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Ana Sayfaya Dön

जैसलमेर के रेगिस्तान में पानी फूट फूटकर बाहर आ रहा है क्या यह सरस्वती नदी का पानी है?

682,538 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

10 Yorum

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Kuldeep Choudhary1 yıl önce

पूरी खबर इस वीडियो में..

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Narayani Sena1 yıl önce

Kab ka hai ye video

Vinod Bhojak profil fotoğrafı
Vinod Bhojak1 yıl önce

*जैसलमेर: मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र मे ट्यूबेल खोदते समय फटी जमीन* जमीन से तीन से चार फुट पानी उठ रहा है ऊपर, ट्यूबेल खोदने वाली मशीन धसी जमीन में, जमीन से पानी अपने आप निकलने से खेत में जमा हुआ हजारों लीटर पानी, विक्रम सिंह का बताया जा रहा है खेत, नहरी क्षेत्र के चक 27 BD के तीन जोरा माइनर की बताई जा रही घटना

Kuldeep Choudhary profil fotoğrafı
Kuldeep Choudhary1 yıl önce

यह कोई चमत्कार से कम नहीं है

Vikram Kumar Singh profil fotoğrafı
Vikram Kumar Singh1 yıl önce

ये है 850 ft जमीन के अंदर का पानी का उच्च दबाब वाला दबा हुआ भंडार (Confined Aquifier)...... जो कि मीठे पानी है। हां इस region में सरस्वती नदी कभी बहती थी। लेकिन ये नदी का पानी नहीं है।

OM PRAKASH SAINI profil fotoğrafı
OM PRAKASH SAINI1 yıl önce

आज की चर्चित तस्वीरें.....!!

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🇮🇳 🏹1 yıl önce

Tubewell phata hai, jahil.

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YD1 yıl önce

Confined aquifer....

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SURESH SOMARWAL JAAT1 yıl önce

नहीं ये तो नर्बदा नदी का पानी है जो गुजरात से प्रधानमंत्री जी पानी लाए थे वो ही🤨😜

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OM PRAKASH SAINI1 yıl önce

ये कोई चमत्कार से कम नहीं है, बाढ़ सी आ गई है।।

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आज देशभर में पानी का दोहन किया जा रहा है। मैं राजस्थान से आता हूं, जहां का क्षेत्रफल 3,43,000 वर्ग किलोमीटर है। देश की 10% जमीन अकेले राजस्थान के पास है, लेकिन पानी सिर्फ 1% है। राजस्थान में 180 लाख हेक्टेयर जमीन खेती लायक है, लेकिन 50% जमीन पर सिंचाई की व्यवस्था नहीं है। हमारा क्षेत्र मरूस्थल वाला रहा है, हमेशा पानी की कमी रही, इस कारण हमारी निर्भरता वर्षा जल संचयन पर रही है। • राजस्थान के चुरू में खारे पानी की समस्या है • बीकानेर में TDS लेवल हाई है • नागौर में अकाल की स्थिति बनी रहती है • सीकर, झुंझुनू में ग्राउंड वॉटर का Over-extraction किया गया है • गंगानगर में वॉटर सीवेज की बड़ी समस्या है लेकिन आज मैं उस 1,200 बिलियन क्यूबिक मीटर बारिश के पानी की बात करना चाहता हूं, जो नदियों के जरिए समुद्र में चला जाता है। अगर इस पानी का 5% हिस्सा टैप कर लिया जाए तो राजस्थान के 1 करोड़ हेक्टेयर जमीन में सिंचाई के लिए इस्तेमाल में आ सकता है। राजस्थान में पानी न पीने के लिए है, न सिंचाई के लिए.. लेकिन इतना जरूर है कि राजस्थान में पानी अब आंखों में आ गया है। : देश और राजस्थान में पानी की समस्या पर लोक सभा में Rahul Kaswan जी का वक्तव्य:

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17,722 görüntüleme • 1 yıl önce