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देशी की पावर 👊 बाद में जो हुआ होगा वो नि पता ,, फिलहाल तो फुल पावर है 😂

129,463 次观看 • 8 个月前 •via X (Twitter)

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आरके सिंह, जो कभी पावर मिनिस्टर और होम सेक्रेटरी रहे हैं उन्हें अच्छी तरह पता है कि बिजली क्षेत्र में बिडिंग कैसे होती है। उन्हें मालूम है कि अडानी पावर ने ओपन और ट्रांसपेरेंट रिवर्स ऑक्शन में टोरेंट पावर, ललितपुर पावर और जेएसडब्ल्यू एनर्जी जैसी बड़ी कंपनियों को हराकर सबसे कम टैरिफ ₹6.075 प्रति यूनिट कोट किया था, वो भी DEEP पोर्टल पर। उन्हें ये भी पता है कि बिहार इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने उस डील को बाकायदा जांचकर मंजूरी दी थी। उन्हें ये भी पता है कि जमीन लीज पर दी गई है, गिफ्ट में नहीं और वो भी बिहार की इंडस्ट्रियल पॉलिसी के तहत। और ये सब कुछ चुनाव से महीनों पहले हुआ था। तो फिर चुनाव से 48 घंटे पहले इतना ड्रामा क्यों? आरके सिंह ने अपनी सीट खो दी, मंत्री पद भी चला गया और अब सुर्खियों में आने के लिए अपनी ही पार्टी और राज्य पर सवाल उठा रहे हैं। और जहां तक प्रशांत भूषण की बात है, वो तो बस हंगामा मचा रहे हैं। ये ₹30,000 करोड़ का प्रोजेक्ट बिहार को अगले 25 साल तक 2,274 मेगावॉट बिजली देगा, 15,000 से ज्यादा नौकरियां पैदा करेगा और पावर-स्टार्व्ड बिहार को स्थिर बेस लोड देगा। अगर इसे भी ये लोग घोटाला कह रहे हैं, तो असली घोटाला शायद ये है कि राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए ये लोग कितना ज्यादा गिर सकते हैं।

ocean jain

112,831 次观看 • 11 个月前