धर्म तो सिर्फ एक ही है "सनातन धर्म" 🙏
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36 条评论

Love the way Sanatan Dharma has been explained. How many really understand it. Thanks for sharing.

Beautifully explained 🙌👏🚩🔱

धन्यवाद 🙏

@ZAmit_Rajputspr बिल्कुल सही कहा 🙏

@ZAmit_Rajputspr FB Pls

Bhai inse puchho... Pita ka dharm kya hai? Mata ka dharm kya hai? Putra ka dharm kya hai? Manusya dharm kya hai? Pahle hamare Guru yahi sav baton par dhyan dete the. इसलिए भगवान कृष्ण ने अर्जुन को कहा था -" उठो पार्थ अपना क्षत्रिय धर्म निभाओ।" जय श्री कृष्णा 🙏

ज्ञान प्राप्त करना ही सनातन धर्म का लक्ष्य है। भगवान का सेवा करना उस लक्ष्य पाने का एक माध्यम है।

जो व्यक्ति धर्म यानी सनातन को नहीं मानता वह इंसान मूल स्वभाव में है ही नहीं , फिर आप भगत सिंह को क्या मानते है आंबेडकर को क्या मानते है

बिल्कुल ठीक कहा विजय भाई आपने सिर्फ एक ही धर्म है इस संसार में वह है सनातन धर्म 🚩🙏

बकवास । सनातन नाम का कोई धर्म नहीं है । हिंदू नामक कोई रिलिजन नहीं है । इस्लाम, क्रिस्टिएनिटी, सिख, बौध आदि नामक रिलिजन है ।

पहले वैदिक धर्म फिर आर्य धर्म उसके बाद हिन्दू धर्म और अब सनातन हो गया तो पहले सब चुटियाफा किया जाता था क्या भगवा धर्म के नाम पर ?

बढ़िया 👍🏽👍🏽

Dharm to ek hai aur wo hai pagalpanti jo 2014 k baad se shuru huwa hai.

"सनातन" याने जो परमसत्य था,है और आगे भी एकसा ही रहेगा🕉️ मगर,आजकल ये जो मीडिया,राजनीतीकरण,RSS VHP,Sanghi,BJP,पेशवाई चाल चलनेवाला आज का बामनशाही पुरस्कृत सनातन_तनातन जो कथित हिंदू धर्म नहीं था ना है📚भले ही हिन्दू धर्म सनातन का प्रतिरूप या नजदीक लगे💞 मानवता ही सत्य सनातन धर्म है👌

नासुरों को नहीं समझाया जा सकता यदि समझाने से अधर्मी समझ जाते तो महाभारत न होता।

बिल्कुल सही कहा आपने सर जी 🙏

Kya logic hai 😆

bhai ko salute

निस्संदेह! धर्म तो एक ही है सनातन धर्म।

बाकी सब पंथ है

सिख हिन्दू हैं

जय श्री राम 🙏

बिल्कुल सही

@Apurvfagna बिल्कुल, सनातन धर्म ही सर्वश्रेष्ठ है।

बहुत बढ़िया अति उत्तम

भोसड़ी के सनातन कोई धर्म नहीं है चुटिया ठीक है धर्म वही होता है जो सब जगह एक ही जैसा होता है जैसे आग का काम है जलाना जलना फिर चाहे वह हिंदू के घर में हो मुसलमान के घर में हो सिख के घर में हो धर्म नेचर होता है किसी का क्या नेचर है जैसे बर्फ का काम है ठंडा करना

महा मूर्ख और अज्ञानी व्यक्ति हैं आप । "धर्म" का अर्थ केवल और केवल "कर्तव्य" होता है, जैसे मातृधर्म, पितृधर्म, भातृधर्म, पुत्रधर्म, मानवधर्म इत्यादि, क्योंकि बिना कर्तव्यों वाला व्यक्ति पशु समान है । आप अपना नागरिकधर्म और राष्ट्रधर्म समझ ही नहीं पाए, तो आपसे बड़ा पशु कौन होगा ?

टकले के प्रशंसक लगते हैं बॉस

💯👍🙏

Jai sanatan

बौद्ध ग्रंथों (विशेषकर धम्मपद और अन्य सुत्तों) में बुद्ध ने कई जगहों पर कहा है कि उनके द्वारा बताए गए नियम शाश्वत या अनादि-अनंत हैं, क्योंकि वे ब्रह्मांड की प्राकृतिक सच्चाई हैं, न कि किसी व्यक्ति द्वारा निर्मित। शाश्वत नियम- प्रकृति का नियम है, क्रिया के विरुद्ध प्रतिक्रिया अवश्य होगी। धम्मपद (Dhammapada) में प्रसिद्ध श्लोक: "एसो धम्मो सनन्तनो" (Eso Dhammo Sanantano) – अर्थात् "यही सनातन धम्म है"। उदाहरण: "न हि वेरेण वेरानि सम्मन्तीध कुदाचनं। अवेरेण च सम्मन्ति, एस धम्मो सनन्तनो॥" (द्वेष से द्वेष कभी शांत नहीं होता, अवेर से ही शांत होता है, यही सनातन धम्म है।) अन्य जगहों पर बुद्ध कहते हैं कि धम्म (कर्म का नियम, अनित्यता, दुःख का कारण आदि) अनादि काल से चला आ रहा है। पिछले बुद्धों ने भी यही धम्म पुनः खोजा और सिखाया। यह प्रकृति का स्वाभाविक नियम (natural law) है, जो समय से परे है। बौद्ध धर्म में धम्म की प्रकृति बौद्ध दर्शन में धम्म (Dhamma) दो अर्थों में आता है: बुद्ध की शिक्षाएँ (बुद्ध-वचन)। ब्रह्मांड के शाश्वत प्राकृतिक नियम (जैसे कर्म-फल, अनित्यता, अनात्मा, दुःख)। बुद्ध ने इसे "अकालिको" (तुरंत फल देने वाला), "सन्दिट्ठिको" (व्यक्तिगत अनुभव से सिद्ध) और "सनन्तनो" (शाश्वत) कहा है। यह ऋत (वैदिक ऋत) जैसा है – प्रकृति का अनादि क्रम।

बहुत सुंदर ♥️

Hinduo ko bachpan se hi school main sanatan gayan dena chahiye. Ye to jaanbujh kar hinduo ko santan dharm se door karne ki koshish lagti hai.

Abe andhbhakt religion aur Dharam kiya hota hai Dharam ko English me Religion bolte hai Jo sacha hoga log usko he apnayege

धर्म तो एकही है "मानवता" ! सनातन नाम का कोई धर्म नहीं है!😛😛😛

Thankyou





