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दो पहिया सवारी बाईक चार पहिया वाहन पर भारी

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3 Comments

जाट गोपीकृष्ण सिद्ध 🇮🇳's profile picture
जाट गोपीकृष्ण सिद्ध 🇮🇳3 years ago

ये तो जानलेवा है दुपहिया तीन इंच के बैलेंस पर चलता है

कुलDeep GoDaRa's profile picture
कुलDeep GoDaRa3 years ago

Volleyball team or ampire 😅🙏

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DHIRENDRA KUMAR MEENA3 years ago

ye bhaut galat he

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बिहार में जातिगत सर्वे के आंकड़े देखिए और ख़ुद तय करिए कि OBC समुदाय की कुछ जातियों के ख़िलाफ़ जातिवादी मानसिकता से ग्रसित जाहिलों ने कैसे झूठ और नफ़रत फैलाया! सब के सब फ़र्ज़ी। 👉🏾गरीब परिवार का आंकड़ा जो 6000 या उससे कम कमाता है यादव ~38.6 लाख परिवार में 14 लाख परिवार ग़रीब कुशवाहा~12 लाख परिवार जिसमें 4 लाख ग़रीब कुर्मी ~8 लाख परिवार जिसमें 2.5 लाख परिवार ग़रीब ब्राह्मण ~10 लाख परिवार में 2.72 लाख ग़रीब 👉🏾घर पर आते हैं यादव -10 लाख खपरैल मकान(26%) ,4.2 लाख झोपड़ी ,4030 आवासहीन कुशवाहा - 2.7 लाख खपरैल (22%),झोपड़ी 86 हज़ार ,1253 आवासहीन कुर्मी - 1.5 लाख खपरैल ( 19%), झोपड़ी 74 हज़ार, आवासहीन 1760 ब्राह्मण - 1.86 हज़ार खपरैल मकान ( 17%), , झोपड़ी 51 हज़ार , आवासहीन 3179 👉🏾नौकरी पर आते हैं। 1 करोड़ 86 लाख यादवों में मात्र 2 लाख 90 हज़ार सरकारी नौकरी में , माने 1.5% 24 लाख मज़दूर 55 लाख कुशवाहा में मात्र 1 लाख 12 हज़ार सरकारी नौकरी में , माने 2% 7 लाख मज़दूर 37.6 लाख कुर्मी में मात्र 1 लाख 17 हज़ार सरकारी नौकरी में , माने 3% 5 लाख मज़दूर 47.8 लाख ब्राह्मण में 1 लाख 72 हज़ार सरकारी नौकरी में 4% 👉🏾लैपटॉप पर आते हैं। ब्राह्मण 47 लाख में 197036 के पास लैपटॉप यादव 1.8 करोड़ में 170925 के पास लैपटॉप कुशवाहा 55 लाख में 86163 के पास लैपटॉप कुर्मी 38 लाख में 98912 के पास लैपटॉप 👉🏾गाड़ी पर आते है, सारे पहिए गिनते जाइए ! ब्राह्मण ~ ट्रेक्टर 0.15 %, चार पहिया 1.38%, तीन पहिया 0.14% , दो पहिया 6.73% यादव ~ ट्रेक्टर 0.28%, चार पहिया 0.36% , तीन पहिया 0.13%, दो पहिया 4% कुशवाहा - ट्रेक्टर 0.23%, चार पहिया 0.48%, तीन पहिया 0.12%, दो पहिया 5% कुर्मी - ट्रेक्टर 0.19%,चार पहिया 0.8%, तीन पहिया 0.12%,5% ट्रेक्टर ज़्यादा होने का मतलब ज़्यादा कृषक होना, ये बात ध्यान में रखना होगा। अब आंकड़ों से साफ़ पता चलता है की किनके हालात आज भी ख़राब हैं । शिक्षा के मामले पर तो अलग से लिखा जाएगा क्योंकि वहाँ तो मामला और भी गंभीर है। जातिगत जनगणना इसलिए ज़रूरी है की इनके प्रॉपगैंडा को ध्वस्त किया जा सके और सामाजिक न्याय की लड़ाई और प्राइवेट में आरक्षण की लड़ाई को तेज किया जा सके ।

Priyanka Bharti

21,456 views • 7 months ago