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तुम्हारे महल चौबारे यहीं रह जाएंगे सारे... 🎶 (🎥: तीसरी कसम)

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लिबिया के अमीर अल महदी मंसूर अल गद्दाफी हज यात्रा पर जाने के लिए अपने ग्रुप के साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन वहां उनके नाम को लेकर अप्रत्याशित अड़चन आ गई। सुरक्षा अधिकारियों ने उनके नाम के साथ जुड़े 'गद्दाफी' उपनाम को देखते हुए उन्हें चेक-इन काउंटर पर रोक लिया और लंबी पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान उनका हज जत्था प्लेन में सवार होकर रवाना हो गया। लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान को तकनीकी खराबी के चलते वापस त्रिपोली एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा। हालांकि, जब अमीर गद्दाफी दोबारा विमान में चढ़ने पहुंचे, तो पायलट ने तकनीकी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए विमान का दरवाज़ा खोलने से इनकार कर दिया, और एक बार फिर वे यात्रा से वंचित रह गए। मगर इस कहानी में ट्विस्ट यहीं खत्म नहीं हुआ। कुछ समय बाद विमान ने फिर से उड़ान भरी, लेकिन इस बार भी उसमें तकनीकी गड़बड़ी आ गई और उसे तीसरी बार त्रिपोली एयरपोर्ट पर लैंड कराना पड़ा। यात्रियों और चालक दल के अनुसार, लैंडिंग के बाद विमान के कैप्टन ने ऐलान किया: "मैं कसम खाता हूं, जब तक आमिर गद्दाफी इस विमान में सवार नहीं होंगे, हम उड़ान नहीं भरेंगे।" इसके बाद अधिकारियों ने सुरक्षा जांच पूरी कर अमीर गद्दाफी को यात्रा की इजाज़त दे दी। तीसरी कोशिश में आखिरकार वे विमान में सवार हो गए और हज यात्रा पर रवाना हो पाए। अमीर गद्दाफी ने इस पूरे घटनाक्रम को अल्लाह की मर्ज़ी और करिश्मा बताया। उन्होंने कहा, "जिसे अल्लाह बुलाता है, उसके लिए सारी रुकावटें हट जाती हैं।" #Haj2025 #Libya

The Pressmark

28,530 Aufrufe • vor 1 Jahr

कुछ लोग सवाल करते हैं कि भीमा कोरेगांव शौर्य दिवस के नाम पर आज़ाद भारत में अंग्रेज़ों की जीत का जश्न क्यों मनाया जाता है? ऐसे लोगों को यह वीडियो ज़रूर देखना चाहिए क्योंकि यहीं से भ्रम टूटता है और सच सामने आता है। भीमा कोरेगांव किसी साम्राज्य की विजय का उत्सव नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक क्षण की याद है जब महार सैनिकों ने पेशवाशाही की ब्राह्मणवादी अत्याचार-व्यवस्था को चुनौती दी। यह शौर्य सत्ता की नहीं, आत्मसम्मान की जीत का प्रतीक है। यही वजह है कि इसे श्रद्धा से याद किया जाता है क्योंकि यह लड़ाई बराबरी, इंसाफ़ और मानवीय गरिमा के लिए थी। बाबा साहब डॉ. आंबेडकर ने भी भीमा कोरेगांव स्मारक को दलित स्वाभिमान का प्रतीक माना। जो इसे ‘अंग्रेज़ों की जीत’ कहकर खारिज करते हैं, वे इतिहास के संदर्भ और सामाजिक सच्चाई दोनों को नज़रअंदाज़ करते हैं। यह वीडियो देखिए, सारे जवाब मिल जाएंगे। ✊ #शौर्य_दिवस #BhimaKoregaonShauryaDivas

Sumit Chauhan

27,921 Aufrufe • vor 7 Monaten

अभी हाफ़ हुए हैं, विधानसभा में टिकट नहीं मिलेगा तो साफ़ हो जाएंगे। जब सारे ‘घटिया एक्सप्रेसवे’ बन गये और भ्रष्टाचार का आपसी लेनदेन का टारगेट पूरा हो गया तब हटाया तो क्या हटाया? सुना है इलाहाबाद की सारी सीटों पर भाजपा अपने प्रत्याशी बदलने जा रही है क्योंकि भाजपा को लगता है कि ये सारे विधायक और प्रत्याशी केवल खाने-कमाने में लगे रहे और लोकसभा सीट हाथ से निकल गई। यही फ़ार्मूला उप्र की उन सभी 43 लोकसभा सीटों पर लागू किया जा रहा है जहाँ इंडिया गठबंधन की जीत हुई थी और बाक़ी उन 9-10 सीटों पर भी जहाँ भाजपा हेरफेर करके सर्टिफ़िकेट से जीती थी, वोट से नहीं। इसका मतलब तो ये हुआ कि लगभग 225 सीटों पर प्रत्याशी बदले जाएंगे। वैसे तो सुना है कि भाजपा के वर्तमान विधायक ख़ुद भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं क्योंकि ‘पीडीए’ के सामने उनके जीतने की कोई भी उम्मीद नहीं बची है। भाजपा के मूल वोटर अब एक-चौथाई भी नहीं रह गये हैं, इसीलिए भाजपा के वर्तमान विधायक हारे हुए चुनाव में अपनी कमाई ख़र्च नहीं करना चाहते हैं बल्कि बाक़ी जीवन के लिए पैसे बचाकर रखना चाहते हैं क्योंकि उनको ये भी पता है कि इस बार भाजपा पक्का जाएगी और फिर कभी नहीं आएगी। दरअसल भाजपा के वर्तमान विधायकों ने जनता के आक्रोश को पढ़ लिया है क्योंकि भाजपा की महा-भ्रष्ट, बेईमान और दमनकारी नीतियों की वजह से आई हर तरह की दिक़्क़तों जैसे दिनदहाड़े की लूट, रंगदारी, हत्या, ज़मीनों की क़ब्ज़ेबाज़ी, घूसख़ोरी-कमीशनख़ोरी, महंगाई, बेरोज़गारी, पीडीए पर अत्याचार, पक्षपात, सांप्रदायिक राजनीति की वजह से हो रही नाइंसाफ़ी, पेपर लीक, संविधान की अवहेलना, आरक्षण की हक़मारी, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ व महिलाओं के प्रति बेतहाशा बढ़ते अपराध, चुनावी हेराफेरी और चंदा-चढ़ावा चोरी की वजह से जन-जन का गुस्सा उबाल-उफ़ान पर आ चुका है।

