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देखिए राजू पार्क मस्जिद, खानपुर मस्जिद, संगम विहार, यहाँ के स्पीकर से सुबह के 6 बजे कितने बड़े पैमाने पर ध्वनि प्रदूषण हो रहा है, और ये सब 400 500 मीटर दूर है और ये 55DB से कहीं अधिक है। बार बार कंप्लेंट करने के बावजूद कोई भी कार्यवाई...

14,151 views • 8 months ago •via X (Twitter)

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सरकार NEET परीक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क और संवेदनशील है। सरकार इस विषय को लेकर संकल्पित है। इसलिए सरकार संवेदनशील भी है और सारी परीस्थितियों पर गहरी नज़र के साथ सतर्कता बरत रही है, सरकार लाखों छात्रों के साथ कोई अन्याय नहीं होने देगी, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सरकार की और से सख्त और कठोर कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट के निर्णय के अनुसार सरकार करवाई करने के लिए संकल्पबद्ध है, मगर जो Third Attempt में भी Third Division से पास नहीं हो पाए वो मेधावी छात्रों का प्रतिनिधि बनने का प्रयास करे...साफ-साफ लगता है कि राहुल गांधी को लाखों छात्रों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है, वह बस इस विषय पर अपनी राजनीति करना चाहते हैं। राजस्थान में एक दर्जन पेपर लीक हुआ लेकिन राहुल गांधी ने इस पर एक शब्द भी नहीं कहा। जब मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है तो अपने आप को कोर्ट से ऊपर साबित करने का प्रयास मत करिए। Press Conference BJP

Dr. Sudhanshu Trivedi

22,630 views • 2 years ago

असम: बुल्डोज़र कार्रवाई का विरोध करने पर पुलिस फायरिंग; 2 मुसलमानो की मौत, 12 मुसलमान घायल! गुवाहाटी के बाहरी इलाका सोनपुर के कोसूटोली में आज प्रशासन के बुलडोज़र कार्रवाई का विरोध कर रहे मुसलमानो पर पुलिस ने अंधाधुन्द गोलिया बरसाकर दो मुसलमानो की जान ले ली. पुलिस के इस बर्बरतापूर्ण फायरिंग में लगभग दर्ज़न भर लोग घायल भी हुए हैं. हादसे के बाद इलाके में काफी रोष है. सरकार ने किसी अनहोनी घटना के निपटने के लिए इलाके में भारी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया है. इस दौरान गुरुवार को जब घर तोड़ने के लिए बुलडोजर लेकर प्रशासन के लोग पहुंचे तो, लोग अपने घर को बचाने के लिए वो बुलडोज़र के सामने खड़े हो गए. इस दौरान पुलिस ने फायरिंग कर दी, जिसमे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और अन्य 12 लोग घायल हो गए. फायरिंग के बाद लोग डर से वहां से भाग गए और चीख- पुकार मच गई. मरने वालों में हैदर अली और जुवाहिद अली नाक के दो लोग शामिल है. घायलों को लोकल अस्पतालों में भर्ती किया गया है. इलाके में दहशत का माहौल है. ये कोई पहली बार नहीं है, जब असम में लोगों के घर तोड़े गए हों. असम की सरकार ने लगातार मुसलमानों के घर, दुकान, मस्जिद और मदरसों को निशाना बनाकर उसे गिराया जा रहा है. इस मामले में गुवाहाटी हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट असम सरकार को फटकार भी लगा चुकी है. एक मामले में गुवहाटी हाई कोर्ट तो एक आरोपी का घर तोड़े जाने के बाद सरकार को उसे मुआवजा तक देने का आदेश दे चुका है. इसके बावजूद सरकर कोर्ट के आदेश को नज़र अंदाज़ का मुसलमानों के घरों को निशाना बना रही हैं. असम, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी किसी मामले में मुसलमानों के आरोपी बनते ही सरकारें उनका घर गिरा दे रही है. ये पहली बार है, जब बुलडोज़र कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गोली चलाई हो और उसमे दो लोगों की मौत हो गई हो. इस हादसे के बाद मुस्लिम स्टूडेंट यूनियन ऑफ असम के तरफ से प्रतिक्रिया आई है. आशिक रब्बानी मुस्लिम स्टूडेंट यूनियन ऑफ़ आसाम के प्रमुख ने इस घटना की निंदा की है. #IndianMuslims #Assam #Guwahati #bulldozer

