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पंचायत सहायकों की बात सुने सरकार, अन्यथा सपा सरकार बनने पर पूरी होगी मांग
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पंचायत सहायकों की मांगों पर सरकार नियमों के तहत गंभीरता से विचार और समाधान की दिशा में काम कर रही है। सपा के सत्ता में आने के दावे से पहले जनता अपने शासनकाल का रिकॉर्ड भी जरूर याद रखेगी।

₹6,000-₹9,000 के मानदेय की जगह पंचायत सहायकों के लिए जीवनयापन योग्य व कुशल न्यूनतम मजदूरी के आधार पर ₹30,000 प्रति माह मानदेय की व्यवस्था।

बजट और मानदेय के हर महीने समय पर सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गारंटी।

बजट और मानदेय के हर महीने समय पर सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गारंटी।

पंचायत सहायकों की समस्याओं पर सरकार से संवाद और नियमों के तहत समाधान की मांग लोकतांत्रिक तरीका है। सपा सरकार का दावा करने से पहले अपने कार्यकाल का रिकॉर्ड भी जनता के सामने रखना चाहिए। योगी सरकार में मांगों पर संवाद और पात्रता के अनुसार समाधान की प्रक्रिया जारी रहती है। धमकी की राजनीति नहीं, तथ्य और नीति के आधार पर समाधान जरूरी है।

ज़रूरत और सुविधा के अनुसार स्पष्ट स्थानांतरण नीति लागू करना ताकि कर्मियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

योगी सरकार में मांगों पर संवाद और पात्रता के अनुसार समाधान की प्रक्रिया जारी रहती है। धमकी की राजनीति नहीं, तथ्य और नीति के आधार पर समाधान जरूरी है।

बस यही वजह है कि आप का समर्थन नही कर पाता ये भर्ती परीक्षा से क्यों नहीं हो जाती

बेरोजगार दिवस की शुभकामनाएं

9000 me nahi hoga yar

वर्षों से सेवाएं दे रहे पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए संविदा व्यवस्था को समाप्त कर नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की स्पष्ट नीति बनाना।

ये पक्का सपाई है 😅😅

सपा सरकार का दावा करने से पहले अपने कार्यकाल का रिकॉर्ड भी जनता के सामने रखना चाहिए। योगी सरकार में मांगों पर संवाद और पात्रता के अनुसार समाधान की प्रक्रिया जारी रहती है। धमकी की राजनीति नहीं, तथ्य और नीति के आधार पर समाधान जरूरी है।

2017 से पहले आपकी सरकार में जब भी कोई भर्ती निकलती थी तो योग्यता नहीं बल्कि सिफ़ारिश और कट-मनी चलती थी। कोर्ट-कचहरी में भर्तियों का अटकना ही सपा का असली प्रशासनिक मॉडल था।

उ•प्र• शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा असिटेंट प्रोफेसर और प्रवक्ता पद पर अनुसूचित जनजाति कोटे की निर्धारित 2% आरक्षण को शून्य करते वो सीट EWS को दिया जा रहा हैं इस पर भी आवाज़ उठाइये 🙏🙏🙏

बीवी का मेकअप तो 30 में भी नहीं हो पाएगा भैया जी @grok 🤣

पंचायत सहायकों के साथ भाजपा सरकार है और उनके लिए लगातार कार्य कर रही है सपा तो सिर्फ उनको भ्रमित कर अपने जातिवाद एवं तुष्टिकरण की राजनीति को सेट करने में लगी हुई है

महिला कर्मचारियों के लिए संवैधानिकी मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) और सुरक्षा लाभ लागू करना।

सपा को चिंता करने की जरूरत नहीं। पंचायत सहायकों की मांगें सुनने के बाद योगी सरकार ने मानदेय ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 कर दिया है, साथ में सेवा सुरक्षा, DBT और कैशलेस उपचार जैसी सुविधाएं भी दी हैं। जनता को सिर्फ वादे नहीं, काम चाहिए।

ये इसके पहले कितना कमाता था

30000