Akhilesh Yadav

228,689 Aufrufe • vor 2 Monaten

2 दिन पहले दिल्ली में पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार खड़ी मिली। कार के अंदर तीन लोग मरे हुए मिले थे रणधीर सिंह 60 साल, लक्ष्मी सिंह 40 साल और शिवनारायण 40 साल की वहीं मौत हो गई थी अब पुलिस ने खुलासा किया है कि तीनों को जहर मिला लड्डू खिलाया गया था! फिरोजाबाद यूपी का एक मौलवी कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया है, उसने इन लोगों से कहा था कि पूजा से पैसा बरसेगा और दो लाख रुपए ले लिए और लड्डू में जहर दे दिया! तीनों की जान चली गई, पुलिस आगे की जांच कर रही है। यह कमरुद्दीन हिंदू नाम से इन लोगों से मिला था और खुद को बाबा बताया था जबकि यह मुस्लिम है और इसने कहा था कि इसके पास एक ऐसी तंत्र विद्या है जी तंत्र विद्या को करते ही तुम्हारे पैसे डबल हो जाएंगे और इसने कहा था कि तुम लोगों के पास जितना भी पैसा हो या किसी से उधार लेकर ढेर सारे पैसे लेकर आओ मैं डबल कर दूंगा उन लोगों ने ₹300000 का इंतजाम किया कमरुद्दीन ने वह ₹300000 ले लिए और तीनों सबको खतरनाक जहर वाले लड्डू खिलाकर मौत के घाट उतार दिया पुलिस पूछताछ में इसने बड़ा खतरनाक खुलासा यह किया कि इसने राजस्थान में दो लोगों की और यूपी में भी इसके पहले तीन लोगों की इसी तरह से हत्या की है

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

81,969 Aufrufe • vor 6 Monaten

न तो तुम्हारा कमर लचीली है ना तुम यहाँ वीर रस का भाषण देते हो। जो मैं तुमसे ऑबेसेस्ड हो जाऊँ। तुम गाली देने की धमकी क्यों दे रहे , तुम्हें गाली देनी चाहिए। तुम पायनियर हो उनमें से जिन्होंने 2024 लोकसभा के पहले राजपूत vs ब्राह्मण , राजपूत vs भूमिहार कराके ….सोशल मीडिया की लड़ाई में एक दूसरे कम्युनिटी की औरतों को घसीटवाया। आज तुम्हारी लगाई आग नंगई की पराकाष्ठा तक पहुँच गई है। जहाँ लोग आपसी लड़ाई में भी कम्युनिटी की औरतों को टारगेट कर रहे हैं। अब ट्वीट डिलीट करके संत बन रहे हो? तुम्हारे जैसे लोगों के वजह से आज योगी एक जात के नेता बनकर रह गए हैं। उनका सारा आर्गेनिक वोकल सपोर्ट वर्ग अब ठंडा होकर बैठ चुका है। तो अब सवर्ण और हिंदू का बात करने लगे हो। नीचे तुम्हारा ब्राह्मणों से ऑब्सेशन का 30 sec का वीडियो है। ऐसे कई क्लिप कट जाएँगे। अब ब्राह्मण इतना फालतू नहीं है कि रोज़ ब रोज़ तुमसे लुकारी लेकर लड़ने आ जाएगा। जिसे तुम अपनी वीरता समझते हो , हो सकता है सामने वाला मूर्खता समझता हो और चुप रहता है। बाक़ी सोशल मीडिया पर गाली देने का सिस्टम है कि मिलियंस में पोस्ट जाते हैं , बहुत लोग कमेंट्स में अल-बल बकते हैं। कई सारे चुटकुले यहाँ कुंठा पाले हुए हैं। वो भी गाली देते हैं। मैं नोटिस नहीं करता। पर जिस दिन गाली देने के पिच पे आ गया उस दिन सामने वाले का नाम गाली के साथ ट्रेंड करेगा सिपाही। इसलिए मुँह उतना ही खोलो जितना में दाँत चियार ना लगो। जै राम जी की।

