Video wird geladen...

Video konnte nicht geladen werden

Zur Startseite

दिल्ली के नए कैबिनेट मंत्री का एक और खूबसूरत वीडियो । ❣️

539,395 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

10 Kommentare

Profilbild von Dr Anshuman Tiwari
Dr Anshuman Tiwarivor 1 Jahr

अब क्या मतलब,अब तो जीत गया,चुनाव के पहले करनी थी खुरपेंच,अब अगले चुनाव तक समान जमा रखो।

Profilbild von 美月きらり🌙@シンセカイヒーロー
美月きらり🌙@シンセカイヒーローvor 1 Jahr

I’m Kirari Mizuki🌙✨️ I like astronomy, space, nature, and music ✨️ Thanks for the likes Please follow me👾

Profilbild von Krissh Purrohit
Krissh Purrohitvor 1 Jahr

इंसान भूतकाल में क्या कर रहा था वह महत्व नहीं रखता, वर्तमान में वह हिंदू हित में बात कर रहा है। ऐसे खंगालने जाओगे तो एक नेता भी ना मिलेगा

Profilbild von निरंजन कुमार सिंह.
निरंजन कुमार सिंह.vor 1 Jahr

वाकई बहुत खूबसूरत विडियो है। 😁

Profilbild von Ankur Batham
Ankur Bathamvor 1 Jahr

इनका एक वीडियो हमारे प्रधानमंत्री जी के लिए भी है जिसमे वो साहब साहब करके संबोधित कर रहे है और उसके आगे की कहानी अजब गजब देखियेगा आप एक बार

Profilbild von Nitish Shakya
Nitish Shakyavor 1 Jahr

Converted Hindu

Profilbild von Taufeeq Sheikh
Taufeeq Sheikhvor 1 Jahr

अल्लाहू अकबर

Profilbild von Sikandar tyagi (Ex blue tick)
Sikandar tyagi (Ex blue tick)vor 1 Jahr

ऑय ये तो AI का उपयोग है, बदनाम करने की साजिश

Profilbild von Sabeeh Siddiqui
Sabeeh Siddiquivor 1 Jahr

आपको इस तरह के और भी वीडियो मिलेंगे जब वह आप पार्टी में थे

Profilbild von panGhat:/psyH
panGhat:/psyHvor 1 Jahr

भाजपा बुरा मान जाएगी

Ähnliche Videos

बीजेपी दिल्ली में चार चुनाव बुरी तरह से हार गई। अगले कई वर्षों तक दिल्ली जीतने की उनकी कोई उम्मीद नहीं है। तो बीजेपी ने इस अध्यादेश के ज़रिए दिल्ली को हथियाने की कोशिश की है। कैसे- ये अध्यादेश मंत्रियों, मुख्यमंत्री और कैबिनेट के ऊपर अफ़सरों को बिठाता है। - हर विभाग में अब अंतिम निर्णय मंत्री का नहीं, विभाग सचिव का होगा। सचिव मंत्री के निर्णय को ख़ारिज कर सकता है। - कैबिनेट के ऊपर मुख्य सचिव होगा जो तय करेगा कि कैबिनेट का कौन सा निर्णय सही है - अथॉरिटी में CM के निर्णय को पलटने के लिए सीएम के ऊपर दो अफ़सरों को बिठा दिया गया - अफ़सरों की मर्ज़ी के बिना कोई प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं लाया जा सकता। तो सारे निर्णय अब अफ़सर लेंगे। और इन अफ़सरों पर सीधे केंद्र सरकार का कंट्रोल होगा। इस तरह बीजेपी चुनाव हारने के बाद चोरी से दिल्ली सरकार चलाना चाहती है।

Arvind Kejriwal

692,470 Aufrufe • vor 3 Jahren