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जहां-जहां भाजपा हार रही है, वहां वो सारे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, जो "गुजरात मॉडल" के नूमने हैं! श्रीगंगानगर में नगर परिषद चुनाव में कल वोटिंग से पहले आज पूर्व विधायक राजकुमार गौड़ जी के पारिवारिक सदस्यों के घर पुलिस के छापे डाले गए हैं। नोहर में कांग्रेस...

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3 条评论

bansilal bishnoi 的头像
bansilal bishnoi8 天前

पेपर लीक में सबसे बड़ी मछली अभी बाहर है,, तू मंत्री था तब तेरे समय कितने पेपर लीक होते थे भूल गया तू ,,

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Pradhuman Singh Rathore8 天前

Right sir

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Rajender Bishnoi8 天前

बीकानेर में भी बीजेपी सरकार जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं कर रही है, ये जनता का अपमान है,

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कहां है निर्वाचन आयोग? ये कैसी तानाशाही है? क्या भाजपा को अपनी हार का इतना डर है कि अब प्रत्याशियों के घर पुलिस भेजकर दबाव बनाएगी? करौली नगर परिषद में निर्दलीय प्रत्याशी निरोती जाटव जी ने अपनी एवं अपने परिवार की स्पष्ट सहमति से कांग्रेस के साथ जाने का फैसला किया। परिवार की ओर से कोई शिकायत तक नहीं है, फिर भी पुलिस प्रशासन का उनके घर पहुंचना, पूछताछ करना और परिवारजनों को धमकाना बेहद गंभीर मामला है। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जी चुनाव मैदान में मुकाबला जनता के वोट से होना चाहिए, पुलिस की धमकी और प्रशासनिक दबाव से नहीं। पूरे प्रदेश में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां भाजपा सत्ता के दुरुपयोग से निर्दलीय एवं जीत के संभावित उम्मीदवारों को डरा-धमका कर बड़ाबंदी करने में लगी है। निर्वाचन आयोग जवाब दें.. क्या करौली में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव हो रहा है, या सत्ता के दबाव में लोकतंत्र को डराया जा रहा है? आयोग तत्काल संज्ञान ले, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करे और प्रत्याशी व उनके परिवार को सुरक्षा एवं भयमुक्त माहौल सुनिश्चित कराएं। CEO RAJASTHAN Election Commission of India

Govind Singh Dotasra

42,562 次观看 • 17 天前

आखिरकार... मुख्यमंत्री जी के गृह जिले भरतपुर में वही हुआ, जिसकी पूरी उम्मीद थी। जनता द्वारा नकारे जाने के बाद भाजपा ने अपना मेयर बनाने के लिए सत्ता और पुलिसिया तंत्र का दुरुपयोग कर लोकतंत्र की हत्या कर दी। भरतपुर नगर निगम में भाजपा को 65 में से सिर्फ 20 सीटें मिली, फिर भी सत्ता के दम पर मेयर बनाने का षड्यंत्र रचा गया। बहुमत के आधार पर कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह जी का मेयर बनना तय था। लेकिन मुख्यमंत्री जी ने जनादेश को स्वीकार करने के बजाय सरकार के मंत्री को भेजकर निर्दलीय प्रत्याशी का नामांकन वापस करवा दिया। वहीं बानसूर में पूर्व मंत्री शकुंतला रावत जी के मजबूती से डटे रहने के बावजूद कांग्रेस के कैंप में बार-बार पुलिस भेजकर पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है, उन्हें धमकाने की कोशिश की जा रही है। उधर फतहनगर में ममता चपलोत जी के निर्दलीय चेयरमैन प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने के बाद उनके घर पर अवैध निर्माण का नोटिस देकर प्रताड़ित किया जा रहा है। कांग्रेस के कैंप में पुलिस जाकर धमका रही है। उदयपुर, अलवर, बीकानेर, कुचेरा, डेगाना, देवली-उनियारा समेत पूरे प्रदेश में भाजपाई सत्ता के दुरुपयोग का तांड़व चल रहा है। प्रदेश में जगह-जगह जहां जनादेश सत्ता की मर्जी के मुताबिक नहीं है, वहां पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई और दबाव के सहारे निकायों पर कब्जा करने का खेल चल रहा है।

