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तुषार गांधी ने संघियों को दी खुली चुनौती।
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9 Kommentare

Gandhi and Bhagat Singh. Difference of Ideology. @TusharG

संघ को छोड़िए। गांधी जी ही एक ऐसे शख़्स थै जो चाहते तो भगत सिंह जी को फांसी से बचा सकते थे।लेकिन वे अपने थोथे अहिंसा के सिद्धांत से चिपके रहे और एक देशभक्त को सूली पर लटका जाना पड़ा। गांधी का यह पाप क्षमा के योग्य नहीं! @TusharGandhi

सहमत आज ये संधि सत्ता की रोटी शेकने के लिए युवाओं को गलत इतिहास पढ़ा रहे हे और युवाओं को भारत का गलत इतिहास बताकर देश की अखंडता बरबाद कर रहे हे.

@rahuldev2 पर संघी चुनौती स्वीकार करते नहीं

संघ के किसी को राष्ट्रपिता नही कहा गया, वो गाँधी था जिससे उम्मीदें थीं लेकिन बाद में समझ आया की वो केवल एक धूर्त राजनेता थे 🤔🇮🇳

आपके पूज्य दादा श्री ने शहीद भगत सिंह ,राजगुरु और चंद्रशेखर की फांसी कौ रौकने के लिए कितना प्रयास किया?प्रयास तौ छोड़ साफ मना कर दिया।

Tumhaare baap ne bachane ki kosish ki thi kya mk gandy agent tha ush gandy ne kosis kiy tha chutiya aadami

नेहरू गांधी जल्द फांसी देने का वायसराय से कहे तो रात के अंधेरे में फांसी दी गयी।और लाश भी जल्दी जलाईकिरासनडाल ताकि भीड़ इकट्ठी न हो जाय। नेहरू गांधी के कारनामे भी उसी तरह छिपे नहीं, जैसे वे खुद अंग्रेजो को खबर देते रहते हैं।इनकी हर बात जनता जानती क्योंकि अतीत छिपता नहीं पापियो

सफेद झूठ
