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जिस प्रकार का खुलासा चुनाव आयोग के संदर्भ में एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी समाचार पत्र में हुआ है यह खुलासा बहुत बड़ी चुनावी बेईमानी स्पष्ट दर्शा रहा है भाजपा के इशारे पर संविधान और लोकतंत्र तथा कानून विरोधी कार्य कर रहे अधिकारी ये जान लें कि पापकर्म और बेईमानी का...

34,850 просмотров • 4 дней назад •via X (Twitter)

Комментарии: 7

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PDA Panchayat3 дней назад

समय आ गया है ज्ञानेश कुमार एंड टीम की जगह जेल में होगी

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Keshav Patel4 дней назад

All the decisions were takes unanimously, Don’t spread fake

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Pawan pareek3 дней назад

जा बे🪳, हवा आने दे। दावा : BJP ने हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली इसलिए जीता क्योंकि ज्ञानेश कुमार CEC थे तथ्य - हरियाणा चुनाव-अक्टूबर 2024 महाराष्ट्र चुनाव-नवंबर 2024 दिल्ली चुनाव-5 फरवरी, नतीजे-8 फरवरी 2025 ज्ञानेश कुमार जी ने CEC का पद संभाला- 19 फरवरी 2025

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manisha mishra3 дней назад

बिना किसी पुख्ता प्रमाण के संवैधानिक संस्थाओं और निष्पक्ष अधिकारियों पर अनर्गल आरोप लगाना लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास है। हार की आशंका से घबराकर संवैधानिक व्यवस्था और निष्पक्षता पर सवाल उठाना विपक्ष की पुरानी परिपाटी बन चुकी है। देश का कानून और जनता निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया तथा पारदर्शी व्यवस्था के पक्ष में मजबूती से खड़ी है।

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Sangeeta4 дней назад

चुनाव प्रक्रिया पर सवाल तथ्यों और ठोस सबूतों के आधार पर उठने चाहिए, राजनीतिक आरोपों के आधार पर नहीं। संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखते हुए निष्पक्ष प्रक्रिया और पारदर्शिता की बात होनी चाहिए।

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pardik handya3 дней назад

"All decisions are an outcome of the unanimous decision of the full commission" — #ECI already Clarified it in there official statement then what is the point of all this ruckus? #CEC #GyaneshKumar

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Abhishek Tiwari4 дней назад

चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना अलग बात है, लेकिन बिना ठोस सबूत अधिकारियों को भाजपा के इशारे पर काम करने वाला बताना उचित नहीं। निर्वाचन आयोग ने सभी फैसलों को पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णय बताया है आरोप नहीं, तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रिया पर बात होनी चाहिए।

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ये वही अनुज चौधरी है जो संभल, बरेली में तैनाती के दौरान हिन्दू मुस्लिम अनर्गल बयानबाजी और विवाद उत्पन्न करता था ये वही अनुज चौधरी है जो सम्भल हिंसा में आरोपी भी है और कोर्ट कार्यवाही का सामना कर रहा है इस अनुज चौधरी का हत्यारा जघन्य अपराधी भाई जघन्य मर्डर का आरोपी था और इस अपराधी भाई को आज न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई है ये जान लें सभी लोग कि कानून से बढ़कर कोई नहीं, आज नहीं तो कल सबकी बारी आएगी और आज जो पुलिसवाले भाजपा के इशारे पर गलत काम कर रहे हैं वो सब भी कानूनी कार्यवाही के दायरे में आएंगे और सजा पाएंगे भाजपा बचाने नहीं आएगी क्योंकि आज जो गलत काम पुलिसवालों से भाजपाई करवा रहे हैं वो अपना काम निकालकर खुद तो झोला समेटकर निकल लेंगे और सामना करना पड़ेगा उन लोगों को जो आज भाजपा नेताओं के इशारे पर गलत काम कर रहे हैं

