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नए UGC नियमों के अनुसार ब्राह्मणों को पोंगा पंडित, मुखपुत्र, पाखंडी, भिखारी, सुदामा कहना जातिगत भेदभाव नहीं माना जाएगा। UGC INDIA Ministry of Education यह कैसी समता (Equity) है? यह समता नहीं जनरल कैटेगरी (GC) के खिलाफ अपार्थाइड है। #BJPAgainstGC
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एंकर “क्या UGC नैचुरल जस्टिस के ख़िलाफ़ है” बहुजनों के साथ अन्याय को इतना नेचुरल बना दिया है की उनपर अत्याचार करने का अधिकार भी नेचुरल लगने लगा है! ये चिंता नहीं की रोहित, पायल और दर्शन की माँ अपने बच्चों को खोने के बाद सुप्रीम कोर्ट गई केवल इसलिए की 2012 का UGC क़ानून देश में ढंग से लागू नहीं हुआ और उनके बच्चे उनसे छिन गए! ये चिंता नहीं की विश्वविद्यालयों में Caste Discrimination को आज तक civil act माना गया है Criminal Act नहीं बनाया गया इसलिए जेल जाने की नौबत नहीं आती तो धड़ल्ले से जातिगत भेदभाव कर रहे हैं। अंत में Equity कमिटी मामले को VC के पास भेजेगी और VC की देश में कितनी डाइवर्सिटी है सबको पता है ! शर्म नहीं आती उन लोगों को जो आज भी दमन का अधिकार जारी रखना चाहते हैं!
Priyanka Bharti
136,128 просмотров • 6 месяцев назад