Muslim Spaces

25,013 views • 2 years ago

UP- सहारनपुर सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कलैक्ट्रेट के अंदर बनी 100 साल पुरानी मस्जिद को एक महीने के अंदर हटाने का हुक्म दिया है. कोर्ट के अनुसार- "मस्जिद अवैध है और सरकारी जमीन में बनी हुई है" कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने दावा किया- "यह गाटा संख्या- 539 में बनी मस्जिद वालिद खां और याकूब खां के नाम पर है. यह जमीन उन्हीं ने कलैक्ट्रेट, कोषागार और तहसील बनाने के लिए डोनेट की थी. 1911 का बिजली का बिल भी कोर्ट में जमा किया है वह भी पोर्टल से निकालकर. इसी जमीन में एक मंदिर भी बनाया गया है. आप पहले मस्जिद तोड़ोगे और फिर मंदिर. आखिर मंदिर-मस्जिद क्यों तोड़ना चाहते हो?"
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UP- सहारनपुर सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कलैक्ट्रेट के अंदर बनी 100 साल पुरानी मस्जिद को एक महीने के अंदर हटाने का हुक्म दिया है. कोर्ट के अनुसार- "मस्जिद अवैध है और सरकारी जमीन में बनी हुई है" कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने दावा किया- "यह गाटा संख्या- 539 में बनी मस्जिद वालिद खां और याकूब खां के नाम पर है. यह जमीन उन्हीं ने कलैक्ट्रेट, कोषागार और तहसील बनाने के लिए डोनेट की थी. 1911 का बिजली का बिल भी कोर्ट में जमा किया है वह भी पोर्टल से निकालकर. इसी जमीन में एक मंदिर भी बनाया गया है. आप पहले मस्जिद तोड़ोगे और फिर मंदिर. आखिर मंदिर-मस्जिद क्यों तोड़ना चाहते हो?"

Narendra Pratap

267,149 views • 2 months ago

बड़ी ख़बर 🔥 संविदा (Contract, Ad-hoc, Daily Wages) कर्मचारियों की पेंशन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला.... यह फैसला मुख्य रूप से उन कर्मचारियों के लिए है जो पहले लंबे समय तक संविदा, एडहॉक या दैनिक वेतन भोगी के रूप में काम करते रहे और बाद में सरकारी सेवा में नियमित (Regular) हुए। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश में स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की पुरानी सेवा को पेंशन के लिए जोड़ा जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा है कि रेगुलर होने से पहले की गई पुरानी सेवा (जैसे 1990 के दशक से) को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट के अनुसार, केवल रेगुलर होने की तारीख से नौकरी की शुरुआत मानना गलत है। इस फैसले से उन लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्होंने वर्षों तक कॉन्ट्रैक्ट या दैनिक वेतन भोगी के रूप में सेवा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी दोहराया है कि पेंशन कोई खैरात नहीं है, बल्कि यह हर कर्मचारी का वैध और कानूनी अधिकार है।

𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣

13,052 views • 25 days ago

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुयान के हैदराबाद में दिए गए इस वक्तव्य के पाँच मिनट के इस हिस्से को सुनिए जो उन्होंने मतदान के अधिकार पर बोला है। एक एक पंक्ति ऐसी है मानो बग़ीचे से चुन चुन कर सुर्ख गुलाब लाए हों। ज्ञानेश के SIR के ख़िलाफ़ प्रदर्शनकारियों के पथ पर बिछाने के लिए भी और ज्ञानेश का बचाव करने वालों के मुँह पर मारने के लिए भी। वोटिंग राइट छीने जाने के संदर्भ में वे कहते हैं “यह उस संवैधानिक व्यवस्था को नकारना है जिसे हमने भारत के संविधान के आधार पर अपनाया है। भारतीय नागरिकों का वोट देने का अधिकार विदेशी शासन के ख़िलाफ़ भारत के लंबे सालों के संघर्ष से जुड़ा हुआ है… आर्टिकल 326 के साथ बिल्कुल भी छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। कोई भी अथॉरिटी ऐसा नहीं कर सकती। कोई भी कोर्ट इसका समर्थन या समर्थन नहीं कर सकता… कोई भी संविधान से ऊपर नहीं है।"