Govind Singh Dotasra

54,157 次观看 • 11 天前

राजस्थान के निकाय चुनावों में जनता ने भाजपा के खिलाफ अपना स्पष्ट जनादेश एवं संदेश दिया। अधिकांश निकायों में जनता ने भाजपा को नकारते हुए कांग्रेस पार्टी को बहुमत एवं समर्थन दिया। लेकिन बोर्ड बनाने के दौरान जिस तरह भाजपा ने सत्ता के दबाव, पुलिस-प्रशासन के दुरुपयोग, पार्षदों की हिरासत, दबाव और खरीद-फरोख्त की, उसने न सिर्फ लोकतंत्र को शर्मसार किया है, बल्कि पूरी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को कलंकित करने का काम किया है। पहली बार राजस्थान में सत्ता का ऐसा तांडव देखने को मिला, जहां जनादेश के विपरित भाजपा ने बेईमानी, बेशर्मी, सत्ता और मशीनरी के दम पर अपने बोर्ड बनाए। जहां-जहां जनता ने भाजपा को स्पष्ट जनादेश नहीं दिया, वहां सत्ता, धनबल एवं बाहुबल के सहारे जनादेश को पलटने की बेहद खतरनाक परंपरा स्थापित की गई। लोकतंत्र की हत्या करके जनादेश लूटा गया। ये राजस्थान के हर मतदाता का अपमान और उसके वोट के साथ अन्याय है, जिसने भाजपा को खारिज करते हुए कांग्रेस पार्टी के जनप्रतिनिधि को चुनकर भेजा। राजस्थान की जनता ने पिछले एक हफ्ते में सत्ता की जो साज़िशें देखी हैं, वो कभी नहीं भूलेगी। सत्ता चाहे किसी की हो, जनादेश की चोरी और लोकतंत्र का अपमान राजस्थान की कभी स्वीकार नहीं करेगा। निकाय चुनाव में भाजपा ने जिस तरह से बेईमानी की, उसके बाद इस बात की पूरी आशंका है कि पंचायत चुनाव में भी भाजपा बेईमानी और सत्ता के दुरुपयोग का ये खेल खेलेगी। भाजपा को याद रखना चाहिए...कि पुलिस के पहरे में बोर्ड तो बनाया जा सकता है, लेकिन जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। सत्ता के दम पर कुर्सी हासिल की जा सकती है, जनादेश नहीं जीता जा सकता। निकाय चुनाव में सत्ता के अहंकार में जिस तरह से लोकतांत्रिक मर्यादाओं को कुचला गया, तानाशाही की गई, उसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक मजबूती से लड़ेगी।

Govind Singh Dotasra

23,641 次观看 • 8 天前

भाजपा द्वारा पूरे राजस्थान में लोकतंत्र पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। प्रदेश में जहां-जहां BJP को हार मिली है, वहां सरकारी मशीनरी और पुलिस तंत्र के दुरुपयोग से कांग्रेस व निर्दलीय पार्षदों को डराने-धमकाने व उठाने का खेल चल रहा है। झुंझुनूं के मंडावा में कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों के पीछे पुलिस का पूरा जाब्ता लगा रखा है। कांग्रेस पार्षदों को जबरन ले जाने के प्रयास लोकतांत्रिक मर्यादाओं और जनादेश का खुला अपमान हैं। मंडावा विधायक एवं झुंझुनूं कांग्रेस जिलाध्यक्ष रीटा चौधरी जी पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में खड़ी हैं, और भाजपा सरकार की इस तानाशाही का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दे रही हैं। मेरा सरकार से सीधा सवाल है.. क्या पुलिस का काम केवल कांग्रेस के कैंपों में पहरा देना, और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने का रह गया है? CMO Rajasthan Rajasthan Police Rajeev Sharma IPS

