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तिम्रा बाहरु खेल हेरेर खुरुखुरु घर गए, हाम्रा मेयरज्यु यता खेलाडीलाई सम्मान गर्दै

38,445 просмотров • 1 год назад •via X (Twitter)

Комментарии: 5

Фото профиля Darshan Shrestha
Darshan Shrestha1 год назад

Baa basya bhae pitai khanthe

Фото профиля The Forbidden Warrior
The Forbidden Warrior1 год назад

Yeslai vanxa Damage Control.

Фото профиля Somraj Gharti
Somraj Gharti1 год назад

Great

Фото профиля GaganBasnet
GaganBasnet1 год назад

Tiktok kalle banai dinu..core supporter nai YouTubey tiktoker ho..

Фото профиля Yam lal Ghising
Yam lal Ghising1 год назад

Mayor dae ko kapal chae ho k😜

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रोजगारका लागि केदारनाथमा काम गर्न गएका हाम्रा नेपाली दाजुभाइमाथि भएको यस्तो व्यवहार अत्यन्त दुःखद र निन्दनीय छ। केदारनाथ जाने यात्रुहरुलाई मन्दिरसम्म पुर्‍याउने कठिन काम गर्ने नेपाली युवालाई यसरी कुटपिट गर्नु कुनै पनि हालतमा सही मान्न सकिँदैन। यस्तो व्यवहार त जनावरलाई पनि गरिँदैन। यो दृश्यले निकै दुःख लाग्छ। बाध्यतावश धेरै नेपाली युवा रोजगारीका लागि भारत लगायत अन्य देशमा जान्छन्, तर त्यहाँ अपमान र हिंसा सहनुपरेको खबर आउँदा चिन्ताको विषय बन्छ। नेपाल सरकारले विदेशमा काम गर्ने नेपाली नागरिकको सुरक्षा, सम्मान र अधिकारका लागि गम्भीर रूपमा आवाज उठाउन आवश्यक छ, ताकि हाम्रा नेपाली युवाले जहाँ गए पनि सम्मानजनक व्यवहार पाउन सकून्। 👇

शशांक घिमिरे 🇳🇵🇦🇺

19,666 просмотров • 1 месяц назад

उताको यान त हेर्नु भयो होला -- यताको पनि नमुना प्रयास हेर्नु होस् । केहि नेपाली भाईबहिनीहरुले ठुलो प्रयास गरेर यति सम्म गरेकै हुन् र गर्दै पनि छन् । तर पैसा धेरै लाग्ने हुनाले उनीहरुलाई नेपा;लमा रोक्न एकदमै गाह्रो भएको छ । हाम्रा प्यारो नेताहरु संसद भवनमा झगडा गर्न मै व्यस्त छन । उहाँहरुलाई यता तिर हेर्ने फुर्सद नै छैन । अनि मन्त्रालयको सचिबहरुलाई यो बिषयमा केहि चासो नै छैन । अनि प्रतिभाहरु विदेश पलायन नभएर के भकुण्डो हरेर बस्छन त ??? प्रतिभाहरुलाई माया गरेर राख्ने हो भने दश पन्ध्र बर्ष भित्रमा हाम्राले पनि सक्छन । बात और झगडा कर्ता है ठुला ठुला । आँखा नही देख्ता है 😂🤣🤣👹🙏

