश बना कर दिखाया था। वो नेहरू जिनके लिए शिक्षा मात्र रोज़गार का नहीं, ज़ंजीरें तोड़ने का माध्यम थी। वो नेहरू जो वैज्ञानिक सोच की बात इसलिए करते थे कि भारत का युवा critical सोच वाला और सोचने समझने वाला बने। लेकिन साथ साथ भारत की कला, फिलोसफी को भी पुनर्स्थापित कर गए। वो नेहरू, जो अभिव्यक्ति की आज़ादी केवल इसलिए नहीं मानते थे कि सरकारों का विरोध करना उसका एकमात्र उद्देश्य हो। वो विचारों को इंसान की निजी सम्पत्ति मानते थे, और उस पर हर इंसान का निजी अधिकार मानते थे। वो नेहरू, जो भारत के विभाजन में करीब बीस लाख लोगों के मारे जाने के बावजूद भारत को धर्म निरपेक्ष बनाने के लिए बेख़ौफ़ संकल्प लेते हैं और भारत के लोगों का अपार समर्थन भी प्राप्त कर लेते हैं। नेहरू स्वप्न दृष्टा थे, नैतिक थे, फिलोसफर थे, प्लानर थे, लेकिन साथ साथ वो दिलेर थे, बहुत दिलेर थे। Dr.Chayanika Uniyal

Gurdeep Singh Sappal

10,224 görüntüleme • 3 ay önce