Malal

19,107 Aufrufe • vor 9 Monaten

बड़ी ख़बर- क्या योगी आदित्यनाथ के ‘पीएम अभियान’ की लाँचिंग कर दी गई? आप सूचना की आधिकारिक एजेंसी के ज़रिए बनाए और ट्वीट किए गए इस वीडियो को देखकर दंग रह जाएंगे!! इसमें योगी आदित्यनाथ बतौर हिंदुत्व नायक ‘मुख्य’ भूमिका में हैं और पीएम मोदी ‘गेस्ट अपीयरेंस’ में। डबल इंजन के विकास की रफ़्तार को हाइलाइट करने के लिए शुरू किए गए सूचना के इस हैंडल में योगी आदित्यनाथ को, अखिल भारतीय हिंदू नायक के तौर पर उभारा गया है। इसमें बंगाल से लेकर कश्मीर और गोधरा के जलते ट्रेन के डिब्बे से लेकर काशी, मथुरा, अयोध्या हर जगह हिंदुओं पर भीषण अत्याचार दिखाते हुए, योगी आदित्यनाथ को हिंदू नायकत्व के सबसे बड़े उद्धारक के तौर पर दिखाया गया है। बात यहीं ख़त्म नहीं होती है!! इस वीडियो में एक और योगी आदित्यनाथ और दूसरी तरफ गोरी, गजनी से लेकर बाबर और अकबर तक बाक़ायदा धर्मयुद्ध टाइप की एक लकीर खींच दी गई है। वीडियो का ‘छिपा’ संदेश एकदम स्पष्ट है कि डरे, सहमे और विलुप्त होने से घबराए देश के हिंदुओं को सिर्फ योगी ही बचा सकते हैं। टाइमिंग भी ग़ज़ब है। जिस दौर में जाति विशेष के माफियाओं पर योगी आदित्यनाथ की चुप्पी और प्रशासनिक मशीनरी के रहस्यमय सरेंडर की ध्वनि सड़क से लेकर संसद तक गूँज रही है, शायद उसी दौर में योगी आदित्यनाथ की छवि की रिपेयरिंग करने के नाम पर, उन्हें पूरे देश का सबसे विराट हिंदू नायक डिक्लेयर कर दिया गया। हैरानी वाली बात ये कि हिंदू-मुस्लिम की ‘इंतहा’ वाला ये काम सूचना के एक ऐसे हैंडल ने किया है, जिसे डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों पर फ़ोकस के मकसद स्थापित किया गया था। स्थिति विकट है!! गंभीर संकट है!! निर्णय निकट है? Narendra Modi Yogi Adityanath PMO India RSS