Govind Singh Dotasra

35,822 次观看 • 13 天前

लोकतंत्र की सारी हदें पार कर चुकी भाजपा बोर्ड की बौखलाहट में इस हद तक गिरेगी, ये कतई उम्मीद नहीं थी। मथानिया में लोकतंत्र का खुला मजाक बनाया जा रहा है। BJP विधायक के दबाव में पुलिस और प्रशासन द्वारा कांग्रेस व समर्थित निर्वाचित पार्षदों को मतदान से रोका जा रहा है। उधर तिजारा में सभापति की वोटिंग से पहले कांग्रेस व समर्थित 18 पार्षदों को रात से ही हरियाणा के जंगलों में बंधक बनाया हुआ है। पूर्व विधायक संदीप यादव जी को भी रातभर हरियाणा पुलिस द्वारा हिरासत में रख गया। अब केवल हाईकोर्ट से न्याय की उम्मीद बची है। वहीं कठूमर नगर पालिका में कांग्रेस पार्षदों को वोटिंग से पहले फोन पर धमकाया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन और सरकारी तंत्र का ऐसा दुरुपयोग राजस्थान की जनता से पहले कभी नहीं देखा, और इन सब के बीच राज्य निर्वाचन आयोग मूकदर्शक बना हुआ है। जनता सब देख रही है, वक्त आने पर इसका जवाब जरूर देगी। CMO Rajasthan Rajasthan Police State Election Commission Rajasthan CEO RAJASTHAN

Govind Singh Dotasra

52,004 次观看 • 8 天前

सत्ता पक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों को इस तरह कुचल रहा है कि मथानिया नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर खुलेआम सत्ता पक्ष के विधायक के बुलाने पर विधायक से मिलने के लिए परिसर से बाहर आ रहे हैं। मथानिया की जनता ने भाजपा को बहुमत से नकार दिया, तो अब सरकारी तंत्र पर दबाव बनाकर जनादेश के विपरीत बोर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह लोकतंत्र और जनादेश—दोनों का अपमान है। सत्ता पक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों को इस तरह कुचल रहा है कि मथानिया नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर खुलेआम सत्ता पक्ष के विधायक से मिलने के लिए परिसर से बाहर आ रहे हैं। मथानिया की जनता ने भाजपा को बहुमत से नकार दिया, तो अब सरकारी तंत्र पर दबाव बनाकर जनादेश के विपरीत बोर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह लोकतंत्र और जनादेश—दोनों का अपमान है।

Divvya Mahepal Madernna

13,584 次观看 • 8 天前

प्रदेश में लोकतंत्र का चीरहरण हो रहा है, लोकतंत्र की हत्या हो रही है। मथानिया में कांग्रेस के पार्षदों को पुलिस की तानाशाही और प्रशासन की गुंडागर्दी के दम पर वोट डालने से रोका जा रहा है, और चुनाव आयोग मूकदर्शक बना हुआ है। भाजपा सरकार पुलिस और प्रशासन की आड़ में प्रदेश में गुंडागर्दी की सारी हदें पार कर चुकी है। तानाशाही के दम पर वोट चोरी कर जनता के जनादेश का अपमान किया जा रहा है और जबरन बोर्ड बनाने का खेल खेला जा रहा है। यह चुनाव नहीं, लोकतंत्र की हत्या है, यह जनता के जनादेश का की लूट है। मुख्यमंत्री जी, कुर्सी बचाने के लिए और कितना गिरोगे ? पुलिस-प्रशासन के दम पर जनता का फैसला कब तक लूटोगे? Divvya Mahepal Madernna Congress Rajasthan PCC Govind Singh Dotasra Rahul Gandhi Mallikarjun Kharge K C Venugopal

Tika Ram Jully

16,113 次观看 • 8 天前

भाजपा का एक पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री , भाजपा के ही दूसरे वर्तमान सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री को कटघरे में खड़ा कर रहा है और डंके की चोट पर कह रहा है कि चुनाव में फ़र्ज़ी वोटिंग हुई है। ऐसे चुनाव में जिसमें गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपना वोट डाला था। भाजपा के चरित्र की सच्चाई पार्टी के लोगो के मुंह से ही सुन लीजिए। अब ये सत्यापित हो चुका है कि भाजपा के लोग चुनाव में फर्ज़ीवाड़ा करते हैं और निष्पक्ष चुनाव को प्रभावित करते हैं। हैरानी की बात है कि जिस चुनाव में गृह मंत्री अमित शाह ने ख़ुद वोट डाला था, दोनों प्रत्याशी भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री थे, और उनमें से एक वर्तमान में सांसद हो, उस चुनाव को भाजपा का ही एक प्रत्याशी फर्ज़ीवाड़ा वाला चुनाव बता रहा है । वोटचोरी के हमारे आरोप पर भाजपा के लोगो ने मुहर लगा दी है । वोट का बड़ा घोटाला है , धीरे धीरे सच जनता के सामने आ रहा है। #TejashwiYadav #VoteChori

