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ना थकान, ना कोई लड़ाई। ये है आदिवासी समाज की संस्कृति।
12,060 görüntüleme • 3 yıl önce •via X (Twitter)
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आपका ट्वीट या फेसबुक पोस्ट सही कौन हे यही फर्क हे समाज सेवी और राजनीति में । कौन समाज के प्रति समर्पित👇👇

भील होकर भील बोलने में शर्म आती है विधायक को तो समाज का बेड़ा गर्क होना ही हे

आदिवासी परिवार के नाम से नॉन रजिस्टर संगठन बना रखा हे बाकी आदिवासी शब्द अभी तक ऑथेंटिक नही हे लेकिन भील एक ऑथेंटिक गौरवान्वित शब्द है भील समुदाय का स्वर्णिम इतिहास हे ये महिलाएं है कौन ? कुछ तो पहचान होगी इनकी या पूरे भारत के सारे समुदाय शामिल नाच रहे है इसलिए आदिवासी लिखा है ?

एक बात बताओ विधायक जी आदिवासी समाज की डेफिनेशन क्या हे ओर इसकी शादियां किसमे होती हे और ये आजाद भारत में कब नोटीफाई हुआ ।समाज हवा में नही बनता उसका DNA और नैन नक्श और बनावट शामिल होती हैं

यही कुछ शर्मसार करने वाली और समाज को बैकफुट पर धकेलने वाली हरकते हे जिस कारण सामाजिक और राजनीतिक लोगो मे दूरियां पनपती है भीलों का पैसा 10 लाख जिस यूनिवर्सिटी को दिया उसका नाम तो पता होगा कि भूल गए❓

हसी आती है आपके ट्वीट को देख कर जब एक विधायक खुद के कबीले का नाम नही लिख सकता उससे भील समाज क्या उम्मीद करे मुझे गर्व है में भील हु #जय_भीलवंश

विधायक जी ये कोन सा आदिवासी समुदाय है कृपया बताने का कष्ट करें ❓🙏

भील प्रदेश एक जुमला है असल में आदिवासी प्रदेश कि मांग करनी चाहिए आपके ट्विट के हिसाब से ये महिला कोन से समुदाय कि है ❓😂😂

मुझे गर्व है कि मै एक आदिवासी परिवार में जन्म लिया है निराले गीतों से ही भूख प्यास दूर हो जाती है जय जोहार जय आदिवासी

जोहार.... #वैदिक_जनजाति_डिलिस्टिंग_हो #वैदिक_जनजाति_डिलिस्टिंग_हो
