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पटना: ''मै कल तक प्रिंसिपल था, आज नहीं हूं...'' PMCH के पूर्व प्रिंसिपल डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा- मेरी कोई गुहार न तो निचले स्तर तक सुना गया, ना मंत्री जी ने सुना. मुझे जो पत्र दिया गया, बिना किसी स्पष्टीकरण के दिया गया है, यह तानाशाही रवैया...

206,298 次观看 • 3 个月前 •via X (Twitter)

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व्यापारियों को याद आ रहे हैं अपने Arvind Kejriwal शनिवार रात सरोजिनी नगर मार्केट में आधी रात को बिना किसी नोटिस के एनडीएमसी ने बुलडोजर चला दिए — 150 से ज़्यादा दुकानों को तोड़ दिया गया, कई छोटे व्यापारियों का नुकसान हो गया, और कई दुकानदारों की रोज़ी-रोटी खतरे में पड़ गई। दुकानदारों ने गुहार लगाई कि उन्हें अपना सामान निकालने दिया जाए, लेकिन बीजेपी शासित एनडीएमसी ने न सुना, न समझा — उल्टा लाठीचार्ज तक करवा दिया! ये कैसा शासन है जहाँ व्यापारियों को इंसान नहीं समझा जाता? आज जब बुलडोज़र बेरहमी से चल रहा था, तब कई दुकानदारों की आंखों में एक ही सवाल था — “कहाँ हैं प्रवेश वर्मा जी?” जब अरविंद केजरीवाल की सरकार थी, तब व्यापारियों के हितों की रक्षा होती थी। कोई भी फैसला दिल्लीवालों के हित मे होता था, न कि आधी रात को डर और दहशत से। बीजेपी की इस तानाशाही कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया — उन्हें दिल्ली के व्यापारियों से कोई सरोकार नहीं।

Sanjeev Jha

22,451 次观看 • 1 年前

किरोड़ी लाल जी के द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह फर्जी एवं निराधार साबित हो चुके हैं। फिर भी अगर सरकार को लगता है कि किसी ने भी गलत प्रमाणपत्र से नौकरी प्राप्त की है, तो पुन: निष्पक्ष जांच कराए, मुझे किसी जांच से कोई आपत्ति नहीं है। 1999 से आज तक OBC के वही नियम लागू हैं, जो सरकार द्वारा निर्धारित किए गए हैं। जिस 2019 के परिपत्र का हवाला देकर भ्रम फैलाया गया, वो कोई परिपत्र नहीं था बल्कि एक गलत चिट्ठी थी, जिसका 2021 में सरकार द्वारा स्पष्टीकरण देकर RPSC को अवगत करा दिया गया। लेकिन सवाल ये है कि क्या किरोड़ी जी ने फर्जी आरोप इसलिए लगाए क्योंकि मैं कृषि मंत्री के नाम पर हुई करोड़ों की वसूली का मुद्दा उठा रहा हूं? क्या कृषि विभाग में हुए घोटाले के जवाब में ये फर्जी आरोप मढ़े गए हैं? कृषि विभाग में मंत्री जी के नाम पर चल रहे वसूली के खेल में ACB ने 2.43 करोड़ की बरामदगी की है। मंत्री जी के करीबी पकड़े गए हैं, 1200 छापों की पूरी जांच और इस्तीफा की बात नहीं करते। आरोप लगाने का अधिकार उसी को है, जो खुद जांच से भागे नहीं। राजनीति की शुचिता तभी बचेगी, जब हर आरोप का जवाब तथ्यों और निष्पक्ष जांच से दिया जाएगा, न कि ध्यान भटकाने के लिए पुराने कागजों की धूल झाड़कर फर्जी आरोप लगाए जाएंगे।

Govind Singh Dotasra

59,826 次观看 • 3 个月前