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पंजाब के इतिहास में पहली बार: अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को घोषित किया खालसा पंथ विरोधी! ❌ खुद को सिख मूल्यों का रखवाला बताने वाले भगवंत मान का असली चेहरा सामने आ गया है। गुरु साहिबान की तस्वीर के अपमान के गंभीर आरोपों के बाद, यह...

12,818 görüntüleme • 2 ay önce •via X (Twitter)

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जिस पवित्र श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा के आगे शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह जी जैसे महान शासक ने भी सिर झुकाया, आज उसी सर्वोच्च पंथक संस्था को चुनौती देने का अहंकार भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल दिखा रहे हैं। 1802 में अकाल तख्त साहिब ने महाराजा रणजीत सिंह जी को तनखैया घोषित किया था। सिख साम्राज्य के संस्थापक और पंजाब के महानतम शासक होने के बावजूद वे अकाल तख्त साहिब के समक्ष हाजिर हुए, मर्यादा स्वीकार की और सिर झुकाकर क्षमा मांगी। यही अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता है, यही पंथ की परंपरा है। लेकिन आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके आका अरविंद केजरीवाल का अहंकार देखिए। गुरु साहिबान की तस्वीरों पर शराब छिड़कने वाले वायरल वीडियो पर श्री अकाल तख्त साहिब ने फॉरेंसिक जांच करवाई। नीचे पोस्ट की गई वीडियो साफ दिखा रही है कि श्री अकाल तख्त साहिब ने वीडियो की जाँच भी भगवंत मान की पसंद वाली 2 फॉरेंसिक लैब से करवाई। सिंह साहिबान ने रिपोर्ट्स के आधार पर भगवंत मान को “गुरु-दोखी” और “खालसा पंथ विरोधी” घोषित कर दिया। AAP ने अकाल तख्त साहिब के फैसले का सम्मान करने के बजाय उसी सर्वोच्च संस्था, सिंह साहिबान और जत्थेदार साहिब को निशाना बनाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, अपमानजनक भाषा और पंथक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर हमले का प्रयास किया। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। भगवंत मान विधानसभा में शराब पीकर पहुंचते हैं, गुरुद्वारा-मंदिर शराब पीकर जाते हैं, मीटिंग में नशे में जाते हैं, लोकसभा नशे में जाते थे, माँ की झूठी कसम खाते हैं और अब गुरु साहिबान व अकाल तख्त साहिब का खुला अपमान कर रहे हैं। अब मामला केवल व्यक्तिगत आचरण का नहीं, बल्कि गुरु साहिबान की मर्यादा और श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मान का है। भगवंत मान और केजरीवाल जी को समझ लेना चाहिए कि पंजाब की सत्ता अस्थायी है, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा शाश्वत है। राजनीतिक अहंकार में पंथक संस्थाओं का अपमान करने वालों को पंजाब कभी माफ नहीं करेगा। भगवंत मान को तुरंत श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष हाजिर होकर क्षमा मांगनी चाहिए और उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटा दिया जाना चाहिए।

Swati Maliwal

67,545 görüntüleme • 2 ay önce

अरविंद केजरीवाल जी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान जी से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद भी उन्हें कुर्सी से क्यों नहीं हटाया गया? अकाल तख्त साहिब का निर्णय आने और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद भी कार्रवाई न करना अपराधियों का साथ देना है। यह धर्म और मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है। आखिर आपकी ऐसी क्या मजबूरी या कमजोरी है कि आप उन्हें हटा नहीं पा रहे हैं? जिस व्यक्ति के माथे पर इतना बड़ा कलंक लगा हो, वह पंजाब का मुख्यमंत्री रहने के लायक नहीं है। भगवंत मान जी को खुद आगे आकर तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। पंजाब की कमान किसी ऐसे व्यक्ति के हाथ में हो जो समाज और धर्म की मर्यादा का पालन करता हो।

Kapil Mishra

31,975 görüntüleme • 2 ay önce

'किसान रेल और सड़क रोककर नुकसान कर रहे हैं। पंजाब धरने वाला स्टेट बनता जा रहा है। मेरी नरमाई को कमजोरी न समझी जाए। मैं एक्शन ले सकता हूं।' - ये कहना है पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का। भगवंत मान सत्ता के नशे में चूर हैं और घमंड में किसानों को धमका रहे हैं, क्योंकि किसान अपनी जायज मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। ये है आम आदमी पार्टी का 'किसान विरोधी चेहरा' किसानों के साथ भगवंत मान की मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में भी भगवंत मान किसानों को धमकाते रहे और धरना न करने की बात कहते रहे। • भगवंत मान ने किसानों से कहा- 5 मार्च को चंडीगढ़ में धरना मत करो। • किसानों ने कहा- हमारी मांग जब तक पूरी नहीं होती, तब तक धरना चलता रहेगा। इसके बाद भगवंत मान गुस्से में तमतमा गए और 'तू-तड़ाक' पर उतर आए। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा- तुम लोगों ने मेरा ढाई घंटा खराब किया, अब जाओ धरना करो, मैं तुम्हें देख लूंगा। मुख्यमंत्री की इस धमकी के बाद पूरे पंजाब में किसान नेताओं को अपराधियों की तरह पकड़ा जा रहा है, उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है, उनके परिवारों को धमकाया जा रहा है। पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की किसानों पर की जा रही कार्रवाई सरासर गलत है। इसकी जितनी निंदा की जाए, वो कम है। मुख्यमंत्री भगवंत मान को होश में आना चाहिए, घमंड छोड़ना चाहिए और किसानों की बात को सुनना चाहिए। वरना 'दिल्ली' तो याद ही है!

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32,937 görüntüleme • 1 yıl önce