Umashankar Singh उमाशंकर सिंह

109,743 views • 1 day ago

कलैक्ट्रेट में अवैध मस्जिद की कहानी- 2025 में इस मस्जिद को अवैध बताते हुए बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को अवैध माना और अपने फैसले में इसके ध्वस्तीकरण का आदेश किया. 20 जुलाई 2026 को कांग्रेस के सहारनपुर सांसद इमरान मसूद ने एक प्रेसवार्ता की और बताया- "यह गाटा संख्या- 539 में बनी मस्जिद वालिद खां और याकूब खां के नाम पर है. यह जमीन उन्हीं ने कलैक्ट्रेट, कोषागार और तहसील बनाने के लिए डोनेट की थी. सन्-1911 का बिजली का बिल भी कोर्ट में जमा किया है वह भी पोर्टल से निकालकर. इसी जमीन में एक मंदिर भी बनाया गया है. आप पहले मस्जिद तोड़ोगे और फिर मंदिर. आखिर मंदिर-मस्जिद क्यों तोड़ना चाहते हो" इमरान ने कहा था कि कानूनी पक्ष बहुत मजबूत है इसी खसरे में मंदिर भी बना हुआ है. जो कार्रवाई मस्जिद पर होगी, उसे करने की मजबूरी मंदिर के लिए भी हो जायेगी. मस्जिद की इंतजामिया कमेटी सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ जिला जज की कोर्ट में अपील के लिए गयी. करीब डेढ़ महीने सुनवाई के बाद जिला जज ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बहाल रखते हुए इस मामले में दखल देने से इंकार कर दिया. जिला जज के आदेश के 7 दिन बाद मस्जिद का ध्वस्तीकरण शुरू किया गया है. कलैक्ट्रेट में बनी इस मस्जिद के ध्वस्तीकरण के लिए 4 बुलडोजर सुबह से ही लगातार काम में जुटे है. कलैक्ट्रेट के चारों ओर पुलिस और RAF की टीमें तैनात है. इलाके के पुलिस अधिकारियों के अलावा डीएम, एसएसपी और DIG मौके पर मौजूद है. इमरान मसूद समेत सभी मुस्लिम नेता हाउस अरेस्ट किये गये है.

Narendra Pratap

264,943 views • 1 month ago

आज सुप्रीम कोर्ट का एक निर्णय आया है, जिसके बाद हमारे देश के टुकड़े-टुकड़े गैंग को बड़ा दु:ख और दर्द महसूस हो रहा है। आज उमर खालिद और शरजील इमाम (जिनके लिए केवल कांग्रेस और उसके इकोसिस्टम से नहीं, बल्कि विदेश से भी बहुत सारे पत्र और संवेदनाएं प्रकट हो रही थी), को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी bail को रिजेक्ट कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही कहा कि जिस प्रकार का अपराध उन्होंने किया है, आतंकवाद और दिल्ली को जलाने के जो भी चार्ज उन पर लगाए गए हैं, वो प्रथम दृष्टया सही साबित होते हैं। ये कोई आम अपराध नहीं, बल्कि देश के टुकड़े-टुकड़े करने वाला बहुत ही गंभीर अपराध हैं। - श्री Shehzad Jai Hind पूरा वीडियो देखें :

