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तीसरी सीट आएगी नहीं तो जाएगी कहाँ……?: CM मोहन यादव! आप बंगाल में पड़े रहे, खेला MP में हो गया:- चलिए पुख्ता सूत्रों की पुष्टि से आपको मध्यप्रदेश राज्यसभा की तीसरी सीट का पूरा खेल बता देता हूं:- - राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए कांग्रेस के पास बहुमत...

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कल आजमगढ़ की फूलपुर/पवई विधानसभा सीट पर बसपा का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें भारी बारिश के चलते भी उस कार्यकर्ता सम्मेलन में काफ़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। लेकिन मैंने एक बात को गंभीरता से लिया कि कार्यक्रम स्थल पर भारी बारिश होने की वजह से काफ़ी पानी भर गया था लेकिन बसपा के कार्यकर्ता और समर्थक बारिश में हिले नहीं और अपने नेताओं के भाषणों जो बहनजी ने उन्हें संदेश दिया उसे आराम से सुन रहे थे और अगर ऐसी ही बारिश में किसी अन्य पार्टी का कार्यक्रम होता तो अब पूरा मैदान साफ़ हो जाता और लोग भाग जाते लेकिन बसपा के लोग हर स्तिथि में सामना करते हैं लेकिन बसपा को पीठ नहीं दिखाते हैं।

Jitu Rajoriya

13,371 views • 13 days ago

यूसुफ पठान मूलतः गुजराती हैं। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी ने कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को बहरामपुर से हराने के लिए एक गुजराती मुस्लिम क्रिकेटर को टिकट दी। बहरामपुर मुस्लिम बहुल सीट है। ममता ने अधीर रंजन के खिलाफ डेडली कॉम्बिनेशन बनाया और कांग्रेस हार गई। यूसुफ पठान जीत गए। खबरों के अनुसार ममता बनर्जी अब विधानसभा नहीं संसद में जाना चाहती हैं। ताकि राष्ट्रीय राजनीति में उनकी आवाज़ सुनाई देती रहे। पर विधानसभा चुनाव नतीजों और पार्टी में फूट के बाद ममता किसी भी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ कर जीतने की स्थिति में नहीं हैं। बहरामपुर उन्हें सुरक्षित सीट लगती है। पर खबरों के अनुसार यूसुफ पठान ममता के लिए सीट छोड़ने के लिए अब तक तैयार नहीं हुए हैं।

Ashok Shrivastav

362,550 views • 2 months ago

महेश मीणा मौत मामले में बड़ा खुलासा: पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार जयपुर के विश्वकर्मा इलाके में 5 अगस्त को महेश मीणा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआत में परिजनों ने तबीयत खराब होने से मौत की रिपोर्ट दी थी, जिसके बाद मर्ग दर्ज की गई। जांच के दौरान परिजनों और अन्य लोगों के बयानों में विरोधाभास सामने आने पर पुलिस को हत्या का शक हुआ। जांच में CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को मृतक की पत्नी कविता मीणा और गणेश मीणा के बीच लंबे समय से संबंध होने की जानकारी मिली। पुलिस का दावा है कि कविता और गणेश पिछले 5-7 वर्षों से संपर्क में थे और शादी करना चाहते थे। पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन कविता अपने पति महेश को इलाज के बहाने बाइक से बोराज लेकर गई। इसके बाद उसे मंदिर के पास ले जाकर जूस में कथित तौर पर सल्फास की गोलियां मिलाकर पिला दीं। जूस पीने के बाद महेश की तबीयत बिगड़ गई। आरोप है कि इसके बाद कविता ने अपने कथित प्रेमी गणेश को बुलाया और दोनों महेश को अस्पताल ले जाने के बजाय करीब दो-तीन घंटे तक इधर-उधर घुमाते रहे। हालत गंभीर होने पर महेश को 14 नंबर के पास छोड़ दिया गया और परिजनों को तबीयत खराब होने की सूचना दी गई। पुलिस ने पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कविता मीणा और गणेश मीणा को गिरफ्तार किया है। पोस्टमार्टम के बाद विसरा FSL भेजा गया है। पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे कथित जहर की पुष्टि हो सके। इस कार्रवाई में VKI SHO रविंद्र सिंह नरूका, हेड कांस्टेबल करन सिंह और कांस्टेबल कमल सिंह की विशेष भूमिका बताई गई है। पुलिस अब मामले में आगे की बरामदगी और चार्जशीट की कार्रवाई कर रही है।

