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धरती केवल हमारी नहीं है; यह पशु-पक्षियों, जीव-जंतुओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी है।

21,724 次观看 • 1 个月前 •via X (Twitter)

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बीकानेर की धरती पर खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं बल्कि संस्कृति, आस्था और जीवनदायिनी विरासत भी है… खेजड़ी वृक्षों के संरक्षण के लिए आप सभी द्वारा चलाया जा रहा शांतिपूर्ण, अनुशासित और दृढ़ जनआंदोलन यह साबित करता है कि जब जनता प्रकृति के पक्ष में खड़ी होती है तो इतिहास दिशा बदलने को मजबूर हो जाता है। हमारी पार्टी इस जनआंदोलन को अपना पूर्ण नैतिक, वैचारिक और सार्वजनिक समर्थन देती है। यह लड़ाई किसी एक क्षेत्र या पेड़ की नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य, पर्यावरणीय संतुलन और सभ्यता की आत्मा को बचाने की लड़ाई है। जो सत्ता विकास के नाम पर विनाश का रास्ता चुन रही है उसे यह समझना होगा की प्रकृति से टकराकर कोई भी विकास स्थाई नहीं हो पाया है इसलिए सरकार पैसे की भावना की जगह जनभावना को सुनने का काम करें।

Abhay Singh Chautala

10,770 次观看 • 7 个月前

प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे के अगले दिन हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई फिर से शुरू हो गई है। यह संयोग नहीं, यह एक सुनियोजित विनाश है। भाजपा सरकार ने आदिवासी समुदाय के अस्तित्व और पर्यावरण को अदानी की लूट के लिए कुर्बान कर दिया। क्या यही है विकास का मॉडल? हसदेव अरण्य, वह अद्भुत जंगल, जहां प्रकृति ने अपनी पूरी खूबसूरती और जीवन को संजोया है, आज आंसू बहा रहा है। वह भूमि, जो सदियों से आदिवासियों की पहचान रही है, उनकी परंपराओं और आस्थाओं का प्रतीक रही है, आज एक अदानी के हाथों में बेची जा रही है। यह केवल एक जंगल की कटाई नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य की विनाश की शुरुआत है। जब हम इन जंगलों को खोते हैं, तो हम अपनी पहचान, अपने वजूद और हमारे आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन की नींव को खोते हैं। यह एक दर्दनाक सत्य है कि सत्ता के खातिर प्रकृति और आदिवासियों का शोषण किया जा रहा है, और यह हमें हर दिन और भी ज्यादा तोड़ रहा है। यह केवल पेड़ नहीं, बल्कि हमारे सपने, हमारे अधिकार और हमारी ज़िंदगी की जड़ें हैं।

Hansraj Meena

87,676 次观看 • 1 年前