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नरेंद्र मोदी डर गए हैं.. क्योंकि जानते हैं कि चुनाव हार रहे हैं.

150,433 просмотров • 2 лет назад •via X (Twitter)

Комментарии: 9

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Lt.Cdr ShaShi Singh (R)2 лет назад

एक चुटकी सिंदूर की और एक मंगलसूत्र की क़ीमत तुम क्या जानो इटालियन आंटी !

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Kumar2 лет назад

एक तो मुझे ये गाँधी परिवार की क़ुरबानी वाला concept समझ नहीं आता कोई भी चुनाव हो... इनके चशमो चिराग तो यही गाते हैं कि हमारी दादी ने देश के लिए क़ुरबानी दी, हमारे पापा ने देश के लिए क़ुरबानी दी अरे भैया कौन सी क़ुरबानी... कौन सा बलिदान?? पंजाब में सब सही चल रहा था.... अकाली दल को रोकने के लिए इंदिरा गाँधी एक Alternative ढूंढ रही थी... फिर उन्हें भिंडरावाले मिला... उसको दिल्ली बुला कर बकायादा संजय गाँधी ने interview ले कर अपने काम के लिए तैयार किया. फिर इनका प्यादा भिंडरावाले महत्वकांक्षी हो गया.. ऊपर से पाकिस्तान ने भी उसके सर पर हाथ रख दिया.... उसे ख़ालिस्तान का सपना दिखाया और फिर वह कांग्रेस के हाथों से निकल गया. फिर उसे मरवाने के लिए स्वर्ण मंदिर पर चढ़ाई कर दी... सैंकड़ो सिख मारे गए.... बाद में इस घटना का बदला लेने के लिए 2 सिख अंगरक्षकों ने इंदिरा गाँधी को मार दिया. यह कोई क़ुरबानी या बलिदान नहीं था... खुद के कुकर्मो का फल था...जिन कुकर्मो के कारण 70-80 के दशक में हजारों हिन्दू मारे गए पंजाब में.. और फिर 84 के दंगों के बाद हजारों सिख मारे गए.. पंजाब आतंकवाद की आग में 2 दशक झुलसा रहा... जिसमें हजारों लोग मारे गए. अपने कुकर्मो के कारण हत्या हो जाना देश के लिए क़ुरबानी नहीं होती. रही बात राजीव गाँधी की... तो वह अपने और अपनी माँ द्वारा किये गए Misadventure के शिकार हुए. वैसे तो श्रीलंका में आजादी के बाद से ही तमिल और स्थानीय आबादी सिंहली लोगों के बीच द्वन्द शुरू हो गया था...70 के दशक में यह और भी उग्र हो गया... और फिर प्रभाकरण ने LTTE बनाया. Cold war का जमाना था... भारत जहाँ सोवियत के खेमे में था... श्रीलंका अमेरिका के करीब था.... ऐसे में इंदिरा गाँधी को लगा कि वह तमिल और सिंहली लोगों के इस मुद्दे को सुलझा कर इस क्षेत्र में बढ़त हासिल कर सकती हैं. इसीलिए उन्होंने श्रीलंका सरकार और LTTE के बीच मध्यस्थता की... और भूटान की राजधानी में दोनों पक्ष के बीच बातचीत शुरू करवाई. अब यहाँ इंदिरा गाँधी खेल कर गई.... तमिलनाडु की कुछ पार्टियों को खुश करने और खुद की महत्वकांक्षा को पूरा करने के लिए उन्होंने LTTE के लड़ाकों को Training देना शुरू कर दिया था. आपको जानकार आश्चर्य हो सकता है कि तमिलनाडु में LTTE के ढेरों training camps थे...जिसमें सबसे बड़ा था कोलाथुर का camp....इसके अतिरिक्त कर्नाटक, उत्तरप्रदेश (नैनीताल... तब नैनीताल UP में ही था ) में भी training camps थे. प्रभाकरण बाकायदा RAW के अफसरों के साथ घूमता था..... मैंने कहीं पढ़ा था कि वह महू के आर्मी training center भी गया था. यह 80 के दशक के शुरुआत की बात है.... LTTE दिन प्रतिदिन घातक होता चला गया....क्यूंकि उन्हें आर्मी Grade training और Weapons दिए जा रहे थे. इंदिरा गाँधी की हत्या हुई... और उसके बाद खेल बिगड़ने लगा.... राजीव गाँधी ने श्रीलंका सरकार और LTTE के बीच बात करवाई....लेकिन बात बनी नहीं. LTTE को लगने लगा था कि राजीव गाँधी उनके साथ game कर रहे हैं. और जल्दी ही वह समय भी आया.. जब इंदिरा गाँधी द्वारा पोषित LTTE का प्रभाकरण उनके बेटे का सबसे बड़ा दुश्मन बन गया था. राजीव गाँधी ने Peace Keeping Force भेज दी... बिना किसी तैयारी के... कश्मीर के पहाड़ो पर तैनात units को रातो रात श्रीलंका के जंगलो में deploy किया गया..... हमारे 1165 सैनिक मारे गए थे इस पूरी प्रक्रिया में. और इसके बाद तो LTTE और भारतीय सरकार के रिश्ते बेहद ख़राब हो गए थे.... जिसका परिणीति राजीव गाँधी की हत्या में हुई. बताइये.. क्या यह देश के लिए क़ुरबानी थी? या अपने कुकर्मो का फल??

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FIGHTER 1.0 🚩2 лет назад

मोदी को मैं 2002 से कपता देख रहा है ..... हारता भी देख रहा हु । लेकिन इतना बेशर्म है मोदी फिर चुनाव लड़ने का जाता है । राजनीति का तो मोदी को रा नही पता , सब कुछ रागा को पता है बस । जिस चुनाव में रागा खड़ा हो जाये जीत पक्की बस नाम ही काफी है ।

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Rajat Sharma2 лет назад

Dar tho khangress gayi hai - Jun 4 ko antim sanskar jo hona hai tumhara

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Girish Doad2 лет назад

बाबू सिर्फ 4 जुन को थाईलैंड भागना मत 🙌

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Manisha Vakharia2 лет назад

हाहा! पहले वाइनाड जीतो! #FocusOnWaynad 😂😂

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Rajan Clement Sah2 лет назад

अगर कांग्रेस के अनुमान के अनुसार मोदी जी चुनाव हार रहे हैं,तो उन्हें नए प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा भी कर देनी चाहिए। अन्यथा इसे झूठ वक्तव्य समझा जाएगा।

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Vikram Singh2 лет назад

Pehle isko baat Krna sikhao

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Arvind Soni2 лет назад

क्यों अपने बाप को भड़का रहा है ?

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