Video wird geladen...
Video konnte nicht geladen werden
जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मर जाता है ! संघ परिवार के फेवरेट बागेश्वर बाबा !!
767,865 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)
10 Kommentare

Lol he is doing what a Hindu guru/saint/ should have done earlier. Rewarding good Hindus irrespective of caste. That's what Ramanujacharya and Ramanuja did.

And what they got in return? 90% reservation Caste based laws Caste based schemes Intercaste marrige allowances so that any one can marry their daughters with gov aid ? go sacrifice yourself for Honda unity!!

बहुत सही किया बाबा बागेश्वर धाम ने, आज समाज में जो बटवारा हो रहा है हमारे धर्मगुरु और शंकराचार्य अगर पिछड़े व दलित समाज के लोगों के यहां आने जाने लगे तो धर्मांतरण रुक जाएगा।

इसमें गलत क्या । अगर संत में मनुष्यता है।उसे शास्त्रों का ज्ञान है कि चारों वर्ण एक ही पितृ के वंशज हैं। तो उसे सामाजिक समरसता बढ़ाने के सारे प्रयास करने चाहिए। हकीकत में टकराव वहां होता है जब कुछ राम को कुछ अंबेडकर को गाली देते हैं।सबको सबके विश्वासों, आस्थाओं का मान रखना चाहिए

जातिवादी कीड़ों को कोई अधिकार नहीं है हिंदुत्व पर बोलने का।

अभी यही परशुराम की मूर्ति होती तब ये मनुवादी वाह वाही के पुल बांध देता 😄😄😄

ये गलत नहीं है, सभी जातियों में फैली द्वेष भावना को मिटाकर सबको एक धव्ज के नीचे लाने के लिए ही इस सनातन रैली को आयोजित किया जा रहा है।

हिंदू समाज को जोड़ना है तो एक दूसरे समाज के महापुरुषों का सम्मान करना ही होगा । अपनी सोच से बाहर आए भारत के विषय में सोचो जाति के विषय में नहीं।

जीजा से इतना द्वेष। धीरे-धीरे पूरा देश जय भीम का जयकारा लगाएगा 💙✊✊✊

सनातन धर्म की खूबसूरती दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। ब्राह्मण समाज हमारे महापुरुषों का सम्मान पहले भी करता था परंतु आजकल बहुत ज्यादा कर रहा है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर अमर रहे। क्योंकि बाटेंगे तो काटेंगे।
