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नरेंद्र मोदी एक कमजोर प्रधानमंत्री हैं
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11 Kommentare

तुम्हारा मतलब रिमोट कंट्रोल वाले गूंगा PM ताकतवर थे? 😂

YEAR OF THE KOTO 💊🀄🐉 ★彡⋆°✩°░▒▓█▀▀▄█▓▒░░▒▓█ VISIT *** *** NOW!!!

एक बाजू आप कहते हो कि मोदीजी इतने ताकतवर हैं की वो विदेश जाकर उनको अड़ानी के साथ काम करने पर मजबूर करते हो और अब कहते हो कि मोदीजी बहुत कमजोर हैं 🙄 आख़िर कहना क्या चाहते हो ? 🤔🤔 #usdeportation

It’s really shamefull …… this is the face of bjp shame on them

टक्कर मारकर देखो , नहि तो जस्टिन ट्रूडो से पूछो !

@POTUS and @elonmusk is watching all this. They will ban everyone's entry supporting illegals.

*ट्रम्प ने अमेरिका से घुसपैठियों को भगाना शुरू कर दिया।* 💪 भारत होता तो... रोकने के लिए ... *इंडी वाले सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाते।* 🤔

✦✦✦हिम्मत हो और देश के लिए सम्मान हो तो एक देश मात्र 5.2 करोड़ लोगों की जनसंख्या के साथ दुनिया की 39वीं नंबर की अर्थव्यवस्था होने के बावजूद अमेरिका जैसे महाबली को अपनी शर्तों पर झुकने को मजबूर कर सकता। यह काम कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने किया। अमेरिका, जो दुनिया का स्वयंभू दादा बना फिरता है, अवैध प्रवासियों को सी-17 जैसे सैन्य जहाजों में बेड़ियों और हथकड़ियों के साथ वापसी का शिष्टाचार सिखा रहा था। इसे देख गुस्तावो पेट्रो ने न केवल नाराज़गी जाहिर की बल्कि साहसिक निर्णय लेते हुए उस मालवाहक विमान को अपने देश की धरती पर उतरने से मना कर दिया। सी-17 विमान हवा में भटकता रहा और आखिरकार अपनी बेइज्ज़ती लेकर अमेरिका लौट गया। ✦✦✦ लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। कोलंबिया ने दो पैसेंजर एयरलाइंस जहाज अमेरिका भेजे, जहां उनके नागरिक बिना बेड़ियों के, इज़्ज़त से बैठे और अपने देश लौटे। जब विमान बोगोटा की धरती पर उतरा, राष्ट्रपति पेट्रो खुद जहाज के अंदर गए। उनकी वाणी में गरिमा और गर्व झलक रहा था। उन्होंने कहा, "अब आप आज़ाद हैं। यह आपकी मातृभूमि है। हम आपकी हर संभव मदद करेंगे ताकि आप कोलंबिया में इज़्ज़त की ज़िंदगी जी सकें।" ✦✦✦ अब आइए भारत की ओर। हमारी तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है, परमाणु हथियार संपन्न शक्ति हैं, और 140 करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला "सबसे लोकप्रिय" प्रधानमंत्री है। लेकिन जब अमेरिका ने हमारे नागरिकों को हथकड़ियों में बांधकर C-17 में भेड़-बकरियों की तरह भेजा, तब हमारी सरकार ने महज़ एक ट्वीट भी करना मुनासिब नहीं समझा। ✦✦✦ "तुम्हारे जहाज़ उड़ते रहे, हमारे सर झुकते रहे, कहीं आंसुओं के बादल थे, कहीं चुप्पियों के रेले थे।" लगता है कि हमारी सरकार ने मान लिया है कि "विकास की असली परिभाषा यह है कि अपने नागरिकों की बेइज्ज़ती देखकर भी आंखें मूंद लो, क्योंकि बड़े देशों में छोटी-छोटी बातें होती रहती हैं।" कोलंबिया ने जो किया, वह साहस नहीं बल्कि आत्मसम्मान की पराकाष्ठा थी। यह हमारे लिए एक सबक है कि जब तक राष्ट्र अपनी जनता की इज़्ज़त की परवाह नहीं करता, तब तक वह सिर्फ कागज़ पर शक्तिशाली होता है। ✦✦✦ घण्टेश को ये सबक कोलंबिया से लेना चाहिए कि हवा में उड़ने से पहले ज़रूरी है कि धरती पर इज़्ज़त से खड़ा होना सीखा जाए। #VijayShukla

कोलंबिया के राष्ट्रपति को सलाम जो अमरीका से आंख में आंख मिलकर जवाब दिया है।

@JaliKamalakar Shame on America and Shame on India to tolerate this. Illegal immigrants are not criminals but good humans desiring to live good life as they please. What America did is totally disgusting and cruel way of deportation. India must retaliate in similar fashion.....

कह दो कि यह झूठ है 😭😭😢🙊 अरे वो तो एक चुनावी फायनेंसर को वहां सजा सुनाई गई है अगर चूं चां किया तो उसका नंबर आ जाएगा 😭😢😢🙊🙊 समझा करो