Ashok Shera

36,015 views • 11 days ago

"सपा के बागी विधायकों को माया मिली न राम" "विधायकों का सपना टूटा तो ढूंढ रहे वापसी का जुगाड़.." सुना है अंतरात्मा की आवाज के नाम पर समाजवादी पार्टी से बगावत करने वाले विधायकों को सत्ता का मलाई-मक्खन तो दूर पार्टी में तवज्जो भी नहीं मिल रही. इंतजार इतना लंबा हो चुका है कि मन कसमसाने लगा है.. जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, बगावती तेवर वाले विधायकों की छटपटाहट बढ़ती जा रही है.. मन में शायद यही बात गूंज रही है.. "माया मिली न राम" चलो भाई, राम तो मिले नहीं बाकी की कोशिश कर ली जाए!! इसी तर्ज पर सपा में वापसी का रास्ता तलाशा जा रहा है.. इसे विधायकों की व्यथा कहें, मजबूरी मानें, गुहार बताएं.. लेकिन सपा मुखिया तक बागी साथियों का संदेश पहुंच ही गया.. अखिलेश यादव बड़े दिल के नेता हैं.. उन्होंने भी साफ कह दिया.. "जैसे गए थे, वैसे ही लौट आएं.." सपा मुखिया के कहने का मतलब समझिए.. फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव हुए थे जिसमें सपा के विधायक मनोज पांडेय, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, राकेश पांडे, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्या ने क्रॉस वोटिंग करके भाजपा के प्रत्याशी को जिता दिया था. सपा ने बाद में मनोज पांडेय, अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया. उस वक्त अखिलेश यादव ने कहा भी था कि मंत्री बनने गए हैं.. मैंने उनका रास्ता साफ कर दिया.. बागी विधायकों को भी यही उम्मीद थी.. भाजपा में सत्ता की मलाई मिलेगी.. मंत्री बनेंगे.. भोकाल काटेंगे.. लेकिन दिन, महीने, साल गुजर गए.. कुछ हाथ न आया.. सुनने में आ रहा है कि अब निष्कासित विधायकों में से कुछ ने अपने करीबियों के माध्यम से अखिलेश यादव से संपर्क किया है.. संदेश पहुंचाया है कि पार्टी में लौटना चाहते हैं.. सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव के जवाबी संदेश में विधायकों को अपनी लॉयल्टी साबित करने के लिए कहा गया है.. और ये लॉयल्टी साबित होगी राज्यसभा चुनाव में.. राज्यसभा की यूपी कोटे की 10 सीटें इसी साल 25 नवंबर को खाली हो रही हैं.. बागी और निष्कासित विधायकों से कहा गया है कि सपा के कैंडिडेट के पक्ष में वोट करें तो वापसी संभव है.. बागियों के खेमे में इस पर गंभीरता से विचार हो रहा है.. #SamajwadiParty #AkhileshYadav #loyality #Politics #UttarPradesh

Vivek K. Tripathi

42,957 views • 6 months ago

योगी आदित्यनाथ मुश्किलों में हैं, उन्हें घेर लिया गया है अविमुक्तेश्वरानंद संतों के एक वर्ग को योगी जी के खिलाफ भड़काने में सफल रहे हैं वहीं X पर काफी बड़ी ब्राह्मण ID अविमुक्तेश्वरानंद की आड़ में योगी के खिलाफ बड़ा नैरेटिव फैलाने में सफल हो गई हैं BJP के अंदर का एक वर्ग पहले ही योगी जी के सियासी पतन की साजिशों के जुटा हुआ है UP विधानसभा चुनाव में एक साल बाक़ी है और इससे पहले ही भगवाधारी योगी के सामने भगवाधारी को ही खड़ा कर दिया गया है X पर जो लोग हिंदूवादी बनने का दम भरते हैं, उनमें से काफी ज़्यादा X हैंडल अविमुक्तेश्वरानंद की आड़ में अपनी जातिगत कुंठा जाहिर करते हुए CM योगी के खिलाफ बड़ा माहौल बना रहे हैं और इसमें सफल भी हो रहे हैं 2027 में योगी की लड़ाई सिर्फ अखिलेश यादव से नहीं होगी बल्कि भाजपा के अंदर बैठे योगी विरोधियों और सोशल मीडिया पर हिंदुत्ववादी चोला ओढ़े जातिवादियों से भी होगी जो दिखाने को तो BJP के साथ हैं लेकिन नैरेटिव ऐसा चला रहे हैं कि योगी जी अपराधी हैं और अविमुक्तेश्वरानंद जी ही सच्चे संत हैं योगी बाबा अभिमन्यु की तरह कालचक्र के चक्रव्यूह में फंस चुके हैं पता नहीं वो इस चक्रव्यूह को तोड़ पाएंगे या 2027 के महासमर में ये धर्मयोद्धा अपनों की ही साजिश का शिकार होकर सियासी पतन को प्राप्त हो जाएगा