Tejashwi Yadav

204,531 次观看 • 1 年前

पुलिस थाना केकड़ी सदर (अजमेर) में तैनात ये ASI राजेश मीणा जी हैं, जिन्हें अवैध खनन रोकने पर बुरी तरह पीटा गया, इनाम के तौर पर विभाग से संस्पेंशन मिला... क्योंकि इन्होंने भाजपा नेताओं के संरक्षण में चल रहे अवैध खनन पर हाथ डालने की हिम्मत की है। ये सिर्फ एक पुलिसकर्मी पर हमला नहीं, कानून के राज पर सीधा हमला है। भाजपा नेता एवं सीनियर पुलिस अफसरों की मिलीभगत से अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है, और कर्त्तव्य का पालन करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रताड़ित और अपमानित किया जा रहा है। पुलिस की वर्दी रौंदी जा रही है, और सरकार मौन दर्शक बनी बैठी है। क्या भाजपा सरकार अवैध खनन के आगे पूरी तरह समर्पण कर चुकी है?

Govind Singh Dotasra

46,003 次观看 • 8 个月前

नगर निकाय चुनावों में बोर्ड बनाने के लिए भाजपा पूरी तरह बौखला गई है। लोकतंत्र को कुचलने के लिए सत्ता का खुला दुरपयोग हो रहा है। #डेगाना में भाजपा प्रत्याशी द्वारा नामांकन पत्र में तथ्य छिपाने के खिलाफ कांग्रेस की आपत्तियों पर निष्पक्ष सुनवाई की मांग को लेकर जारी धरने पर लाठीचार्ज निंदनीय है। वहीं #मांढ़ण में निर्वाचित पार्षदों को शपथ लेने से रोका जा रहा है, लोकतंत्र को तार-तार किया जा रहा है। उधर #खंडार में भाजपा पार्षद मानवेंद्र जी को भाजपा द्वारा जबरन ले जाने के खिलाफ उनका परिवार दो दिन से उनकी रिहाई की गुहार लगा रहा है। एक के बाद एक ये घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस-प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। भाजपा को जनादेश स्वीकार कर लोकतंत्र से खिलवाड़ बंद करना चाहिए।

