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टीवी पत्रकारिता से ज़्यादा कठिन है ये काम
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Комментарии: 30

बहुत अच्छे,,,, ♥️♥️♥️♥️

गांव के बाजरे की सरे चूल्हे में पकाकर खाने की याद दिला दी सर मन प्रफुल्ल हुआ आपकी सादगी देखकर ये है असली जीवन

वाह हेमंत सा आपने तो सीटा मोरना भी आवै

देशी अंदाज़

@JAATbhairusingh ग़ज़ब सर ♥️♥️♥️♥️

❤️😊

जितना कठिन है उतना स्वादिष्ट

💓

भाई साहब किसान का बेटा हर काम कर सकता है

इस सादगी को देखकर मन प्रफुल्ल हुआ सर। AC में बैठने वाले हाई प्रोफेशन के लोग अक्सर ऐसी देशी लाइफ़ नहीं अपना सकते। I mean इस अंदाज में नहीं देख सकते..,,☺️

मोरण

❤️❤️

आप हर विधा में पारंगत है...!

देशी खाना खा रहे हो जी गांव में। गांव की जिंदगी बेस्ट है जी सिटी से

aap to kisan nikale

😂😂

शानदार सर

शानदार सर

❤️🤗

बाजरी रा सीऽटा होग्या के? म्हारे चुरु जिलै रै सरदार शहर तहसील रै म्हारे गांव म: ओज्यु कोनि हुया। राम राम सा ऽऽ 🙏।

भंवर जी आप क भी हुज्या सी थोड़ी जेज लागसी 🙏

सा'ब पैली मेऽ कोनि हुयो आज का'ल मं हुयो है बाजरो तुरड़ीजग्यो। राम राम सा ऽऽ, शुभ रात्रि 🙏.

Jai shri krishna

इस कठिन कार्य का मज़ा ही अलग ह

Sir meri job lag gai Apne mujhse wada kiya tha Swamani jimne ka Me apse kese sampark karunga

Wow भैया aap तो देशी किसान भी हो 😀 जो अपना मूल काम है उसको ना भूले आप

गांव आग्या की

खेत का काम बोत दोरा है सर

शासन सचिवालय वाले कुंदन जी अंकल और आप मौलासर की पावन धरा पर अकेले अकेले ही..स्वाद ले रहया हो .. थोड़ो क बाजरा क़ो मोरण थाँक नानेरा बापा (अम्बापा )म ही पुगा देता 😊

Bahut Bhadiya Bhai 🤩🤟