Abhay Pratap Singh (बहुत सरल हूं)

56,142 views • 7 months ago

मध्य प्रदेश में BJP का जंगलराज पहले BJP के नेताओं ने एक दलित लड़की का यौन उत्पीड़न किया और फिर उसे धमकाते रहे कि ये बात किसी से मत कहना। डरी-सहमी लड़की ने ये बात अपने परिवार को बताई और फिर तमाम मशक्कत के बाद FIR हुई। इसके बाद से BJP के नेता दलित परिवार पर समझौते का दबाव बनाने लगे। जब समझौते के लिए परिवार राजी न हुआ तो लड़की के भाई की पीट-पीटकर हत्या कर दी। जब लड़की की मां बीच-बचाव करने आई तो उसे निर्वस्त्र कर दिया। दलित लड़की के भाई की हत्या के बाद से BJP नेता परिवार पर समझौते के लिए तमाम दबाव डाल रहे थे। इसे लेकर तीन दिन पहले समझौते के लिए लड़की के चाचा को बुलाया गया और वहां उनकी हत्या कर दी गई। अब खबर है कि दलित लड़की अपने चाचा की लाश को एंबुलेंस में लेकर गांव आ रही थी और रास्ते में एंबुलेंस से गिरकर उसकी मौत हो गई। एक साल के अंदर ही दो हत्या और एक दलित लड़की की संदिग्ध मौत, जिसने BJP नेताओं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। Narendra Modi जी, आप तक ये खबर पहुंची? आपके जंगलराज में सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बेटियों का उत्पीड़न हो रहा है और समझौता न करने पर आपकी पार्टी के लोग हत्या करवा रहे हैं। आपने देश को बेटियों के लिए सबसे ज्यादा असुरक्षित बना दिया है.. और हर बार की तरह आप इस बार भी दरिंदों के साथ खड़े होंगे- ये देश जानता है। (ये वीडियो पिछले साल का है, जब दलित लड़की के भाई की हत्या कर दी गई थी)

Congress

1,790,507 views • 2 years ago

दीपिका और रोनाल्ड, दोनों ही भारतीय वायु सेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट थे और उनकी मुलाकात ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। उनकी दोस्ती जल्द ही एक गहरे रिश्ते में बदल गई और दोनों ने शादी कर ली। सेना में होने के कारण, उन्हें अक्सर अलग-अलग बेस पर तैनात रहना पड़ता था, लेकिन उनका प्यार और एक-दूसरे के प्रति समर्थन अटूट रहा। रोनाल्ड दीपिका के "विंगमैन" थे—हर मायने में उनके दोस्त, मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत। 10 जनवरी 2007 को, रोनाल्ड के 26वें जन्मदिन से कुछ दिन पहले, दीपिका ने रोनाल्ड और उनकी स्क्वाड्रन को एक विमान से नाल एयरबेस तक उड़ाया था ताकि वे साथ में जल्दी जन्मदिन मना सकें। यह उनके लिए एक बहुत ही खुशी का दिन था। मगर, कुछ ही दिनों बाद, 18 जनवरी 2007 को, रोनाल्ड जिस जगुआर लड़ाकू विमान को उड़ा रहे थे, वह राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक हवाई दुर्घटना का शिकार हो गया। यह खबर दीपिका के लिए एक गहरा सदमा थी। अपने पति की अंतिम यात्रा पर, दीपिका ने वायु सेना की वर्दी में, अटूट साहस दिखाते हुए, अंतिम संस्कार जुलूस के आगे मार्च किया। यह दृश्य उनकी वीरता और प्रेम की गवाही देता था। रोनाल्ड के जाने के बाद, दीपिका ने ड्यूटी पर वापस आने की कोशिश की, लेकिन उनके लिए विमान के कॉकपिट में बैठना असहनीय हो गया। उनके अनुसार, उनके साथ उनका "पंखों का साथी" (विंगमैन) चला गया था, और उड़ान का जुनून खत्म हो चुका था। उन्होंने एक साल तक कोशिश की, पर अंत में, उन्होंने वायु सेना छोड़ दी। दीपिका की कहानी न केवल एक वीर सैनिक के बलिदान को दर्शाती है, बल्कि उन सैन्य परिवारों की असीम सहनशक्ति और भावनात्मक चुनौतियों को भी उजागर करती है जो अपने प्रियजनों को देश सेवा में खो देते हैं। उनकी कहानी प्रेम, हानि और अंततः जीवन में फिर से आगे बढ़ने के लचीलेपन का एक मार्मिक उदाहरण है।