Govind Singh Dotasra

19,087 次观看 • 11 天前

मुख्यमंत्री जी का माहौल बनाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी, रोड शो और प्रचार की ताकत झोंक दी गई, लेकिन राजस्थान के मतदाताओं ने बता दिया कि मुख्यमंत्री जी की कोई लोकप्रियता नहीं है.. और प्रदेश सिर्फ भाजपा का कुशासन है। जिन 10 नगर निगमों में मुख्यमंत्री जी गए उसमें सिर्फ 4 में भाजपा को बहुमत है... निकाय चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया कि भजनलाल सरकार के खिलाफ जबरदस्त सत्ता-विरोधी माहौल है। जहां-जहां मुख्यमंत्री ने रोड शो किए, वहां जनता ने भाजपा के प्रदर्शन का हिसाब कर दिया। - अजमेर में 80 सीटों में से कांग्रेस 37, निर्दलीय 11, भाजपा 32 वार्ड में जीती, यानी 36 साल बाद कांग्रेस की वापसी हुई है। भाजपा के गढ़ में स्पीकर वासुदेव देवनानी जी और वरिष्ठ नेता अनिता बघेल जी के क्षेत्र में भाजपा को करारी शिकस्त मिली, यहां मुख्यमंत्री ने रोड शो किया था। - पाली में 65 सीटों में से कांग्रेस 29, निर्दलीय 15 और भाजपा 21 सीटों पर जीती। यानी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ जी के गृह जिले में कांग्रेस की सबसे बड़ी जीत हुई। राठौड़ जी अपने वार्ड में भी हार गए। मुख्यमंत्री ने यहां 3 वार्डों में रोड शो किया था। - बीकानेर की 80 सीटों में से कांग्रेस 42, निर्दलीय 10 और भाजपा को 27 सीटें मिली। कांग्रेस का ऐतिहासिक प्रदर्शन रहा, वर्तमान भाजपा मेयर भी चुनाव हार गईं और 15 साल बाद कांग्रेस का बोर्ड बनेगा। - जोधपुर की 100 सीटों में से कांग्रेस 44, निर्दलीय 10, भाजपा 44 सीटों पर रही। वोट शेयर कांग्रेस 42.7% और भाजपा 39.8% है.. यानी कांग्रेस स्पष्ट रूप से आगे है। - जयपुर में भी कांग्रेस का वोट शेयर भाजपा से ज्यादा है। परिणामों को रोककर रखने और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर सवालों के बावजूद अभी तक के आंकड़ों में कांग्रेस को करीब 6 हजार वोट अधिक मिले हैं। - मुख्यमंत्री जी के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर में कांग्रेस का वोट शेयर 38.8% और भाजपा का 35.9% यानी कांग्रेस का करीब 3% वोट ज्यादा है। - और सबसे बड़ा झटका भरतपुर में.. जो मुख्यमंत्री जी का गृह जिला है। जहां 65 सीटों में से निर्दलीय 36, भाजपा 20, और कांग्रेस 7 सीटों पर रही है। मुख्यमंत्री के गृह जिले में भाजपा की करारी हार। मुख्यमंत्री के अपने जिले में भाजपा सिर्फ 20 सीटों पर सिमट गई। जहां-जहां मुख्यमंत्री जी गए, वहां-वहां भाजपा को जनता ने आईना दिखाया। जहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का गृह जिला है, वहां भी कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है। ये निकाय चुनाव भजनलाल सरकार के खिलाफ जनता का बड़ा जनादेश है।

Govind Singh Dotasra

24,351 次观看 • 15 天前

राजस्थान में निकाय चुनाव में संभावित हार से भाजपा इतनी घबरा गई है कि मैदान में सिर्फ भाजपा नहीं, पूरी सरकारी मशीनरी उतार दी गई है! संभवत: ऐसा पहली बार हुआ जब सत्ताधारी दल के साथ पूरा सरकारी तंत्र चुनाव लड़ रहा हो। जानकारी में आया है कि आज पहले चरण की वोटिंग के बीच CMO और कलेक्टर स्तर से SDM को फोन करके वार्डों की स्थिति और जहां निर्दलीय मजबूत हैं उनके संपर्क तलाशे जा रहे हैं। ये स्थिति लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण संकेत है। आखिर सरकारी अफसरों को चुनावी गणित में जीत-हार का हिसाब लेने के लिए किसने अधिकृत किया? क्या BJP को जनता के वोट से ज्यादा भरोसा सरकारी मशीनरी और खरीद-फरोख्त के खेल पर है? पूरा देश जानता है कि किस तरह भाजपा विपक्ष की चुनी हुई सरकारों को गिराने, खरीद-फरोख्त से सत्ता में आने और एजेंसियों के दुरुपयोग से विपक्ष के नेताओं पर दबाव बनाने का काम करती है। क्या भाजपा गुजरात मॉडल के वही तौर-तरीके अब निकाय चुनावों में राजस्थान में आजमाने की कोशिश में लगी? राजस्थान की जनता सब देख रही है, जनता के वोट को खरीदने और जनादेश को कुचलने की हर साजिश का जवाब जनता अपने वोट से देगी। मैं राजस्थान ब्यूरोक्रेसी और सरकारी तंत्र से अपील करता हूं कि वो किसी भी राजनीतिक दबाव में न आएं एवं लोकतंत्र के इस पर्व में अपने संवैधानिक दायित्व को सर्वोपरि रखें। CMO Rajasthan

Govind Singh Dotasra

32,653 次观看 • 20 天前