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तुम देखना मज़लूम को ग़द्दार लिखेंगे मैं जानता हूँ कल जो ये अखबार लिखेंगे। हम आपके महलों की दीवारों पे इंकलाब सौ बार मिटा दीजिये, सौ बार लिखेंगे। -अज्ञात

40,204 views • 2 months ago •via X (Twitter)

19 Comments

Farhana Khan's profile picture
Farhana Khan2 months ago

सच को दबाया जा सकता है, मिटाया नहीं। मज़लूम की आवाज़ जितनी रोकी जाएगी, उतनी बुलंद होकर लौटेगी।

Vipin Yadav Raj's profile picture
Vipin Yadav Raj2 months ago

असत्य और हिंसा से मोदी सरकार ने देश के छात्रों को प्रताड़ित किया है उनके हर वार के ख़िलाफ़ हम छात्रों के साथ डट कर खड़े हैं - सत्याग्रह और अहिंसा के बल पर

Md Shahnawaj's profile picture
Md Shahnawaj2 months ago

कलम भी हमारी है, आवाज़ भी हमारी है, ये धरती, ये तिरंगा, पहचान हमारी है। मिटाने चले हो जो इतिहास के पन्नों को, हर पन्ने पर लिख देंगे—भारत जान हमारी है।

shiv yadav's profile picture
shiv yadav2 months ago

मीडिया ने दलाली का रास्ता चुन कर देश को बर्बाद करने का बीड़ा उठा रखा है।

Rajshri's profile picture
Rajshri2 months ago

इंकलाब ज़िंदाबाद

Farhana Khan's profile picture
Farhana Khan2 months ago

#mr.perfect khan zindabaad..!!♥️♥️♥️

Genz + Millennial's profile picture
Genz + Millennial2 months ago

पेपर लीक वाले के बाद इथेनॉल वाले का नंबर है. #संसद_मार्च

MD. Sami ☯'s profile picture
MD. Sami ☯2 months ago

❤️

Ag Ubair Pathan's profile picture
Ag Ubair Pathan2 months ago

Zindabad zindabad

Chandrakant Jajodia (Babu)'s profile picture
Chandrakant Jajodia (Babu)2 months ago

@ashokgehlot51 @BJP4India @BJP4Rajasthan @INCIndia गद्दारी तो गांधी परिवार के खून में रही है देश के बंटवारे से लेकर 70 सालों के राज तक उन्होंने देश के साथ गद्दारी ही की है आतंकवादियों का साथ दिया नक्सलवादियों का साथ दिया है चीन का साथ दिया है पाकिस्तान का साथ दिया है

Gunahon Ka Devata's profile picture
Gunahon Ka Devata2 months ago

तुम देखना फुस्स हवा को आँधी लिखेंगे खान के पोते को गांधी लिखेंगे तुम कितनी भी तारीफ़ करो पप्पू की हम हर बार चुनावों में मोदी लिखेंगे

Atikh_lala_Official's profile picture
Atikh_lala_Official2 months ago

Bahot Khub Imran Sahab

Manoj Singh's profile picture
Manoj Singh2 months ago

Watch for RaGa

Nadeem's profile picture
Nadeem2 months ago

.

Nitin Sharma's profile picture
Nitin Sharma2 months ago

Please Subscribe my Channel 🙏

Roqaiya Bashri (Rumi)'s profile picture
Roqaiya Bashri (Rumi)2 months ago

शानदार 👍🏽

Soji Jacob's profile picture
Soji Jacob2 months ago

Beautiful lines. History has shown that labelling the oppressed as traitors never silences the demand for justice for long.

Ehtesham's profile picture
Ehtesham2 months ago

Completely disgusting

Mahender Sundriyal's profile picture
Mahender Sundriyal2 months ago

मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की शान में नज़्में लिखीं थी वो तुम ही थे न? एक बार उन के तलवे चाटते हुए तो नज़्में पढ़ीं थीं वो सुना दीजिए।

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एक माँ की चीत्कार मैंने पहले ही जान लिया था… कि आज मैं मर जाऊँगी। हाँ, जब मैंने उस नाव पर कदम रखा था, उसी वक़्त जान लिया था कि ये सफ़र मंज़िल तक नहीं जाएगा। इसलिए… मैंने उसे और कसकर पकड़ लिया। तुम्हें लगता है ये हादसा था? नहीं। ये तय था। पहले से तय था जैसे तय था कि इस नाव में बचाने का कोई इंतज़ाम नहीं होगा। जैसे तय था कि लाइफ जैकेट गिनती की होंगी… और ज़िंदगियाँ ज़्यादा। जैसे तय था कि जब हम डूबेंगे तो मदद रास्ते में ही अटक जाएगी। और जैसे तय है कि मेरे मरने के बाद तुम सब कुछ दिन रो लोगे… कुछ दिन चिल्ला लोगे… फिर चुप हो जाओगे। देखो मुझे मैं अब भी उसे पकड़े हूँ। मरकर भी… मैंने उसे छोड़ा नहीं। क्योंकि मुझे तुम पर भरोसा नहीं था। मुझे पता था अगर मैंने छोड़ दिया, तो तुम भी छोड़ दोगे। तुम्हारे लिए हम सिर्फ एक “न्यूज़” हैं। दो दिन की हेडलाइन। तीसरे दिन… नई कहानी। मेरा बच्चा तुम्हारी स्क्रीन पर बस एक तस्वीर रहेगा। लोग लिखेंगे… “दिल दहला देने वाली तस्वीर…” फिर स्क्रोल कर देंगे। मुझे पता था… मेरे घर तक मुआवज़ा पहुँचेगा। काग़ज़ों में मेरी कीमत तय होगी। और उसी काग़ज़ के नीचे मेरी मौत दब जाएगी। पर सुनो मैं मरकर भी पूछ रही हूँ… कितनी बार मरेंगे हम? कब तक यूँ ही मरते रहेंगे हम कितनी बार माँ अपने बच्चे को ऐसे ही पकड़कर पानी में उतरेंगी… और वापस नहीं आएँगी? कितनी बार तुम कहोगे “जांच के आदेश दे दिए गए हैं”? कितनी बार हम कीड़े-मकोड़ों की तरह गिने जाएँगे… और फिर भुला दिए जाएँगे? मेरी ये तस्वीर.. हाँ, यही… दो दिन तक तुम्हें विचलित करेगी। दो दिन तक तुम इसे शेयर करोगे, रोओगे, गुस्सा करोगे… और तीसरे दिन मैं मर जाऊँगी… दूसरी बार। किसी की भूल से .. किसी की गलती से किसी की लापरवाही से फिर कहीं . कोई और माँ ऐसे ही अपने बच्चे को पकड़े मिलेगी। और तुम फिर लिखोगे.. “दिल दहला देने वाली तस्वीर…” और मैं… फिर से मरूँगी। बार-बार। क्योंकि इस देश में हम मरते नहीं हमें भुला दिया जाता है। और फिर… तुम जैसे कविता लिखने वाले लोग लोग, एक और कविता लिखेंगे। कहेंगे “मैं बहुत विचलित हूँ…” “मैं सो नहीं पाया…” “ये तस्वीर मेरे ज़ेहन से नहीं निकल रही…” दो दिन तक तुम सचमुच टूटे रहोगे और तीसरे दिन तुम सब ठीक हो जाएँगे। सब भूल जाएँगे। और फिर किसी और माँ की बारी होगी। -शांत