Mahabir Pun

22,990 просмотров • 2 лет назад

मैले त चुनाव हारेँ तर जित्ने नेता यस्ता नहुन्! “यस्तो सम्मान र स्वागत अमेरिकाको राष्ट्रपति आउँदा एकपटक देखिएको थियो, त्यसपछि कहिल्यै देखिएको थिएन। अहिले नेपालको प्रधानमन्त्री आउँदा देखियो भनेर मलाई भारतीय नेताहरूले समेत भने।“ प्रधानमन्त्रीले संसदमा त्यसो भन्दा धेरै सांसदले ताली पनि पिटे। के बोल्ने थाहा छैन। के नबोल्ने पनि थाहा छैन। तर चुनाव जितेको जित्यै छन्। प्रधानमन्त्री भएको भएकै छन्। देशको प्रधानमन्त्रीको यो र यस्तै स्तरका टिप्पणीहरू हेरेर विदेशीहरूले के भन्ठान्दा हुन्! “औपचारीक भ्रमण”लाई “राजकीय भ्रमण” भनेर प्रधानमन्त्रीको कार्यलयकै ट्विटरमा लेखिँदा के सोच्दा हुन्। एउटा देशको प्रधानमन्त्रीले अर्को देशको भ्रमण गर्दा महिनौँदेखि त्यसको सार्वजनिक चर्चा अनि प्रधानमन्त्रीकै तहबाट बारम्बार भ्रमण “ऐतिहासिक” हुन्छ, कुन्नी के, के हुन्छ भनिरहेको देख्दा कति छक्क पर्दा हुन्। परराष्ट्रजस्तो विश्व राजनीतिमा अत्यन्तै महत्वपूर्ण मन्त्रालय हाँक्ने एकपछि अर्को मन्त्रीहरूको स्तर देखेर के भन्दा हुन्। हाम्रो भ्रमण दलका सदस्यहरू ठाऊँ-कुठाऊँ मोबाइलमा फोटो र सेल्फी खिचेको देख्दा कति हाँस्दा हुन्। अनि यिनलाई बाटोमा दुईवटा गलैँचा ओछ्याएर केही महिला नचाउँदा “गज्जबको स्वागत” नलागे, कसलाई लागोस्? यिनीहरू यही स्तरको स्वागतका लागि योग्य छन् भन्ने संभवत: host (आतिथेय) राष्ट्रले पनि बुझिसक्यो। विश्व राजनीति हाँक्ने देशका नेतालाई हाम्राजस्ता नेताबाट “चाहेको कसरी लिने र बदलामा आश्वासन कसरी दिने” भन्ने थाहा नहुने कुरै भएन। अझ पाराकाष्ठा त के भने, हाम्रा नेता र भ्रमण टोलीमा “सात वर्षअघि नै दिने समझदारी भएको १५ वटा राँगो, प्रधानमन्त्रीको उच्चस्तरीय भ्रमणमा लिनु उपयुक्त देखिँदैन, यसलाई पछि गरौँ” भन्नेसम्म बुद्धी देखिएन। मैले दुई दिनअघि लेखेको थिएँ, “राष्ट्र र राज्यका रूपमा हाम्रो benchmark (स्तर-तह) यति तल झरिसक्यो कि अब त्यसलाई उठाउन धेरै कठिन छ।“ जनताले पत्याएनन्, मैले त चुनाव हारेँ -- ठिकै छ। तर यस्तो स्तरका नेताले चुनाव नजितुन्! (भिडियो:

Rabindra Mishra

95,273 просмотров • 3 лет назад

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने सबूतों के साथ देश को दिखा दिया है कि कैसे हरियाणा में वोट चोरी हुई। जो कांग्रेस चुनाव जीत रही ​थी, उसे वोट चोरी करके हराया गया और हरियाणा की जनता से सरकार चुनने का अधिकार छीन लिया गया। हरियाणा में वोट चोरी के पांच तरीके अपनाए गए। नकली वोटर बनाए गए। गलत पतों का इस्तेमाल हुआ। एक-एक घर में बड़ी संख्या में वोटर दर्ज किए। असली नाम ​काटे गए और फर्जी नाम जोड़े गए। अब यही खेल बिहार में खेला जा रहा है। अब सबकुछ देश के सामने है और हमें यकीन है कि भारत के 140 करोड़ लोग हर हाल में अपने वोट के अधिकार, अपने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।

