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जिम्मेदारों की मक्कारी से पेपर दोबारा देना पड़े तो ठीक मगर लेट आने पर पूरी सख्ती दिखाई जाएगी… मैं मानता हूँ समय से आना चाहिए पर थोड़ी रियायत की गुंजाइश भी रखनी चाहिए.🧐

26,830 次观看 • 3 个月前 •via X (Twitter)

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NEET पेपर लीक मामले पर शिक्षाविद गणपत सिंह ने कहा— “बच्चों को कितना परेशान किया जाता है। कहा जाता है कि कड़ा निकाल दो, पानी की बोतल पारदर्शी होनी चाहिए। हम यह नहीं कह रहे कि परीक्षा केंद्रों पर सख्ती गलत है। मैं तो सोचता हूँ कि अगर इतनी सख्ती है, तो इसकी शुरुआत परीक्षा से दो-चार महीने पहले से होनी चाहिए। परीक्षा केंद्र पर जो भी प्रयास किए जा रहे हैं, वे ठीक हैं, मैं मानता हूँ। लेकिन जब एक बच्चा पूरी ईमानदारी से परीक्षा हॉल में बैठा है और दूसरी तरफ़ पेपर पहले से बाहर पड़ा है, तो फिर इस सख्ती का क्या अर्थ रह जाता है? अगर आप पूरी परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना चाहते हैं, तो हर स्तर पर उसी गंभीरता से काम करना होगा। नहीं तो यह सब केवल बच्चों को परेशान करने तक सीमित रह जाता है।”

Dinesh Bohra

20,107 次观看 • 4 个月前

कल रात साढ़े आठ बजे के लगभग मैंने जब यह लिखा तो उसका आधार यही था कि, PMO India Narendra Modi की सरकार फ़ीडबैक के आधार पर, जनमत के आधार पर काम करने वाली सरकार है। मुझे पता था, ऐसा नहीं है। हालाँकि, मैं यह भी मानता हूँ कि, यह वीडियो सत्र शुरू होने के पहले आता तो और बेहतर होता, लेकिन जब देश का प्रधानमंत्री स्वयं छात्रों के मुद्दे को देख रहा हो। दोबारा परीक्षा ठीक से कराने से लेकर दोषियों को सजा दिलाने तक, इसके बाद छात्रों को भी सड़कों से हटना चाहिए। उन्हें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि, उनके आंदोलन को अपराधिक तत्व अपने कब्जे में लेकर देश में अराजकता फैलाने की कोशिशें भी करने लगे हैं। मोदी जी पर छात्रों को विश्वास रखना चाहिए

हर्ष वर्धन त्रिपाठी 🇮🇳Harsh Vardhan Tripathi

86,297 次观看 • 2 个月前

किसी भी अस्पताल की वास्तविक स्थिति फाइलों से नहीं, बल्कि वहाँ इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत करके समझी जा सकती है। इसलिए जब भी किसी अस्पताल में जाता हूँ, लोगों से अवश्य मिलता हूँ, उनकी बातें सुनता हूँ और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास करता हूँ। मेरा मानना है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर आम लोगों, पीड़ितों और सरकारी सेवाओं का लाभ लेने वाले नागरिकों से सीधे संवाद करना चाहिए। इससे व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आती है, कमियों की पहचान होती है और उन्हें दूर करने का अवसर मिलता है। आज भी IGIMS में कई मरीजों और उनके परिजनों ने अपनी समस्याएँ और शिकायतें मेरे सामने रखीं। मैंने उनकी हर बात गंभीरता से सुनी, संबंधित अधिकारियों से तत्काल चर्चा की और अस्पताल प्रबंधन को सभी शिकायतों की सूची तैयार कर उनके कारणों की पहचान करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी उद्देश्य से आज IGIMS में सेंट्रल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी शुभारंभ किया गया है। इसके माध्यम से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर 24×7 निगरानी रखी जाएगी, समस्याओं की समय पर पहचान होगी और उनके त्वरित समाधान के साथ शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। मैं अस्पताल केवल उद्घाटन करने नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने जाता हूँ कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। आपका स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते मेरा द्वार हमेशा आपके लिए खुला है। आपकी हर शिकायत, हर सुझाव और हर समस्या मेरे लिए महत्वपूर्ण है। मैं विश्वास दिलाता हूँ कि आपकी बात न केवल सुनी जाएगी, बल्कि उस पर पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। #IGIMS #BiharHealthDepartment #bihar

Nishant

27,941 次观看 • 1 个月前