Vinod Kapri

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मेरी मृत्यु से पहले मेरी पंक्तियाँ कविता को सवर्णों को पहुंचा दो। शायद सवर्ण समाज का स्वाभिमान जाग जाए। मैं बार बार लाठी डंडे खा रहा हूँ खून बहा रहा हूँ हाथ पैर तुड़वा रहा हूँ कि मेरा देशभक्त समाज टूटते भारत के भविष्य को बचा ले। आपका - पंकज धवरैय्या ॥ तुम जिंदा हो कैसे, मुर्दे से लगते। मैं मरकर हमेशा जिंदा रहूँगा, मैं मरकर हमेशा जिंदा रहूँगा। वतन के लियॆ लाठी डंडे हे खाए बचा तो अगर में जिंदा मरूंगा। अन्याय की बेडी टूटे ना टूटे मैं लड़कर हा खून को बहाता रहूंगा। ये ugc आरक्षण को मिटा लो में वरना हा तुमको कायर कहूंगा। में मर भी हा जाऊं खुद लड़ते लड़ते माँ भारती का पूत रहूंगा

PankajDhavraiyya RspChief

18,804 views • 1 month ago

जो इज़राइल ने कल देखा है वो ना पहली बार हुआ है ना आख़िरी बार , जो इज़राइल ने कल देखा है वो भारत ने पहले ना जाने कितनी बार देखा है , जब अयोध्या में , मथुरा में , काशी में मंदिरों को तोड़ा गया होगा तब उन शहरों ने वहीं दृश्य देखा होगा जो इज़राइल ने कल देखा है डायरेक्ट एक्शन डे के दिन कोलकाता की गलियों ने वहीं दृश्य देखा होगा जो इज़राइल ने कल देखा है अफ़ग़ानिस्तान में , कश्मीर में ना जाने कितनी बार मेरा मक़सद आपको निराश करना नहीं है , मेरा मक़सद आपको ये याद दिलाना है कि आपके ऊँचे भवन और आपकी मज़बूत चार दिवारी, आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा की गारंटी नहीं है अफ़ग़ानिस्तान से जो लोग भागे पिछले साल वो कोई गरीब लोग नहीं थे , कश्मीरी पंडितों के सेब के बाग़ान थे , कराची, रावलपिंडी में लाहौर में जो लोग रहते थे वो शायद आपसे ज़्यादा वैश्वशाली और समर्थ थे इसलिए आइये संकल्प करें , सोने की चिड़िया नहीं बनना है , माँ भारती को सोने का शेर बनाना है : कपिल मिश्रा

Kapil Mishra

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सवाल : आपने गांव का विकास सोचा था, कांग्रेस पार्टी ने लेकिन अब सरकार तीन सौ रुपया टैक्स लगाने जा रही है गांवों में सफाई के नाम पर। जवाब : ये कुछ भी कर सकते हैं। सरकार नाम की चीज तो है नहीं। कौन तो सरकार को एडवाइस कर रहा है, किसके अनुभव काम ले रहे हैं, वो मेरी तो जानकारी में नहीं है। सवाल : सर, आदर्श घोटाला जो हुआ उसको आपने पुरजोर तरीके से उठाया था। जवाब : आदर्श भी था वो दूसरा क्या था नाम उसका, संजीवनी। अब संजीवनी के लिए मैं कई बार कह चुका हूं मंत्री जी को चाहिए मुझसे बातचीत करें। हम दोनों मिलकर उनकी हेल्प करें। अगर हमारे मंत्री जी पर कोई आरोप है ही नहीं तो हम दोनों को मिलकर काम करना चाहिए ना इसके लिए। वो आगे क्यों नहीं आ रहे बताइए? कई बार मैं ऑफर कर चुका हूं। ये स्थिति है। आदर्श घोटाला जो है अब जाकर सरकार ने कोई हलचल की है। उम्मीद बंधी है कि कोई राहत मिलेगी लोगों को। मैंने पढ़ा अखबार के अंदर इसको।

Ashok Gehlot

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