abhishek upadhyay

31,126 Aufrufe • vor 8 Monaten

बहुत ही ज्यादा हैरान कर देने वाली घटना आई सामने, सुनकर आप भी हो जाएंगे हक्का-बक्का !! सास के साथ बहू बनाना चाहती है शारीरिक संबंध, मोबाइल पर जबरन दिखाती है गंदे-गंदे Video ["पहली नजर में ही सास को दिल दे बैठी थी बहू" "सास को ससुर के साथ नहीं रहने देना चाहती है बहू"] ["पति के साथ रहने में कोई दिलचस्पी नहीं, सास के साथ मरने-जीने की खा चुकी है कसम"] |#Shocking news| एक बहू अपनी सास के प्यार में इस कदर पड़ी कि वह अपने पति को छोड़ सास के साथ पूरा जीवन बिताने की कसम खा चुकी है। वह अपनी सास को अपने साथ रखने के लिए उस पर तरह-तरह के दबाव बनाते रहती है !! सास-बहू के बीच का रिश्ता एक मां-बेटी के समान होता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक बहू अपनी सास के प्यार में इस कदर डूब चुकी है कि वह अब अपने पति को तलाक देकर अपनी सास के साथ ही रहना चाहती है। बहू अपनी सास पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालती है। बहू के इस हरकत से परेशान सास ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है !! सास ने बताया कि 2 साल पहले उसने अपने बेटे की शादी की थी। जिसके बाद बहू घर में आई। बहू के घर में आने के बाद बहू ने यह कहना शुरू कर दिया कि मैं अपनी सासु मां से प्यार करती हूं। मुझे उनके साथ सोना है। बहू का कहना है कि उसकी शादी उसकी सास के साथ होनी चाहिए थी। महिला ने आगे बताया कि उसकी बहू कहती है कि जब पहली बार मैंने अपनी सास को देखा था तभी मैं अपना दिल उन्हें दे बैठी थी। उस दिन ही मैंने अपनी सास के साथ रहने का फैसला कर लिया था। उनके लड़के के साथ शादी तो सिर्फ एक बहाना था, असल में तो मुझे अपनी सासु मां के साथ ही जिंदगी बितानी थी !! "सास को ससुर के साथ नहीं रहने देना चाहती है बहू" महिला ने बताया कि उसकी बहू उसके पति के साथ भी उसे नहीं रहने देना चाहती है। वह कहती है कि तुम सिर्फ मेरी हो और तुम्हें मेरे साथ ही रहना है। पापा के साथ तुम बहुत दिन रह ली। अब मेरे साथ रहो पूरी जिंदगी। महिला ने अपनी बहू पर आरोप लगाते हुए कहा कि बहू ने मेरे साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। वह मुझे बार-बार धमकी देती है कि मैं तुम्हें बेहोशी की दवाई देकर ऐसा कुछ कर दूंगी कि कहीं भी मुंह दिखाने लायक नहीं बचोगी। पति के साथ रहने में कोई दिलचस्पी नहीं, सास के साथ मरने-जीने की खा चुकी है कसम महिला के बेटे ने भी बताया कि उसकी पत्नी उसके साथ नहीं बल्कि उसकी मां के साथ रहना चाहती है। महिला ने बताया कि उसकी बहू कहती है कि उसे मेरे लड़के में कोई दिलचस्पी नहीं है उसे बस उसके साथ ही रहना है। अगर ये बाप-बेटे हमें घर में नहीं रहने देंगे तो हम कहीं और साथ में रहेंगे। मैं जॉब करूंगी और तुम बस मेरे साथ रहना। जब सास ने कहा कि मेरी जिंदगी बहुत कम दिनों की बची है, मेरे मरने के बाद तुम किसके साथ रहोगी। इस पर बहू का कहना है कि मैं तुम्हारे साथ ही मर जाउंगी। लड़की के घर वाले सास से मांग रहे 20 लाख रुपए महिला ने कहा कि हम सास-बहू हैं, मैं भी तुझे बहू मानकर प्रेम करती हूं लेकिन वो कहती है कि हमें ‘वो वाला प्यार’ करना है। हम सास-बहू सिर्फ दुनिया वालों को दिखाने के लिए हैं जानेमन, लेकिन असल में हम तो कुछ और ही हैं। सास का कहना है कि जब मैं उसे कहती हूं कि ये गलत है तो वह ऐसी कई लड़कियों का उदाहरण देती है जो आपस में शादी कर के एक साथ रह रही हैं। वह मुझे मोबाइल में ऐसी-ऐसी खबरें दिखाते रहती है। सास ने कहा कि उसकी बहू उसे फोन में जबरन गंदी-गंदी वीडियो दिखाती है और कहती है कि ये देखो ऐसे ही करना है हमें। अगर तुम्हें नहीं आता है तो मैं तुम्हें सीखा दूंगी। अगर तुम ऐसा नहीं करोगी तो मैं आत्महत्या कर लूंगी। घर में कलेश करूंगी। महिला ने बताया कि हम इस लड़की से परेशान हो चुके हैं और इससे हम छुटकारा पाना चाहते हैं लेकिन लड़की के घर वाले उल्टा हमसे ही 20 लाख रुपए दहेज की मांग रहे हैं !! #viralvideo #publicinterest #PublicNews #TrendingStory #trendingvideo #trending2024 #trending
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बहुत ही ज्यादा हैरान कर देने वाली घटना आई सामने, सुनकर आप भी हो जाएंगे हक्का-बक्का !! सास के साथ बहू बनाना चाहती है शारीरिक संबंध, मोबाइल पर जबरन दिखाती है गंदे-गंदे Video ["पहली नजर में ही सास को दिल दे बैठी थी बहू" "सास को ससुर के साथ नहीं रहने देना चाहती है बहू"] ["पति के साथ रहने में कोई दिलचस्पी नहीं, सास के साथ मरने-जीने की खा चुकी है कसम"] |#Shocking news| एक बहू अपनी सास के प्यार में इस कदर पड़ी कि वह अपने पति को छोड़ सास के साथ पूरा जीवन बिताने की कसम खा चुकी है। वह अपनी सास को अपने साथ रखने के लिए उस पर तरह-तरह के दबाव बनाते रहती है !! सास-बहू के बीच का रिश्ता एक मां-बेटी के समान होता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक बहू अपनी सास के प्यार में इस कदर डूब चुकी है कि वह अब अपने पति को तलाक देकर अपनी सास के साथ ही रहना चाहती है। बहू अपनी सास पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालती है। बहू के इस हरकत से परेशान सास ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है !! सास ने बताया कि 2 साल पहले उसने अपने बेटे की शादी की थी। जिसके बाद बहू घर में आई। बहू के घर में आने के बाद बहू ने यह कहना शुरू कर दिया कि मैं अपनी सासु मां से प्यार करती हूं। मुझे उनके साथ सोना है। बहू का कहना है कि उसकी शादी उसकी सास के साथ होनी चाहिए थी। महिला ने आगे बताया कि उसकी बहू कहती है कि जब पहली बार मैंने अपनी सास को देखा था तभी मैं अपना दिल उन्हें दे बैठी थी। उस दिन ही मैंने अपनी सास के साथ रहने का फैसला कर लिया था। उनके लड़के के साथ शादी तो सिर्फ एक बहाना था, असल में तो मुझे अपनी सासु मां के साथ ही जिंदगी बितानी थी !! "सास को ससुर के साथ नहीं रहने देना चाहती है बहू" महिला ने बताया कि उसकी बहू उसके पति के साथ भी उसे नहीं रहने देना चाहती है। वह कहती है कि तुम सिर्फ मेरी हो और तुम्हें मेरे साथ ही रहना है। पापा के साथ तुम बहुत दिन रह ली। अब मेरे साथ रहो पूरी जिंदगी। महिला ने अपनी बहू पर आरोप लगाते हुए कहा कि बहू ने मेरे साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। वह मुझे बार-बार धमकी देती है कि मैं तुम्हें बेहोशी की दवाई देकर ऐसा कुछ कर दूंगी कि कहीं भी मुंह दिखाने लायक नहीं बचोगी। पति के साथ रहने में कोई दिलचस्पी नहीं, सास के साथ मरने-जीने की खा चुकी है कसम महिला के बेटे ने भी बताया कि उसकी पत्नी उसके साथ नहीं बल्कि उसकी मां के साथ रहना चाहती है। महिला ने बताया कि उसकी बहू कहती है कि उसे मेरे लड़के में कोई दिलचस्पी नहीं है उसे बस उसके साथ ही रहना है। अगर ये बाप-बेटे हमें घर में नहीं रहने देंगे तो हम कहीं और साथ में रहेंगे। मैं जॉब करूंगी और तुम बस मेरे साथ रहना। जब सास ने कहा कि मेरी जिंदगी बहुत कम दिनों की बची है, मेरे मरने के बाद तुम किसके साथ रहोगी। इस पर बहू का कहना है कि मैं तुम्हारे साथ ही मर जाउंगी। लड़की के घर वाले सास से मांग रहे 20 लाख रुपए महिला ने कहा कि हम सास-बहू हैं, मैं भी तुझे बहू मानकर प्रेम करती हूं लेकिन वो कहती है कि हमें ‘वो वाला प्यार’ करना है। हम सास-बहू सिर्फ दुनिया वालों को दिखाने के लिए हैं जानेमन, लेकिन असल में हम तो कुछ और ही हैं। सास का कहना है कि जब मैं उसे कहती हूं कि ये गलत है तो वह ऐसी कई लड़कियों का उदाहरण देती है जो आपस में शादी कर के एक साथ रह रही हैं। वह मुझे मोबाइल में ऐसी-ऐसी खबरें दिखाते रहती है। सास ने कहा कि उसकी बहू उसे फोन में जबरन गंदी-गंदी वीडियो दिखाती है और कहती है कि ये देखो ऐसे ही करना है हमें। अगर तुम्हें नहीं आता है तो मैं तुम्हें सीखा दूंगी। अगर तुम ऐसा नहीं करोगी तो मैं आत्महत्या कर लूंगी। घर में कलेश करूंगी। महिला ने बताया कि हम इस लड़की से परेशान हो चुके हैं और इससे हम छुटकारा पाना चाहते हैं लेकिन लड़की के घर वाले उल्टा हमसे ही 20 लाख रुपए दहेज की मांग रहे हैं !! #viralvideo #publicinterest #PublicNews #TrendingStory #trendingvideo #trending2024 #trending

