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नरेंद्र मोदी ने संविधान नहीं पढ़ा है🔥

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कौन हैं नरेंद्र मोदी? हैं कौन? क्या चीज हैं वे? न ऊंचे खानदान का है, न सेंट स्टीफंस, जेवियर्स या केंब्रिज या ऑक्सफोर्ड का पढ़ा है, न किसी राजा या जमींदार, टाटा, बिड़ला, डालमिया के परिवार का है, न ब्राह्मण है, न क्षत्रिय, न सवर्ण वैश्य. कोई अग्रवाल, बंसल, जिंदल किसी मोढ घांची तेली को बनिया तो मानता नहीं है. मोदी गुजराती स्कूल में पढ़ा. राहुल या थरूर की तरह फुर्र-फुर्र अंग्रेजी बोल नहीं पाता. चम्मच-छुरी से खाना नहीं जानता. इतने बड़े-बड़े खानदानी लोगों के होते हुए, भारतीय लोकतंत्र ने एक मोढ घांची तेली लोअर मिडिल क्लास को उठाकर भारत के 140 करोड़ लोगों के सिर पर बिठा दिया. क्या फालतू सिस्टम है! य़ा कहें कि क्या शानदार सिस्टम है जहां राजा रानी के पेट से नहीं, वोट से पैदा हो रहा है. वरना नरेंद्र मोदी कहीं तेल बेच रहे होते या परचून की दुकान चला रहे होते. या बीजेपी दफ्तर में दरी बिछा रहे होते या झाड़ू लगा रहे होते. चुनाव, लोकतंत्र और संविधान है तो मोदी है. ये सब खत्म तो मोदी जीरो है. बीजेपी ही लात मारकर भगा देगी. चुनाव, लोकतंत्र और संविधान सबसे ज्यादा सुरक्षित मोदी जैसे तथाकथित "मामूली और छोटे लोगों" के हाथ में है. उनका हित है संविधान को बचाए रखने में. वे लाभार्थी हैं संविधान के. न ऊंचे खानदान का है, न सेंट स्फीफंस या केंब्रिज या ऑक्सफोर्ड का पढ़ा है, न किसी राजा या जमींदार के परिवार का है, न ब्राह्मण है, न क्षत्रिय, न सवर्ण वैश्य. कोई अग्रवाल, बंसल, जिंदल उनको बनिया तो मानता नहीं है. तो समझ लीजिए मोदी क्या है. क्या शानदार संविधान बनाया है बाबा साहब के नेतृत्व में संविधान सभा ने. हम आप हर कोई सोच सकता है प्रधानमंत्री बनने की. मैं तो फिर भी अपेक्षाकृत इलीट हूं, मोदी तक ने सोच लिया होगा कभी कि प्रधानमंत्री बनना है.

Dilip Mandal

250,866 просмотров • 2 лет назад