Samajwadi Party Media Cell

177,338 просмотров • 2 месяцев назад

कानपुर में भाजपा के भ्रष्टाचार की परत का परदा जब उठ गया तो उनके विधायक जी का नाटक शुरू हो गया। भाजपा की ये पुरानी आदत है कि पहले सफ़ेदपोश बनकर चुपचाप भ्रष्टाचार करती है और जब पोल खुल जाती है तो उसका ठीकरा अधिकारियों के सिर पर फोड़ देती है। इसका अर्थ ये हुआ कि सरकार का अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है मतलब सराकर नाकाम भी है और निष्प्रभावी भी। जनता पूछ रही है कि सरकार की लगाम क्या अधिकारियों के हाथ में है? सच तो ये है कि भाजपा का हर निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। भाजपा के लिए कोई भी निर्माण विकास का विषय नहीं बल्कि भ्रष्टाचार करने का उपाय है।

Akhilesh Yadav

226,296 просмотров • 1 год назад

भाजपा और RSS के बारे में भयानक खुलासा, विस्फोटक खुलासा, ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। नंगे बदन, कमसिन नाबालिग लड़कों के साथ सोते थे RSS के ये बड़े बड़े कथित पदाधिकारी और चंपत राय। सोचिए जरा कि किस प्रकार के पापियों, अधर्मियों, कुकर्मियों से भरा पड़ा है ये भाजपा और RSS का गैंग, गिरोह। जिस दिन भाजपा की सत्ता जाएगी उस दिन इन पापी भाजपाइयों, सत्ताधारियों के पापकर्म जनता के सामने खुल जायेंगे, इसीलिए तो ये भाजपा सत्ता छोड़ना नहीं चाहती, इसीलिए तो ये भाजपा बेईमानी करके सत्ता में बनी रहना चाहती है। भगवान जी के मंदिर परिसर और भगवान के नगरी अयोध्या को इन पापी भाजपाइयों ने कितना प्रदूषित कर दिया है ये शर्मनाक है।

Samajwadi Party Media Cell

25,774 просмотров • 3 месяцев назад

जब बच्चे तक न उठा सकते आवाज़ तो कैसे कहें कि ये वतन है आज़ाद? आज भाजपा के कट्टर समर्थक भी शर्मिंदा हैं और पश्चाताप और प्रायश्चित की आग में जल रहे हैं, उनका भी तो परिवार है और परिवार में बच्चे भी हैं, और उन बच्चों का भी वर्तमान और भविष्य है। अब कोई भाजपा से भविष्य की क्या उम्मीद करे, जब वर्तमान में ही जनता भाजपा से पूरी तरह नाउम्मीद हो गई है। आज हर उम्र के लाखों लोगों ने बेख़ौफ़ होकर जिस तरह भाजपा के विरोध में एकजुटता दिखाई है, सच तो ये है कि उस जन-आक्रोश को देखकर भाजपाई और उनके संगी-साथी बेहद डर गये हैं। ये वो आम जनता है जिसे सरकार की किसी भी एजेंसी का भय नहीं है। भाजपा ख़त्म!

Akhilesh Yadav

352,017 просмотров • 2 месяцев назад

जब उपचुनावों में भी भाजपा को हराने के लिए जनता फ़ील्ड में उतर चुकी है तो भाजपा कुछ अधिकारियों को हटाने का कितना भी शासकीय-प्रशासकीय नाटक कर ले, कोई उनको पराजय से रोक नहीं सकता। देखना ये भी है कि इनकी जगह जो अफ़सर आएंगे, उनकी निष्पक्षता पर मोहर कौन लगाएगा। भाजपा उपचुनावों में अपनी 10/10 की हार के अपमान से बचने के बहाने ना ढूँढे। अगर भाजपा जन-विरोधी नहीं होती तो आज ये दिन नहीं देखने पड़ते। महँगाई, बेरोज़गारी, बेकारी, पुलिस भर्ती, नीट परीक्षा, महिला-सुरक्षा, संविधान और आरक्षण की रक्षा, नज़ूल भूमि जैसे मुद्दों से लड़ने के लिए भाजपा कब और किसे नियुक्त करेगी? कुछ विशेष अधिकारियों को चुनावी ज़िम्मेदारी से हटाने की बात कहकर, भाजपाइयों ने ये बात स्वीकार कर ली है कि उनकी सरकार में शायद कुछ चुनावी घपले अधिकारियों के स्तर पर होते हैं। ये भाजपा की अपनी सरकार के साथ-ही-साथ चुनाव आयोग के ऊपर भी… चुनाव आयोग स्वत: संज्ञान ले। #नहीं_चाहिए_भाजपा

