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Ana Sayfaya Dön

पेट्रोल पंप पर अचानक सामने आया भालू, खुले दरवाज़े तक पहुंच गया खतरा ड्राइवर की सूझबूझ से बची जान। जंगली जानवरों के इलाकों में हमेशा सतर्क रहें। ये वीडियो हमें याद दिलाता है कि प्रकृति जितनी खूबसूरत है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है।

309,736 görüntüleme • 9 ay önce •via X (Twitter)

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Benzer Videolar

एक बात तो है कि पश्चिम एशिया जंग की वजह से उर्जा संकट का फ़िलहाल कोई उपाय नज़र नहीं आता। जहां पीएम मोदी ने पेट्रोल डीज़ल की कम खपत की अपील की है वहीं वैकल्पिक तरीक़े भी अपनाए जाने की ज़रूरत है। इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ एक बेहतर विकल्प हैं। योगी सरकार ने यूपी में इलेक्ट्रिक व्हीकल पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी छूट है और चार्जिंग इंफ़्रास्ट्रक्चर पर अभी काम चल रहा है। ये बढ़िया पहल है। ये जितनी जल्दी पूरा होगा लोग उतनी तेज़ी से EV की तरफ़ बढ़ेंगे। प्रदेश के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने वाली सड़कों और एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ को बढ़ावा देकर यूपी सरकार ग्रीन मोबिलिटी रिवोल्यूशन में अग्रणी भूमिका निभा सकती है। 2027 में प्रदेश में चुनाव है और इसमें #UPGreenInfraBoost के आधार पर भी योगी सरकार के कामकाज का आकलन होगा। Charging Infrastructure पूरी तरह खड़े हो जाने पर लोगों को महंगे पेट्रोल डीज़ल ने निजात मिलेगी।

Umashankar Singh उमाशंकर सिंह

25,484 görüntüleme • 4 ay önce

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर स्थित एक HP पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के कुछ ही देर बाद दर्जनों बाइकें रास्ते में अचानक बंद हो गईं। घटना के बाद बड़ी संख्या में वाहन चालक पेट्रोल पंप पर पहुंच गए। विवाद के दौरान कुछ बाइकों के टैंक से पेट्रोल निकालकर देखा गया तो उसका रंग अलग-अलग दिखाई दिया।‌ मामला बढ़ता देख पेट्रोल पंप प्रबंधन ने जिन उपभोक्ताओं की बाइकों से पेट्रोल निकलवाया गया था, उन्हें उसकी राशि वापस कर दी। सूचना मिलते ही जिला पूर्ति अधिकारी विनोद चंद्र तिवारी मौके पर पहुंचे और एहतियातन पेट्रोल पंप को तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पेट्रोल के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं और रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

bhUpi Panwar

42,676 görüntüleme • 3 ay önce

क्या किसी को ये वाली भाभी याद है ?? भक्ति में लीन एक सत्संग में इनका वीडियो बनाया गया था तब ये फेमस हो गई थी मगर उसके बाद इनका कोई पता नहीं चला ना किसी रील पर ना यूट्यूब ना फेसबुक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं दिखी ये चाहती तो मौके की नजाकत को समझ कर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर बन सकती थी क्योंकि ये है भी वला की खूबसूरत जरूरी नहीं की खूबसूरती सिर्फ महलों में मिले छोटे घरों में रहने वाली महिलाओं कहीं उन लोगो से ज़्यादा खूबसूरत होती है जो बड़े बड़े महलों में रहती है और शायद उनसे ज़्यादा काम कर के घर को संभालती है यही भारतीय सुंदरता है और संस्कारों की झलकती हुई एक तस्वीर लोग ख़ूबसूरत के आठ साथ खूबसीरत भी होते है आपका क्या विचार है मेरे विचार पर

NEHA MEHTA

65,450 görüntüleme • 1 ay önce

ये है ‘बटेश्वर कॉरिडोर’ के काम में हो रहे बेतहाशा भ्रष्टाचार का साक्षात् सबूत : जिसमें दिनदहाड़े बिना बेस के सीधे मिट्टी पर ही PCC डालने का वीडियो सरेआम हो गया है। यहाँ ख़राब कॉन्क्रीट और पत्थर का इस्तेमाल हो रहा है और डिज़ाइन फॉल्ट्स आदि की भी लिखित शिकायत कई बार की जा चुकी है लेकिन कभी सुनवाई ही नहीं हुई, जाँच तो संभव ही नहीं है। भाजपा राज में जब कोई ईमानदार नागरिक आवाज़ उठाता है तो उसके फोन पर दूसरी तरफ़ से धमकी की आवाज़ आ जाती है। भाजपा राज में सुनवाई की जगह धमकाई हो रही है! वैसे याद दिला दें कि भाजपा ने ‘अटल प्रोग्रेस वे’ बनाने की बात भी कही थी… जनता पूछ रही है: ‘अटल प्रोग्रेस वे’ भी जुमला था क्या?

Akhilesh Yadav

448,975 görüntüleme • 1 ay önce

काहिरा (Cairo) से वायरल वीडियो ने झकझोरा दिल—ट्रैक पर गिरी बेटी को पिता ने बना लिया ढाल। भारत में होता तलाक का मुकदमा, तो शायद मिलती नहीं ये बच्ची उसे… #काहिरा:- मिस्र की राजधानी काहिरा से एक बेहद भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पिता अपनी मासूम बेटी को ट्रेन की पटरी पर गिरने के बाद अपने शरीर से ढाल बनाकर बचा लेता है। यह दृश्य न केवल एक पिता के प्रेम की पराकाष्ठा दिखाता है, बल्कि एक बड़ा सामाजिक प्रश्न भी खड़ा करता है—क्या हर पिता को अपने बच्चे के लिए यही संघर्ष करना पड़ता है? सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दिखता है कि ट्रेन के ट्रैक पर गिरी बच्ची को बचाने के लिए पिता खुद पटरी पर लेट गया और अपनी जान की परवाह किए बिना उसे ढक लिया। यह क्षण भावुक कर देने वाला था, लेकिन साथ ही यह एक मौन सवाल भी उछालता है—क्या भारत में ऐसा पिता अपने ही बच्चे की कस्टडी का हकदार होता? अगर यही घटना भारत में किसी तलाकशुदा या मुकदमा लड़ रहे पिता के साथ होती, तो शायद कानूनी व्यवस्था उसे पिता नहीं, केवल पक्षकार मानती। भारत में आज भी बाल संरक्षण से जुड़ा कानून अक्सर लैंगिक पूर्वाग्रह से ग्रसित नजर आता है। ज्यादातर मामलों में संतान की कस्टडी स्वतः मां को सौंप दी जाती है, भले ही पिता उस बच्चे के लिए अपनी जान ही क्यों न दे दे। यह वीडियो न केवल एक पिता के प्रेम का प्रतीक है, बल्कि भारतीय समाज और न्यायिक व्यवस्था को "जेंडर-न्यूट्रल" सोच अपनाने की एक मार्मिक याद दिलाता है। #Cairo #FatherLove #GenderNeutralLaws #ChildCustody #IndiaJustice

UttarPradesh.ORG News

508,112 görüntüleme • 1 yıl önce