MANOJ SHARMA LUCKNOW UP🇮🇳🇮🇳🇮🇳

447,537 Aufrufe • vor 2 Jahren

प्रिय प्रेयसी वो ट्रैन का पहला टिकट, रखा हूं अब तक संभालकर जो तुमसे मिलने को निकलबाया था, ना वो मिल सकी ना हम, खैर, बन्द हैं उसके साथ कुछ अरमान, थोड़ा इश्क़ और कहीं मैं। क्या होता अगर बैठ चुका होता उस ट्रैन में, शायद मंजर अलग होता, सोचता हूँ, लेकिन मेरे बस में तो नहीं। शायद तुम मिलती, या नहीं, पर शायद वो मिल जाता जो कम रह गया। सोचता हूं हर घड़ी, तुम्हें देखते ही क्या हाल होता मेरा, क्या तुम मुस्कुराती या दौड़कर चले आती, या खड़े रहती वहीं हलकी सी मुस्कान लिए। कहीं तुम्हारी आँखों पर चश्मा तो नहीं होता, जिससे मैं तुम्हारी आँखें ना देख सकता, या कहीं मेरी ही आँखें ना नम हो जाती तुम्हें देखकर। खैर, ऐसी अनगिनत कहानियां समेटे बन्द है वो टिकट मेरी मोबाइल कभर के अंदर मे है । सोचता हूँ क्या बता पाता जो कुछ लिखा हूं तुम पर, और बस यूं ही लड़ता हूँ ख़ुद से उस टिकट को पकड़े, क्या कहना था, क्या नहीं सोचता रहता हूँ। सोचता हूँ फेंक दूं, जला दूं इस टिकट को, पर हर बार किसी रिश्वतखोर पुलिस वाले की तरह आँख बन्द करके इसे जाने देता हूँ। देना है ये टिकट तुम्हें अगर कभी मुलाक़ात हुई, देना हैं कई शिकवे, शिकायतें, अरमान, और वो सारे अनकही बातें। खुद से अक्सर पूछता हूं, क्या थे हम? कभी पतंग को उड़ते हुए देखी है तुमने, वह पतंग, जो एक डोर पर विश्वास कर खुले आकाश में गोते लेता है, यह एक दूसरे के प्रति विश्वास की सीमा है। वह डोर शुरू होती है अपनी बुनियाद से, और लौटकर आती है अपनी बुनियाद पर। लेकिन पतंग की कोई बुनियाद नहीं होती, वह उड़ता है बदहवास सा, प्रेम में, विश्वास में। तुम वह डोर हो जो लौटकर अपनी छत पर आ गई। और मैं? मैं वह पतंग! तुम्हारे यादों से दौड़ता, भागता, मैं कायर रहूंगा, या तो तुम रहोगी मेरे, या मैं शायर रहूंगा। #तृप्त.. ✍🏻