Vatsala Singh

34,856 views • 4 days ago

बदलापुर में दो छोटी बच्चियों के यौन शोषण के बाद जबतक लोग पटरी पर नहीं उतरे थे, पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी.. उसके बाद उस स्कूल के सफाई कर्मचारी का फ़र्ज़ी एनकाउंटर कर मामला रफ़ा दफा करने की कोशिश की गई थी.. तब भी आरोप लगा था कि दूसरों को बचाया जा रहा ह.. अब जब सह आरोपी को यह नेता बना रहे हैं, आप समझ सकते हैं कि पहले से यह सब सोच समझकर किया गया.. पालघर हत्याकांड के मुख्य आरोपी को इन्होंने अपने पार्टी में लिया, बवाल हुआ तो निकाल दिया.. बदलापुर में भी यही किया गया.. अगर बीजेपी आज़ादी के समय होती, तो अपने फायदे के लिए जिन्ना को साथ लेकर गांधी का विरोध करती, उन्हें देशद्रोही कहती! अब समझ आता है कि क्यों RSS और अंग्रेज़ों के अच्छे संबंध होने के आरोप लगते रहे हैं... ना छोटी बच्चियों को न्याय दे पाएंगे ना महिला खिलाड़ियों को! बात करेंगे भारत माता की! शर्मनाक!!!

sohit mishra

24,503 views • 7 months ago

सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में होली मना रहे थे। वे बिना किसी मर्यादा का ध्यान दिए, दूसरों को परेशान कर रहे थे, सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील वीडियो बना रहे थे और शोर-शराबा कर रहे थे। एक जगह तो एक परिवार परेशान होकर बाहर आया। बुजुर्ग ने कहा, “हमारे घर में संस्कार और सम्मान की परंपरा है। आप अपने मनोरंजन के लिए किसी और की शांति क्यों छीन रहे हो?” उस दिन रमेश और सीमा ने अपनी बेटी को यह सिखाया कि त्योहार का असली मजा केवल रंगों में नहीं, बल्कि मर्यादा और सामाजिक जिम्मेदारी में है। वे सोशल मीडिया पर वायरल होने के लालच में अपने संस्कार न भूलें। रंगों की मस्ती तो जरूरी है, लेकिन दूसरों का सम्मान और परिवार की परंपराएं और भी ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं।