Akhilesh Yadav

189,533 просмотров • 2 лет назад

अब तो उल्टा ये कहना पड़ेगा कि चुनाव आयोग का कोई झंडा हो तो वो भाजपाइयों के घर पर लगा दे। अब बस यही बचा है कि चुनाव आयोग भाजपाइयों के घर पर बूथ बना दे और भाजपाइयों को पीठासीन अधिकारी। क्या चुनाव आयोग ने भाजपा को ठेके पर अपना काम दे दिया है या भाजपा ने चुनाव आयोग को संविदा पर रख लिया है। प्रशासनिक पर्यायवाची कोश में ‘चुनाव आयोग’ को ‘भाजपा’ के पर्यायवाची के रूप में जोड़ देना चाहिए। भ्रष्ट-भाजपा शासनकाल में आश्चर्य ये नहीं है कि सरेआम वोट काटने-बढ़ाने का अपराध हो रहा है, आश्चर्य ये है कि संवैधानिक संस्थाओं को ये नज़र नहीं आ रहा है। आज वोट छीनेनवाले कल को जनता का बाक़ी सब भी छीन लेंगे। बाक़ी सब में भाजपाई भी शामिल होंगे, कोई बचेगा नहीं। भाजपाई भी याद रखें : ठगों का रिश्ता, सिर्फ़ ठगी से होता है और किसी से नहीं। इस कहते हैं: अंधेर नगरी, चौपट आयोग!

Akhilesh Yadav

31,716 просмотров • 7 месяцев назад

जब मंत्री खुलेआम कहें कि "नौकरी और ज़िंदगी" बर्बाद कर दूंगा, तो ये सिर्फ एक अफसर की बेइज्जती नहीं, पूरे प्रशासनिक ढांचे का अपमान है। फलोदी में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी का ये शर्मनाक बयान टूटी हुई महत्वाकांक्षा और सत्ता के बेकाबू अहंकार का प्रदर्शन है। जहां भाजपा की राजनीति, अधिकारियों को डराने और धमकाने पर चल रही है। जिसमें नियम-कानून नहीं, सत्ता का दुरुपयोग, दुर्भावना और तानाशाह हावी है। अगर अधिकारी नियम से काम करें तो जिंदगी बर्बाद करने की धमकी और सत्ता के आगे झुकें तो सब ठीक। आखिर मंत्री जी को किस बात की खुन्नस हैं? क्या टूटी हुई महत्वाकांक्षा का गुस्सा और हताशा प्रशासन पर उतारा जाएगा? मेरी सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील है कि डरिए मत, झुकिए मत। संविधान के प्रति जवाबदेह होकर नियम कानून से काम करें। राजस्थान की 8 करोड़ जनता और कांग्रेस पार्टी आपके साथ खड़ी है।

Govind Singh Dotasra

33,497 просмотров • 6 месяцев назад

निकाय चुनाव में जिस तरह भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग किया, परिसीमन में बेईमानी की, उस आकलन से देखें तो ये चुनाव कांग्रेस की जीत है। परिसीमन में मनमानी के बावजूद वोट प्रतिशत में अंतर सिर्फ 0.94% है, यानी 1% भी नहीं रहा। वोटबैंक के हिसाब से वार्ड बनाए गए, कहीं छोटा तो कहीं बहुत बड़ा वार्ड बनाकर बेईमानी की गई। ये परिणाम पूरी तरह सत्ता विरोधी लहर को दिखाता है, ये जनादेश भाजपा सरकार के खिलाफ है। चुनाव में पुलिस तंत्र का खुलकर दुरुपयोग किया गया। धनबल, मनी पावर और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल हुआ और पुलिस-प्रशासन भी इसमें भागीदार रहा। मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं जो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और लोकतंत्र की हत्या में भागीदार बने हैं, सरकार बदलने पर उनकी भूमिका की जांच होगी और उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। : K C Venugopal जी, AICC संगठन महासचिव

