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पटना के जेपी गंगा पथ पर एक तरफ भाजपाई प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर चाटुकारिता में दीए जला रहे हैं, वहीं जेपी गंगा पथ के ही दूसरी तरफ बाढ़ से विस्थापित हुए लोगों की पेट की आग बुझाने के लिए भोजन की व्यवस्था को भी सम्राट सरकार द्वारा बंद... show more
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8 Kommentare

Comment section में IT Cell के नल्ले घुस गए है BC 😂

जनता की तकलीफ़ वास्तविक है, लेकिन उस तकलीफ़ पर झूठा नैरेटिव खड़ा करना समाधान नहीं—सिर्फ सियासत है। दीया किसने जलाया, यह गिनने से पहले यह भी गिन लीजिए कि राहत किसने पहुँचाई।

तेजस्वी जी, आरोप लगाने से पहले तथ्य देख लेते। बिहार सरकार ने 8.27 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹579.23 करोड़ की राहत DBT से दी है और राहत शिविरों में भोजन-पानी की व्यवस्था जारी है। बाढ़ पीड़ितों की आड़ में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के कार्यक्रम को निशाना बनाना ही असली राजनीति है।

दीए जलाने को “चाटुकारिता” और बाढ़ पीड़ितों की मदद को “बंद” बताना—सिर्फ राजनीतिक नैरेटिव है। हमें तो ये जानकारी है कि 8.27 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹7,000 की सहायता और 1,200+ सामुदायिक रसोइयों के जरिए करीब 1.28 करोड़ थालियाँ परोसी गईं। बाढ़ पीड़ितों की पीड़ा पर राजनीति नहीं, राहत के आँकड़ों पर बात कीजिए। #Bihar #FloodRelief

aare tho change kar do modi ko la do dura neta fir dekho kya hoga bihar mai baad har saal aata hai tab kha the aaj birthday mai diya kya bol diya baad tel sab aa gya

#राष्ट्रीय_बेरोजगार_दिवस

तेजस्वी जी, झूठ की बाढ़ में तथ्य मत बहाइए। सरकार ने 8.27 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹579.23 करोड़ की राहत दी है और राहत शिविरों में भोजन, चिकित्सा व अन्य सुविधाएं चल रही हैं। दीयों को चाटुकारिता बताना आसान है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों के नाम पर राजनीति करना जनता को मंजूर नहीं।

baad kya phle baar aaya hai bihar mai sabko modi dikh rha hai khud pheli ki sarkar kuch kar tho pai nhi wo tho duba thi ye thoda utha tho piche pad gaye le aao apne pappu ko fir dekho
