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Ana Sayfaya Dön

दफन हो गया हूं खुद में ही मैं, मेरी एक कब्र दबी है मेरे एहसासों तले...! ख़ैर....

13,137 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

2 Yorum

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_Asif_raj051 yıl önce

दर्द इतना है इस वीडियो में की मैं जो कि सिंगल हूं कभी कोई आया भी नहीं लेकिन आंखे नम हो गई यार

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Tatjana Gmeiner2 yıl önce

I LOVE SINGING ❤️ My lovely followers ❤️ Nice to entertain YOU 🙂

Benzer Videolar

आज महात्मा गांधी जी को कितनी पीड़ा हो रही होगी, सोचिए ज़रा, कि आज एक ऐसा व्यक्ति, एक पापी व्यक्ति, उनका नाम लेकर सत्याग्रह शब्द को बदनाम कर रहा है। ऐसी नौटंकी! मुझे तो उनका इसमें भी महिला विरोधी चेहरा नज़र आता है, क्योंकि जज एक महिला हैं। वो सुना है न आप सबने गाना? “मैं मुजरिम हूं, पर मैं कोर्ट ना जाऊं, मेरी मर्जी। मैं घोटाला करूं, जनता का गुनाहगार हूं, पर मैं अपनी मर्जी का जज लगाऊं, मेरी मर्जी।” ऐसा व्यक्ति जो खुद ही मुजरिम है, खुद ही गवाह है, खुद ही वकील है और खुद ही जज है, ऐसा तो इतिहास ने कभी देखा नहीं। न्याय उनकी मर्जी से नहीं होगा। न्याय तो न्यायपालिका ही करेगी।

Rekha Gupta

10,372 görüntüleme • 4 ay önce

500TH SHOW OF KUCH BHI HO SAKTA HAI! 😍😎🏆 आज जयपुर में मैं अपने autobiographical नाटक “कुछ भी हो सकता है” का 500वाँ शो #RajasthanInternationalCentre में करने जा रहा हूँ। यह सोचकर ही मन भावनाओं से भर जाता है कि 23 साल पहले शुरू हुआ यह सफ़र आज इस मुकाम तक पहुँच गया है।😍 यह नाटक मेरे जीवन की कहानी है। मेरे संघर्षों की, मेरी असफलताओं की, मेरे सपनों की और उन लोगों की जिन्होंने मेरी यात्रा को आकार दिया। इस नाटक में जिन-जिन लोगों का ज़िक्र है—मेरे माता-पिता, मेरे दोस्त, मेरे शिक्षक, मेरे साथी कलाकार, मेरे निर्देशक, निर्माता और जीवन में रास्ते में मिले अनगिनत लोग—मैं आप सभी का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ। आप सबके बिना यह कहानी कभी पूरी नहीं हो सकती थी।🙏😍 मैं हमेशा कहता हूँ कि यह नाटक मेरी असफलताओं की कहानी है। लेकिन शायद मेरी सबसे बड़ी पहचान यही है कि मैं अपनी असफलताओं की ही एक सफलता की कहानी हूँ। सबसे बड़ा धन्यवाद मैं दुनिया भर के उन दर्शकों और प्रशंसकों को देना चाहता हूँ जिन्होंने पिछले 23 वर्षों में इस नाटक को इतना प्यार दिया कि मैं आज 500 शो तक पहुँच पाया। आपकी तालियाँ, आपकी हँसी, आपकी भावनाएँ और आपका प्यार ही इस नाटक की असली ताकत है। आज मंच पर खड़े होकर मैं एक ही बात सोचूँगा कि अगर दर्शकों का साथ यूँ ही मिलता रहा, तो शायद एक दिन हम 1000 शो का जश्न भी मनाएँगे। क्योंकि आखिरकार…“कुछ भी हो सकता है।”🎭#500ThShow #Gratitude #ThankYou

Anupam Kher

21,665 görüntüleme • 6 ay önce