Video yükleniyor...
Video Yüklenemedi
दिन रात जाति जाति चिल्लाने वालों को अब शायद शर्म आए। शायद …
77,381 görüntüleme • 2 yıl önce •via X (Twitter)
9 Yorum

कुछ त्रिपाठी और मिश्रा लोगों को बड़ा दर्द है, ऐसा क्यों? कोई बता सकता है?

ये बेशर्म लोग है इन्हें शर्म नही आती जिस 'जाति जनगणना' की बात की जा रही है, उसमें लोगों से क्या पूछा जाएगा? दूसरों की जाति गिनोगे, और खुद की नहीं बताओगे? ऐसा नहीं चलेगा। आरक्षण के लिए फॉर्म में जाति पूछा जाए तो ठीक, संसद में पूछ दिया गया तो काँपने लगे। दिन भर में हजार बार जाति-जाति की रट लगाने वालों के सामने एक बार 'जाति' शब्द बोल दिया गया तो फट गई।

वैसे जाति व्यवस्था किसने बनाया है, किसी के पास कोई जवाब है क्या?

तुम इतना जलील होते हो लेकिन तुम्हें आजतक शर्म न आई ।

अखिलेश जी अब तो शर्म कर लो, अपनी ही बोली बात पर,

देश में सबसे ज्यादा जातिवादी लोग,जातिगत आधार पर राजनीति करने वाले,जातिगत जहर घोलने वाले भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर जी की बात से बीदक गए है जो जातिगत आरक्षण लेते है जातिगत जनगणना की बात करने वाले एक प्रश्न से उखड़ गए! पूर्व सीएम अखिलेश यादव का जातिवादी नकाब उतर गया! @yadavakhilesh

संसद में नहीं बल्कि बाहर भी ज्यादा जारी है इन सभी को जबाब देना।

शर्म बेचकर ही तो इस धंधे में आए है, इन बेशर्म को कहा से आयेगी शर्म..🤔

इसे ही दोगलापन कहते है । शर्म नहीं आती @yadavakhilesh जी ये देखके ? या शर्म बेच डाली है ?