तृप्त ...🖤

11,699 Aufrufe • vor 1 Jahr

पहले फेस के चुनाव आज समाप्त हो गए , बंगाल भाग्य विधाता कौन होगा इसका आधा फैसला तो आज हो गया है । मै किसी एग्जिट पोल की बात करने के लिए ये नहीं लिख रहा हूं । दरअसल मै आपको एक और भारत एक और बंगाल से आपको रूबरू कराना चाहता हूं । बंगाल में आदिवासी समाज की काफी आबादी है । जय जौहार बोलने वाली हेमंत सोरेन की पार्टी ने ममता बनर्जी को समर्थन भी दिया है । लेकिन राज्य में आदिवासी समाज का क्या हाल है आप जानते है । ना घर ना बाड़ी ना नौकरी ना लख्खी भंडार, यहां तक कि इन्हें तिरपाल तक नसीब नहीं हुआ है । ये वीडियो मेदनीपुर की है , लेकिन हाल सागर द्वीप से लेकर कूच बिहार तक एक जैसा है । आदिवासी लोग बेहाल है । अधिकतर नशे की हालत में है , जो समझदार है वो पलायन कर चुके है । ना आवास ना राशन ना पेंशन , लगता है कि बंगाल भाग्य विधाता की गिनती में ये लोग है ही नहीं । वैसे हम बंगाल में है तो चर्चा बस बंगाल की कर रहे है लेकिन मोटा मोटी यही हाल पूरे देश का है , थोड़ा कम या थोड़ा ज्यादा । भगवान बिरसा मुंडा ने कभी ये नहीं सोचा होगा कि भारत तो आजाद हो जाएगा लेकिन आदिवासी या वनवासी गुलाम ही रह जाएंगे । जय जौहार बोलकर कोई भी इन मासूमों का पोपट बना जाएगा। St स्टेटस प्राप्त है इन्हें लेकिन पता कीजिए कि कितने लोग इस st रिजर्वेशन का फायदा उठाकर मुख्यधारा में आ पाए है । 20 रुपए का नोट मैने एक अम्मा को दिया जो मुझसे 5 रुपए भीख के रूप में मांग रही थी । उन्हें 5 रूपये 20 रुपए के नोट से ज्यादा लग रहे थे वो भी आजादी के इतने बरसों बाद । यहीं की औरतों है जो दिल्ली मुंबई बैंगलोर में आपके यहां हाउस हेल्प का काम करती है । इनके घर भी वाम सरकार की देन है वरना ये तो शायद सड़क पर हो होते । प्रकृति से लड़कर जिंदा रहने वाले ये लोग उस सिस्टम से हार रहे है और सिस्टम इन्हें जय जौहार बोलकर बस चूर्ण चटा रही है । The Pamphlet The Pamphlet বাংলা Pratyush Singh Dharmender shukla Akash Dwivedi

Prabhat Ranjan Mishra

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“रामायण” क्या है? अगर कभी पढ़ो और समझो तो आंसुओ पे काबू रखना....... रामायण का एक छोटा सा वृतांत है, उसी से शायद कुछ समझा सकूँ... 😊 एक रात की बात हैं, माता कौशल्या जी को सोते में अपने महल की छत पर किसी के चलने की आहट सुनाई दी। नींद खुल गई, पूछा कौन हैं ? मालूम पड़ा श्रुतकीर्ति जी (सबसे छोटी बहु, शत्रुघ्न जी की पत्नी)हैं । माता कौशल्या जी ने उन्हें नीचे बुलाया | श्रुतकीर्ति जी आईं, चरणों में प्रणाम कर खड़ी रह गईं माता कौशिल्या जी ने पूछा, श्रुति ! इतनी रात को अकेली छत पर क्या कर रही हो बेटी ? क्या नींद नहीं आ रही ? शत्रुघ्न कहाँ है ? श्रुतिकीर्ति की आँखें भर आईं, माँ की छाती से चिपटी, गोद में सिमट गईं, बोलीं, माँ उन्हें तो देखे हुए तेरह वर्ष हो गए । उफ ! कौशल्या जी का ह्रदय काँप कर झटपटा गया । तुरंत आवाज लगाई, सेवक दौड़े आए । आधी रात ही पालकी तैयार हुई, आज शत्रुघ्न जी की खोज होगी, माँ चली । आपको मालूम है शत्रुघ्न जी कहाँ मिले ? अयोध्या जी के जिस दरवाजे के बाहर भरत जी नंदिग्राम में तपस्वी होकर रहते हैं, उसी दरवाजे के भीतर एक पत्थर की शिला हैं, उसी शिला पर, अपनी बाँह का तकिया बनाकर लेटे मिले !! माँ सिराहने बैठ गईं, बालों में हाथ फिराया तो शत्रुघ्न जी नेआँखें खोलीं, माँ ! उठे, चरणों में गिरे, माँ ! आपने क्यों कष्ट किया ? मुझे बुलवा लिया होता । माँ ने कहा, शत्रुघ्न ! यहाँ क्यों ?" शत्रुघ्न जी की रुलाई फूट पड़ी, बोले- माँ ! भैया राम जी पिताजी की आज्ञा से वन चले गए, भैया लक्ष्मण जी उनके पीछे चले गए, भैया भरत जी भी नंदिग्राम में हैं, क्या ये महल, ये रथ, ये राजसी वस्त्र, विधाता ने मेरे ही लिए बनाए हैं ? माता कौशल्या जी निरुत्तर रह गईं । देखो क्या है ये रामकथा... यह भोग की नहीं....त्याग की कथा हैं..!! यहाँ त्याग की ही प्रतियोगिता चल रही हैं और सभी प्रथम हैं, कोई पीछे नहीं रहा... चारो भाइयों का प्रेम और त्याग एक दूसरे के प्रति अद्भुत-अभिनव और अलौकिक हैं । "रामायण" जीवन जीने की सबसे उत्तम शिक्षा देती हैं । भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास हुआ तो उनकी पत्नी सीता माईया ने भी सहर्ष वनवास स्वीकार कर लिया..!! परन्तु बचपन से ही बड़े भाई की सेवा मे रहने वाले लक्ष्मण जी कैसे राम जी से दूर हो जाते! माता सुमित्रा से तो उन्होंने आज्ञा ले ली थी, वन जाने की.. परन्तु जब पत्नी “उर्मिला” के कक्ष की ओर बढ़ रहे थे तो सोच रहे थे कि माँ ने तो आज्ञा दे दी, परन्तु उर्मिला को कैसे समझाऊंगा.?? क्या बोलूँगा उनसे.? यहीं सोच विचार करके लक्ष्मण जी जैसे ही अपने कक्ष में पहुंचे तो देखा कि उर्मिला जी आरती का थाल लेके खड़ी थीं और बोलीं- "आप मेरी चिंता छोड़ प्रभु श्रीराम की सेवा में वन को जाओ...मैं आपको नहीं रोकूँगीं। मेरे कारण आपकी सेवा में कोई बाधा न आये, इसलिये साथ जाने की जिद्द भी नहीं करूंगी।" लक्ष्मण जी को कहने में संकोच हो रहा था.!! परन्तु उनके कुछ कहने से पहले ही उर्मिला जी ने उन्हें संकोच से बाहर निकाल दिया..!! वास्तव में यहीं पत्नी का धर्म है..पति संकोच में पड़े, उससे पहले ही पत्नी उसके मन की बात जानकर उसे संकोच से बाहर कर दे.!! लक्ष्मण जी चले गये परन्तु 14 वर्ष तक उर्मिला ने एक तपस्विनी की भांति कठोर तप किया.!! वन में “प्रभु श्री राम माता सीता” की सेवा में लक्ष्मण जी कभी सोये नहीं , परन्तु उर्मिला ने भी अपने महलों के द्वार कभी बंद नहीं किये और सारी रात जाग जागकर उस दीपक की लौ को बुझने नहीं दिया.!! मेघनाथ से युद्ध करते हुए जब लक्ष्मण जी को “शक्ति” लग जाती है और हनुमान जी उनके लिये संजीवनी का पर्वत लेके लौट रहे होते हैं, तो बीच में जब हनुमान जी अयोध्या के ऊपर से गुजर रहे थे तो भरत जी उन्हें राक्षस समझकर बाण मारते हैं और हनुमान जी गिर जाते हैं.!! तब हनुमान जी सारा वृत्तांत सुनाते हैं कि, सीता जी को रावण हर ले गया, लक्ष्मण जी युद्ध में मूर्छित हो गए हैं। यह सुनते ही कौशल्या जी कहती हैं कि राम को कहना कि “लक्ष्मण” के बिना अयोध्या में पैर भी मत रखना। राम वन में ही रहे.!! माता “सुमित्रा” कहती हैं कि राम से कहना कि कोई बात नहीं..अभी शत्रुघ्न है.!! मैं उसे भेज दूंगी..मेरे दोनों पुत्र “राम सेवा” के लिये ही तो जन्मे हैं.!! माताओं का प्रेम देखकर हनुमान जी की आँखों से अश्रुधारा बह रही थी। परन्तु जब उन्होंने उर्मिला जी को देखा तो सोचने लगे कि, यह क्यों एकदम शांत और प्रसन्न खड़ी हैं? क्या इन्हें अपनी पति के प्राणों की कोई चिंता नहीं? हनुमान जी पूछते हैं- देवी! आपकी प्रसन्नता का कारण क्या है? आपके पति के प्राण संकट में हैं...सूर्य उदित होते ही सूर्य कुल का दीपक बुझ जायेगा।

