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पढ़ने का मन नहीं हो तो भी पढ़ना पड़ेगा... नींद आ रही हो तो भी पढ़ना पड़ेगा...सलेक्शन लेना हो तो सीरियस होकर भी पढ़ना पड़ेगा...💯 कभी पढ़ने का मन नहीं हो रहा हो तो एक बार अपने माता-पिता के सपनों के बारे में सोच लेना... पड़ोसी के तानों के...

20,260 просмотров • 9 месяцев назад •via X (Twitter)

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भाजपा के अंदर आपस में ‘विचारों का विलय’ नहीं हो रहा है और दावे दुनिया भर के। आप तो लखनऊ की कुर्सी पर ध्यान दें, जिसे दिल्लीवाले विलय ही नहीं, विलीन भी करनेवाले हैं। एक मुख्यमंत्री होने के नाते वैसे भी ये विषय आपके अधिकार क्षेत्र का नहीं है। ऐसा लगता है कि ये सुझाव देने के लिए आपको दिल्लीवालों ने मिलने का समय नहीं दिया तभी आप माइक पर बोलने को मजबूर हैं, नहीं तो ये बात तो आप भी समझते ही हैं कि जब आपस में खटास हो तो एक-दूसरे के अधिकार-क्षेत्र में अतिक्रमण और भी खलता है। ध्यान रखिएगा कहीं ऐसा न हो कि इस अतिक्रमण के ख़िलाफ़ कोई तोड़क कार्रवाई हो जाए, बुलडोज़र तो दिल्लीवालों के पास भी है।

Akhilesh Yadav

152,411 просмотров • 2 лет назад

झूठी शिकायत क्यों स्वीकार हो ? और झूठी शिकायत करने वाला क्यों दंडित ना हो ? वह किसी जाति का हो,वर्ग का हो ,समाज का हो, अगड़े का हो, पिछड़े का हो, दलित हो आदिवासी हो जो झूठी शिकायत करे उसे तो दंड मिलना ही चाहिए। "वो clause हटा दिया.." यानी दुरुपयोग के लिए यह व्यवस्था हाईवे पर आ गई,,, दुरुपयोग के एक्सेस वे पर आ गई, यहां कोई गति अवरोधक है ही नहीं। जिसका जो मन आए वह चाहे किसी के खिलाफ शिकायत ठोंक दे,, मान लो शिकायत फर्जी भी निकली तो अपना पान खाए और मस्त घूमे। क्योंकि उसके खिलाफ तो कुछ हो नहीं सकता। इसके पीछे लगता है कुछ माइंडसेट भी काम कर रहा है एक अलग किस्म का। सारी चीजें यदि यथा स्थिति पर भी मान लें तो भी यदि इतना ही होता बहुत स्पष्ट ढंग से कि झूठी पाई गई शिकायत तो खैर नहीं। यदि यह होता तो भी हम मान लेते कि चलो ठीक है। Amitabh Agnihotri 🔥 #UGC_RollBack #DesiGaay #NationalGirlChildDay

Subrat Upadhyay 🕊️ ✪

60,561 просмотров • 8 месяцев назад