RIYA🌸🌸

17,759 views • 5 months ago

#मेरठ का कबाड़ी बाजार "एशिया के सबसे पुराने रेडलाइट एरिया" में से एक है कल रात यहां पुलिस छापे में एक कोठे से 21 लड़कियां बरामद की गयी है. इनमें कई नाबालिग भी थी. कोठा संचालिका, 4 दलाल और कुछ ग्राहक भी मौके से गिरफ्तार हुए है कोठों की बंदी से पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने चुनाव-प्रचार की शुरूआत इसी कबाड़ी बाजार से की थी. पूरे शहर में उल्लास छाया था. कबाड़ी बाजार को दुल्हन की तरह सजाया गया. अमित शाह इसी बाजार से होकर शहर तक रोड शो करते हुए निकले थे. समाज की मुख्य धारा से छिटके पड़े समाज की सियासत ने पहली बार सुधि ली थी. वैश्याओं ने खूब आशीर्वाद दिया. यूपी में बीजेपी की सरकार भी बनी मुगलकालीन इस बाजार में नीचे सेठों की दुकानें है और ऊपर वेश्याओं के कोठे. मेरठ उस वक्त मुगलों के नवाबों के हवाले था. नवाबों की रिहायश के पास ही कबाड़ी बाजार के कोठों में सांझ ढलते ही मुजरे हुआ करते थे. हरियाणा के एक नवाब और कबाड़ी बाजार की एक हसीन वैश्या के प्रेम और अदावत की कहानी इतिहास के पन्नों में दर्ज है उस जमाने का तो पता नही मगर आजादी के बाद शहर की इमेज पर यह बाजार एक कालिख की तरह है. लंबी लड़ाई के बाद 2019 में सोशल एक्टिविस्ट लोकेश खुराना की याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश पर इस बाजार के 58 कोठों पर ताला डाल दिया गया था. मगर 2023 में हाईकोर्ट की अनुमति के बाद 15 कोठे इस शर्त पर खुले कि यहां कोठा संचालिकाऐं अपने परिवारों को निवास करायेगी, वैश्यावृत्ति नही. मगर बीते दो बरसों में यहां फिर से देहव्यापार पनप गया. खाकी के पहरे के बीच दिल्ली को मुक्ति फाउन्डेशन को इन कोठों में वैश्यावृत्ति होने की पुख्ता जानकारी थी. उन्होने पुलिस अफसरों से मदद मांगी तो अफसरों ने इलाके के बाहर की पुलिस टीम से यहां छापेमारी कराई
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#मेरठ का कबाड़ी बाजार "एशिया के सबसे पुराने रेडलाइट एरिया" में से एक है कल रात यहां पुलिस छापे में एक कोठे से 21 लड़कियां बरामद की गयी है. इनमें कई नाबालिग भी थी. कोठा संचालिका, 4 दलाल और कुछ ग्राहक भी मौके से गिरफ्तार हुए है कोठों की बंदी से पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने चुनाव-प्रचार की शुरूआत इसी कबाड़ी बाजार से की थी. पूरे शहर में उल्लास छाया था. कबाड़ी बाजार को दुल्हन की तरह सजाया गया. अमित शाह इसी बाजार से होकर शहर तक रोड शो करते हुए निकले थे. समाज की मुख्य धारा से छिटके पड़े समाज की सियासत ने पहली बार सुधि ली थी. वैश्याओं ने खूब आशीर्वाद दिया. यूपी में बीजेपी की सरकार भी बनी मुगलकालीन इस बाजार में नीचे सेठों की दुकानें है और ऊपर वेश्याओं के कोठे. मेरठ उस वक्त मुगलों के नवाबों के हवाले था. नवाबों की रिहायश के पास ही कबाड़ी बाजार के कोठों में सांझ ढलते ही मुजरे हुआ करते थे. हरियाणा के एक नवाब और कबाड़ी बाजार की एक हसीन वैश्या के प्रेम और अदावत की कहानी इतिहास के पन्नों में दर्ज है उस जमाने का तो पता नही मगर आजादी के बाद शहर की इमेज पर यह बाजार एक कालिख की तरह है. लंबी लड़ाई के बाद 2019 में सोशल एक्टिविस्ट लोकेश खुराना की याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश पर इस बाजार के 58 कोठों पर ताला डाल दिया गया था. मगर 2023 में हाईकोर्ट की अनुमति के बाद 15 कोठे इस शर्त पर खुले कि यहां कोठा संचालिकाऐं अपने परिवारों को निवास करायेगी, वैश्यावृत्ति नही. मगर बीते दो बरसों में यहां फिर से देहव्यापार पनप गया. खाकी के पहरे के बीच दिल्ली को मुक्ति फाउन्डेशन को इन कोठों में वैश्यावृत्ति होने की पुख्ता जानकारी थी. उन्होने पुलिस अफसरों से मदद मांगी तो अफसरों ने इलाके के बाहर की पुलिस टीम से यहां छापेमारी कराई

Narendra Pratap

231,564 views • 11 months ago

उपभोक्तावादी संस्कृति के मँझधार में डोल रहे भारतीय समाज के हर वर्ग में संवेदनशीलता का नितांत अभाव दिख रहा है जनजातीय समुदाय से आने वाला ग़रीब और अनपढ़ जीतू मुंडा अपनी बहन की मृत्यु के बाद उसके अकाउंट से पैसे लेने के लिये दो महीने से ओड़िसा ग्रामीण बैंक के चक्कर लगा रहा था पर उसे कहा जाता था कि मृत्यु का सबूत लाओ, किसी ने भी उसे मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनेगा इस बारे में समझने के प्रयास नहीं किया कुछ नहीं समझ में आया तो बेचारे जीतू ने अपनी बहन की लाश को खोदकर निकाला, बोरे में भरा और उसे लेकर बैंक पहुँच गया अब जबकि वीडियो वायरल हो गया तो बैंक कर्मचारी बैकफ़ुट पर हैं और जीतू की कानूनी सहायता की बात कर रहे हैं

ANUPAM MISHRA

53,126 views • 4 months ago