Govind Singh Dotasra

29,045 просмотров • 6 дней назад

ये लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी है। जनता जागरूक हो, आज वोट काटा जा रहा है कल को खेत-ज़मीन-मकान-राशन-जाति-आरक्षण से नाम काटा जाएगा फिर बात खातों और मध्यवर्ग के लॉकर तक पहुँच जाएगी। ये देशवासियों के ख़िलाफ़ एक बहुत बड़ी साज़िश है जो अंग्रेजों की गुलामी से भी ख़राब स्थिति में ले जाएगी। ये समय जागने का है और एक-एक वोट बचाने का है। हमारी सभी विपक्षी दलों और यहाँ तक कि एनडीए के सभी सहयोगी दलों से ये अपील है कि एकजुट हों और भाजपा के इस महा-षड्यंत्र का पर्दाफाश करें। जो दल भाजपा को अपना सहयोगी मान रहे हैं, सबसे पहले भाजपा उन्हीं का ख़ात्मा करेगी। इसीलिए हमारी प्रत्येक देशवासी से अपील है कि सारे काम छोड़कर SIR की घपलेबाजी को रोकें। भाजपा, भाजपा के संगी-साथी और भाजपा सरकार की तिकड़ी व चुनाव आयोग के कुछ भ्रष्ट लोग पूरी चुनावी व्यवस्था का अपहरण कर रहे हैं। आइए हम सब मिलकर उन भाजपाइयों और उनके अपरिवारवादी संगी-साथियों की सरेआम लूट से देश को बचाएं और वोट के रूप में अपनी पहचान को भी, नहीं तो कल को ये देशवासियों को ही पराया साबित कर देंगे।

Akhilesh Yadav

70,868 просмотров • 10 месяцев назад

मैं उन तमाम अधिकारियों को आगाह करता हूं जो नियमों को ताक पर रखकर भाजपा की भाषा बोल रहे हैं। अगर ज़रा भी बेईमानी पकड़ी गई, तो FIR दर्ज कराई जाएगी। कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है। साथ ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से निवेदन करता हूं कि लोकतंत्र की रक्षा की जितनी जिम्मेदारी विपक्ष की है, उतनी ही जिम्मेदारी एक जागरूक नागरिक के तौर पर आपकी भी है। सत्ता अस्थायी होती है, लेकिन संविधान और कानून स्थायी हैं। भाजपा ने पहले परिसीमन में बेईमानी की, अब खुलेआम वोट काटने की साज़िश रची जा रही है, और वार्डों के प्रकाशन में भी धांधली की जा रही है। भाजपा सरकार ये भी जवाब देना चाहिए 8 जनवरी तक वार्डों का प्रकाशन क्यों नहीं किया गया? किसके दबाव में देरी हुई?

Govind Singh Dotasra

31,542 просмотров • 8 месяцев назад

ब्राह्मण विधायकों ने इकट्ठा होकर अपना दुःख-दर्द साँझा किया एक-दूसरे से अपना रोना रोया, कि दरोगा कोतवाल नही सुन नहीं रहे, सरकार में अपमानित हो रहे है तथा जनता के कार्य नहीं हो पा रहे हैं, अपनी वेदनाओं को व्यक्त किया। तो ये बात ऊपर के लोगों को बहुत बुरी लगी और अब ब्राह्मण विधायक डांटे जा रहे हैं। भाजपा सरकार में यही स्थिति है ब्राह्मणों का कि लोकतंत्र में इकट्ठा होकर अपना दर्द साझा करने का भी इनको अधिकार नहीं है, यही है भाजपा का ब्राह्मणों के प्रति चाल चरित्र और चेहरा। हमारे अवधी भाषा में एक कहावत है कि ” जबरा मारे रोवय ना देय।” भाजपा में ब्राह्मण विधायकों की बिलकुल यही स्थिति है कि बेचारे मारे भी जा रहे है और रोने की इजाजत भी नही है।

Pawan Pandey

36,322 просмотров • 9 месяцев назад