Priyanka Gandhi Vadra

104,091 просмотров • 8 месяцев назад

अहमदाबाद : अकल्पनीय स्थिति के बीच पिछले तकरीबन 70 घंटों से बीना थके हारे प्रशासनिक अधिकारी/कर्मचारी काम मैं लगे है. जब सब कुछ राख हो चुका हो ऐसे मैं DNA मैच करना आसान नहीं है बावजूद अधिकारी लगातार कोशिशें कर रहे है.DNA की प्रक्रिया भी जटिल है. जिनके DNA मैच हो गए है उनके पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ उनके घर पहुंचाया जा रहा है. आगे एक पायलट कार होती है, परिवार के साथ एक SDM और एक सीनियर पुलिस अधिकारी रहता है. शब घर पहुंचे उससे पहले जिला कलेक्टर और SP मौजूद होते है. पहली तस्वीरें कंट्रोल रूम की है जिस मैं शब को समान के साथ घर तक पहुचाने की तैयारियाँ दिख रही है. दूसरी तस्वीरें जिस मैं शब लेकर जा रहे परिवारजनो को पायलोटिंग दी जा रही है. तीसरी तस्वीर मैं पुलिसकर्मी सम्मान देते नजर आ रहे है. चौथी तस्वीर मैं पीड़ित परिजनों को पुलिस अधिकारी द्वारा मार्गदर्शन दिया जा रहा है. Harsh Sanghavi | Gujarat Police | #AhmedabadPlaneCrash | #Ahmedabad | #AirIndiaPlaneCrash

Janak Dave

57,084 просмотров • 1 год назад

आज़ाद भारत में पहले मुख्यमंत्री हुए योगी आदित्यनाथ जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश जी के घर ख़ाली करने के बाद गंगाजल से उसकी शुद्धि कराई, तब बटेंगे-कटेंगे याद नहीं आया? भगवान की जाति खोज कर अपनी जाति को उससे जोड़ कर अभिमान लिया तब बटोगे-कटोगे याद नहीं आया? शहीदों की जाति देख कर उनको पैसे बाटे तब बटोगे -कटोगे कहाँ गया? 6800 OBC शिक्षकों का आरक्षण खा गए तब भी बटोगे याद नहीं आया! याद क्या रहा ? अपने स्वजातियों को “ लोकतंत्र सेनानी” बताकर सम्मान देना? नाम की सूची पढ़ी है मैंने आप उपनाम सुन लें, ये घोर जातिवाद नहीं तो क्या है? एक दलित-पिछड़ा नहीं मिला सम्मान देने के लिए ?

Priyanka Bharti

29,956 просмотров • 1 год назад

खाटू श्याम तीर्थ में हिन्दू तीर्थयात्रियों को मिलता हुआ सम्मान देखिये,दरअसल तेज़ बारिश में कुछ महिला-पुरुष तीर्थयात्री एक दुकान में खड़े हो गए,दुकानदार को आपत्ति हुई... तो स्त्री तीर्थयात्रियों तक को लाठी से पीटा गया !! कहीं भगदड़ में मरते हैं,कहीं बस गिर जाती है...कभी बाढ़ और भूस्खलन में मर जाते हैं,कभी हेलीकॉप्टर गिर जाता है...कहीं कहीं तो रिक्शेवाले पीट देते हैं... कहीं पुलिस वाले भी ठोक देते हैं... एक उनकी हजयात्रा हो या अजमेर या निज़ामुद्दीन जाना हो...ठाठ से जाते हैं... सरकारें सिर के बल खड़ी रहती हैं,सम्मान में !! पागलों, पिटने जाते ही क्यों हो, शान से घर मे बैठते क्यों नहीं...

Ocean Jain

22,386 просмотров • 1 год назад

हल्द्वानी, रामनगर, ऋषिकेश और देहरादून के बाद अब बागेश्वर की सरयू नदी में भी गणेश विसर्जन शुरू हो गया है। लेकिन देवभूमि उत्तराखंड में इसकी परंपरा कभी नहीं रही। यहाँ देवता, गणेश सहित, सदा पूजित और स्थायी रूप से विराजमान माने जाते हैं। महाराष्ट्र में विसर्जन का भाव है कि भगवान कुछ दिनों के लिए घर आए और फिर अपने लोक लौट गए। पर उत्तराखंड की आस्था अलग है। यहाँ विसर्जन का धार्मिक औचित्य नहीं है, और इससे हमारी पवित्र नदियाँ प्रदूषित होती हैं। सच्चा सम्मान यही है कि गणेश जी को घर या मंदिर में स्थायी रूप से विराजित किया जाए। यही हमारी संस्कृति और पर्यावरण दोनों की रक्षा है। गणपति बप्पा मोरया 🙏 #GaneshChaturthi #Uttarakhand

Kumaon Jagran

48,969 просмотров • 10 месяцев назад