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जिहादी,वामपंथी पत्रकार आपको कांवड़ियों की नेगेटिव तस्वीर दिखा रहे है। हम आपको कांवड़ियों की सुखद तस्वीर दिखाएँगे। वो टुकड़ों पर पलने वाले पत्रकार जो कांवड़ियों के लिए प्रॉपगैंडा फैलाने में लगे है। उसको हम कामयाब नहीं होने देंगे। हर हर महादेव।

140,627 次观看 • 2 年前 •via X (Twitter)

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दिल्ली देश की राजधानी है। यहाँ हर राज्य से लोग आते हैं। यहाँ हर प्रदेश के नंबर की गाड़ियां चलती हैं। किसी भी राज्य के नंबर की गाड़ियां देश के किसी भी हिस्से में जा सकती हैं, इस पर कोई रोक टोक नहीं है। बीजेपी का ये बयान सुनिए। ये बेहद खतरनाक, चिंताजनक और पंजाबियों के लिए अपमानजनक है। ये पंजाब के नंबर की गाड़ियों को चिन्हित करके कह रहे हैं कि दिल्ली में पंजाब की गाड़ियां क्यों घूम रही हैं? वो ऐसे कह रहे हैं जैसे पंजाबी देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। ये मेरे और देश के हर पंजाबी के लिए बेहद अपमानजनक है। आज हर पंजाबी बेहद पीड़ा और अपमान महसूस कर रहा है। अपनी गंदी राजनीति के लिए इस तरह पंजाबियों की देशभक्ति पे सवाल उठाना ठीक नहीं है। अमित शाह जी, आप ना देश के बॉर्डर को सुरक्षित रख पा रहे हो और ना ही दिल्ली को। इतने हज़ारों बांग्लादेशी और रोहिंग्या पूरे देश में आ रहे है, आपको उनसे दिक्कत नहीं है? लेकिन पंजाब से दिल्ली आनेवाले पंजाबियों को आप देश के लिए खतरा बोल रहे हो। आपको पंजाबियों से माफ़ी माँगनी चाहिए

Bhagwant Mann

252,030 次观看 • 1 年前

सिगरेट की तरह जलते हैं हम, तुम्हारी बाहों में खोते हैं हम। हर कश में छुपा है एक अहसास, हर साँस में बसा है तुम्हारा प्यार का पास। धुआँ बनकर उड़ते हैं ख्यालों में, पर हर साँस में तुम्हें ही पाते हैं हम। तुम्हारी आँखों में छुपा है समंदर, जिसमें डूबने को तैयार हैं हम बेखबर। सिगरेट की तरह खत्म हो जाते हैं, पर तुम्हारी यादों में हमेशा रह जाते हैं। इश्क़ का ये आलम है अजीब सा, जलते हैं हम, पर ठंडक पाते हैं तुमसे ही सदा। तुम्हारी बाहों में जो सुकून मिला, वो कहीं और न कभी हमें मिला। सिगरेट की तरह जलकर राख हो जाएँ, पर तुम्हारे प्यार में हमेशा जी जाएँ।
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सिगरेट की तरह जलते हैं हम, तुम्हारी बाहों में खोते हैं हम। हर कश में छुपा है एक अहसास, हर साँस में बसा है तुम्हारा प्यार का पास। धुआँ बनकर उड़ते हैं ख्यालों में, पर हर साँस में तुम्हें ही पाते हैं हम। तुम्हारी आँखों में छुपा है समंदर, जिसमें डूबने को तैयार हैं हम बेखबर। सिगरेट की तरह खत्म हो जाते हैं, पर तुम्हारी यादों में हमेशा रह जाते हैं। इश्क़ का ये आलम है अजीब सा, जलते हैं हम, पर ठंडक पाते हैं तुमसे ही सदा। तुम्हारी बाहों में जो सुकून मिला, वो कहीं और न कभी हमें मिला। सिगरेट की तरह जलकर राख हो जाएँ, पर तुम्हारे प्यार में हमेशा जी जाएँ।

📍हमदर्द अल्फाज़📍

35,291 次观看 • 1 年前