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पंडित नेहरू भी धर्म के आधार पर आरक्षण के खिलाफ थे, लेकिन…
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सरदार पटेल का नाम लेना चाहिए. संविधान सभा में अल्पसंख्यक मामलों की कमेटी के चेयरमैन सरदार पटेल थे. पटेल जी ने धार्मिक विशेषाधिकार के सिद्धांत पर ताला लगाया था. उन्होंने 28 अगस्त, 1947 को कहा कि जिनको धर्म के आधार पर सैपरेट इलेक्टोरेट चाहिए था, उनको अलग देश मिल गया. अब भी अगर किसी को यह विशेषाधिकार चाहिए तो वह पाकिस्तान चला जाए. ये सब यहां नहीं चलेगा. कांग्रेस ये कहकर इस पूरे विवाद को समाप्त कर सकती है कि वह अब से धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देगी. पर इतनी से बात वह कह नहीं पा रही है. पता नहीं क्या समस्या है?

आप थकते नहीं, साहाब? ऐसे टुच्चे भाषण दे कर आपने प्रधान मंत्री की कुर्सी की गरिमा का भी गला घोट दे रहे हैं साहब। समझता हूं आपको हार की चिंता सता रही है, मगर आपने खुद ही तो कहा था कि आपको हार की कोई चिंता नहीं है " हमारा क्या है, हम तो फकीर आदमी हैं, कभी भी झोला उठाकर चल पड़ेंगे"

जवाहरलाल नेहरू तो पूरे से ही आरक्षण के खिलाफ थे। लेकिन मोदी BJP से ज्यादा बड़ा जातिखोर कोई नही है।

मोदी जी की सभा खत्म होने के बाद घर जाता हुआ जन सैलाब, फिर मत कहना ईवीएम हैक करके जीत के आए हैं, ये सभी तरफ का माहौल है।🙏🙏

हमने अपने एक वोट की ताक़त देख ली मोदी जी पिछले 10 सालों में। सर्जिकल स्ट्राइक एयर स्ट्राइक राम मंदिर काशी कॉरिडोर मज़बूत इकॉनमी विदेश में सम्मान और ना जाने क्या क्या!! अबकी बार और ज़्यादा सीट देकर हम मोदी जी के हाथ पहले से ज़्यादा मज़बूत करेंगे।

पंडित नेहरू कभी भी आरक्षण के साथ नहीं रहे , बल्कि RSS और आपके बीजेपी नेता सविधान बलदने के किए बोते है , लेकिन सविधान बदलना इतनी आसान बात नहीं जितनी आपके नेता बोलते है

BJP से ज्यादा बड़ा जातिखोर और धर्म का व्यापारी कोई नही है।

कट्टर हिंदुत्ववादी प्रधानमंत्री जी आप लगातार मुस्लिमों के खिलाफ नफरत एंगेज़ बयान बाज़ी कर के हिंदुओं को भड़का रहेहैं मुसलमान आपके हवासों पर इस तरह सवार हो गए हैं कि आपको कुछ और नहीं सूझ रहा है ये हेट स्पीच और आपके झूट मुसलमानों की नस्ल कुशी k लिए ज़मीन तैयार कर रहेहैं @ECISVEEP ?

RJ 21
