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ताकत मंदिर में नहीं संसद में है #bhantesumitratan
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5 Comments

Mahant Ravi Puri ji Maharaj2 years ago
ताकत तो यहां है,

Sanjeev Sagar son of Rampur up2 years ago
मैं आपसे पूछना चाहता हूं क्या ताकत मस्जिदों में पीर दरगाहों में है या नहीं

MYSTIC2 years ago
सही कहा जय भीम

अजय जन्मेजय2 years ago
संसदमें आस्था होतीतो ये #हूं_हुआ_हूं_हुआ जैसेनहीकरते। विपक्ष संसद को सम्मान नही देनाचाहताहै। आस्था नहीहैतो वह धर्मनही,धर्म माने धारण करनेयोग्यआदर्श नियमहोताहै। आस्था कोही धर्म कहतेहै चाहे वो प्रकृतिपर आस्थाहो या प्रकृतिसेपरे तत्वपरहो। 90% लोग #प्रकृति_से_परे पर अधिक आस्थावन है।

Neeraj2 years ago
10 k हजार साल के इतिहास में संसद 70 साल से है। ताकत स्वयं मनुष्य में होती है, पुरुषार्थ, संयम, कर्तव्य परायणता, संवेदनशीलता, सहनशीलता, आदि में है। ताकत भगवान बुद्ध के चरित्र में है। मंदिर तो उन गुणों को अपनाने, प्रेरणा और पहचानने का स्थल मात्र है।