पूर्णिमा

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राजेन्द्र सिंह जी राठौड़ ने कभी भी अपने जीवन में एक भी राजपूत को टिकट नहीं दिलवाया अपने क्षेत्र में एक भी राजपूत को प्रधान तक नहीं बनाया । सारे नेता 60+ के हो लिए कोई एक चुनाव लड़ेगा तो कोई दो कोई अंतिम । राजपूतों में मात्र एक नए नेता का उदय हुआ है वो मात्र रवीन्द्र सिंह भाटी का मैने कभी रविन्द्र सिंह भाटी की पोस्ट नहीं डाली न कभी सही न कभी गलत । ठीक है हो सकता है भाटी पहली बार में जीत गया कही संघर्ष के बाद चुनाव जीत पाते हैं । माना पहले भाटी का कोई संघर्ष नहीं था धरातल पर । अब रविन्द्र सिंह भाटी सभी जाती धर्म के लिए संघर्ष करते सड़कों पर नजर आते हैं विधाना सभा में क्षेत्र के लगातार मुद्दे मजबूती से उठा रहे हैं । राठौड़ साहब आप जब समाज की बारी आती हैं तो आपकी जीवा चिपक जाती है । जब यूजीसी आपकी सरकार लेकर आती हैं तो आपको जानकारी नहीं होती । पर रविन्द्र सिंह भाटी पर आपके तंज का कोई असर होने वाला नहीं । आप किसी को नेता नहीं बना सके आपके जीवन काल में आपने किसी राजपूत को टिकट नहीं दिलाया आपने कभी किसी राजपूत को प्रधान नहीं बनाया क्या योगदान है आपका समाज में । मेरे जैसे रविन्द्र भाटी के लिए खुले मंच से अलग थे वो भी जब आप प्रशन खड़े कर रहे हो तब बोलने के लिए मजबूर हो रहे हैं । आपने तो आपके ही पूर्वज जयचंद जी को गद्दार कहा । जब की आप समाज के पीछे लगातार सत्ता में थे । आप ने जब धारियां एनकाउंटर करवाया पुलिस की जांच अनुसार जब जेल में गए आप गुनाहगार थे फिर भी समाज के लोग आपके लिए सड़कों पर आए आप जब मुख्यमंत्री बने घूम रहे थे जब समाज का एक साथ 65000 लीटर खून चूसा। महोदय आप राज्य सभा सांसद बनने के लिए समाज की मीटिंग में जाना अब प्रारंभ किया है क्योंकि ओर आपको बुलाते नहीं । फिर समाज को ढाल बनाकर उसके कंधे पर पैर रखकर राज्य सभा जाना चाहते हैं । पर आपको अब समाज समझ चुका है । आप रविन्द्र भाटी से दूर रहे वो उगता हुआ सूर्य है जलाकर खाक कर देगा । वो उनके क्षेत्र की जनता के लिए सड़कों पर हैं । तुम्हारे स्टार प्रचारक बीजेपी के भी पसीने लाने वाला वही था मात्र एक सामान्य परिवार का बच्चा उससे दूर रहे उसका अच्छा नहीं कर सकते तो बुरे का भी प्रयास नहीं करे । रविन्द्र भाटी आग है उसके पास नहीं जाए जलकर खाक हो जाएंगे ।वो धोरों की धरती में आग में तपकर बड़ा हुआ है उसके आस पास भी जाने का प्रयास नहीं करे ये ही नसीहत है समाज की तरफ से आपको मात्र। उसको लोक सभा भी कोई नहीं हरा सकता था पर उनका बीजेपी के प्रति थोड़ा सॉफ्ट कॉर्नर था । वरना मुस्लिम समाज का भी समर्थन मिल गया मुस्लिम वोट उनकी बीजेपी के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर की वजह से किसका अगर वो मोदी को टारगेट कर देते तो। इतिहास रच देते फिर भी इतने वोट लिए । अब परिपक्वता आ गई उनमें इस लिए दूर रहे एक चुरु में चक्कर काट जाएंगे रविन्द्र भाटी तो आपकी चिमनी चेप देंगे राजन ।