BJP

29,709 views • 9 months ago

न्याय की जीत, जनता की जीत आज सुप्रीम कोर्ट के 2 फैसलों ने देश की जनता को बड़ी राहत दी है, और न्यायपालिका के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने इन निर्णयों से स्पष्ट संदेश दिया है कि अरावली, पर्यावरण और पीड़ितों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की परिभाषा बदलने को लेकर पुराने फ़ैसले पर रोक लगाकर यह साबित कर दिया कि कोर्ट ने इस मामले को बहुत ही गंभीरता से लिया है। साथ ही, पूर्व में की गई टिप्पणी पर भी रोक लगाकर न्यायालय ने निष्पक्षता और संतुलन का परिचय दिया है। यह फैसला जनता की आवाज़ का सम्मान है, अरावली की पुकार को सुनने का प्रमाण है और खनन माफियाओं के मंसूबों पर करारा प्रहार है। अरावली को बचाने के लिए आगे आने वाले संघर्ष और आंदोलन करने वाले प्रदेश के हर कांग्रेस कार्यकर्ता का दिल से धन्यवाद। मुझे पूर्ण विश्वास है कि जनवरी में आने वाला अंतिम निर्णय भी जनभावनाओं और पर्यावरण संरक्षण के पक्ष में ही होगा। नहीं तो बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर जी से हमें संविधान में संघर्ष और आंदोलन का अधिकार मिला है। जन भावना के साथ खड़े रहेंगे, कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge जी और नेता प्रतिपक्षRahul Gandhi जी के नेतृत्व में जनता की हर लड़ाई लड़ेंगे। साथ ही उन्नाव मामले में पूर्व भाजपा विधायक को दी गई जमानत को रद्द करने का फैसला केवल पीड़िता के साथ न्याय नहीं है, बल्कि यह पूरे देश को भरोसा दिलाने वाला संदेश है कि सत्ता कानून और न्याय से ऊपर नहीं हो सकती। यह निर्णय महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के प्रति न्यायपालिका की अडिग प्रतिबद्धता को दर्शाता है। #SaveAravalli #JusticeForUnnaoVictim

Govind Singh Dotasra

14,433 views • 9 months ago

इस पोस्ट को लाइक और रिपोस्ट,रीट्वीट करते हुए बहन जी आभार करो मायावती जी की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की एक छोटी सी वीडियो क्लिप से आप समझ जाओगे कि आरक्षण क्यों जरूरी है आज बहन जी ने फिर साबित कर दिया कि उनसे बड़ा SC/ST और OBC का हितेषी कोई है नहीं क्या मुख्य बातें कही वो भी जाने मुख्य बातें: 1. संसद के इसी सत्र में संविधान संशोधन लाया जाए और मूल संविधान को बहाल रखा जाए कि एससी और एसटी की लिस्ट बनाने और बदलने का अधिकार सिर्फ़ राष्ट्रपति को है। साथ ही उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 341 और 342 के तहत जो व्यवस्था है, उसे नवीं अनुसूची में डालकर कोर्ट के हस्तक्षेप से मुक्त किया जाए। 2. अगर ये नहीं किया जाता है तो आरक्षण ख़त्म हो जाएगा। सीटें ख़ाली रह जाएँगी और सीटें जनरल में ट्रांसफ़र कर दी जाएँगी। एससी-एसटी और ओबीसी के लिए ये आपातकाल यानी इमरजेंसी 🚨 है। 3. सुप्रीम कोर्ट के आदेश की वजह से अब आरक्षण ख़त्म करने के लिए “संविधान को बदलने की भी ज़रूरत नहीं है।” ये रास्ता खुल गया है। ये बेहद ख़तरनाक स्थिति है। 4. केंद्र सरकार, यानी बीजेपी और कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में बँटवारे की वकालत की इस लिए ये स्थिति आई। उन्होंने तीनों पार्टियों को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि ये सब आरक्षण विरोधी हैं। 5. उन्होंने ख़ास तौर पर केंद्र के अटॉर्नी जनरल और सोलिसिटर जनरल का ज़िक्र किया, जिन्होंने बँटवारे का कोर्ट के अंदर समर्थन किया और ये संकट आया। 6. उन्होंने सपा को भी प्रमोशन में आरक्षण का विरोध करने के लिए आड़े हाथों लिया। 7. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करे। 8. उन्होंने एससी, एसटी, ओबीसी के लोगों से कहा कि बच्चों के भविष्य और संविधान को बचाने के लिए तत्पर रहें। 9. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि बसपा को कोर्ट में अपना पक्ष रखने का मौक़ा नहीं दिया गया। आभार बहन जी 🙏 #SaveReservations #Reservation

Vishal Kumar official

48,587 views • 2 years ago