Team Narendra Singh

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बिहार में वोटर लिस्ट की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में INDIA गठबंधन की ओर से किन-किन बिंदुओं पर बातें रखी गई? उस बारे में बता रहे हैं- AICC लॉ, ह्यूमन राइट्स व RTI विभाग के चेयरमैन Abhishek Singhvi जी 👇 पहला बिंदु: • चुनाव आयोग ने कहा है कि हम साल 2003 से पहले जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट में हैं, उन्हें नहीं छुएंगे, लेकिन 2003 के बाद वोटर लिस्ट में जिनके नाम जुड़े हैं, हम हर उस व्यक्ति को 'संदिग्ध कैटेगरी' में डाल देंगे • प्राथमिक रूप से लोगों को बताना होगा कि वह कैसे यहां के नागरिक हैं, नहीं तो हम उन्हें हटा देंगे, भले ही उनके नाम वोटर लिस्ट में पिछले कई साल से हों • नागरिकता साबित करने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की नहीं, बल्कि आम जनता की है दूसरा बिंदु: 2003 के इलेक्टोरल रोल के बाद के लोगों को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। इन लोगों को कुछ दस्तावेज देने होंगे, तभी वे प्रक्रिया में सफल माने जाएंगे। • पहली कैटेगरी: व्यक्ति को खुद का जन्म प्रमाणपत्र देना होगा • दूसरी कैटेगरी: व्यक्ति को अपना या फिर माता-पिता में किसी एक का जन्म प्रमाणपत्र देना होगा • तीसरी कैटेगरी: व्यक्ति को अपना और अपने माता-पिता दोनों का जन्म प्रमाणपत्र देना होगा अगर कोई व्यक्ति यह साबित नहीं कर पाता है तो वह वोटर लिस्ट में नहीं रह पाएगा। तीसरा बिंदु: • यह सब एक प्रशासनिक आदेश के द्वारा किया गया है, जबकि किसी कानून में बदलाव नहीं किया गया • इस पूरी प्रक्रिया में नागरिकता को देखा जा रहा है, लेकिन नागरिकता की कसौटी को देखने का अधिकार चुनाव आयोग के पास नहीं है। चौथा बिंदु: • उच्चतम न्यायालय के एक बहुत पुराने निर्णय में नागरिकता के विषय में बात कही गई है- जिसमें दो तरह की कैटेगरी है • पहली कैटेगरी- वो वोटर, जो लिस्ट में पहली बार आना चाहता है • दूसरी कैटेगरी- जिसमें एक वोटर जो लिस्ट में कई वर्षों से शामिल है • इस दूसरी कैटेगरी के बारे में कहा गया है कि जब तक एक पूरी न्यायिक प्रक्रिया न हो, तब तक आप दूसरी कैटेगरी में से किसी को हटा नहीं सकते • जबकि बिहार में चुनाव आयोग एक प्रशासनिक आदेश के द्वारा किया जा रहा है, वो भी बहुत ही कम समय में.. पांचवा बिंदु: • मैंने जिस संदिग्ध कैटेगरी की बात की, जो इस प्रकिया के दायरे में आते हैं- वो करीब 5 करोड़ मतदाता हैं • बिहार में लगभग 8 करोड़ मतदाता हैं और अगर 5 करोड़ मतदाताओं में से 2 करोड़ मतदाताओं के लिए वोट बंदी कर देते हैं या उन्हें निष्कासित कर देते तो फिर चुनाव कैसा? • लेवल प्लेयिंग फील्ड, चुनाव और वोटर का सबसे अहम आधार है। ये लोकतंत्र का आधार है और संवैधानिक मूल ढांचे का आधार है यह पूरी प्रक्रिया बहुत ही खतरनाक और अजीबोगरीब है।

Congress

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