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पुणे महानगरपालिका चुनाव में बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी सुरेखा गणेश खंडारे का 28वें वार्ड में प्रचार किया जा रहा था. इसी दौरान एक मनुवादी व्यक्ति ने लाउडस्पीकर बंद करने की मांग की, जबकि अन्य दल भी उसी तरह इलाके में प्रचार कर रहे थे. पार्टी प्रचारक गणेश खंडारे...

28,500 просмотров • 8 месяцев назад •via X (Twitter)

Комментарии: 27

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Harry Yadav8 месяцев назад

बीजेपी कोऔकात दिखाने वाली नारी शक्तियाँ।

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Vikash8 месяцев назад

@ECISVEEP क्या हो रहा है महाराष्ट्र में ?

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Ronny Kushwaha8 месяцев назад

BJP की तानाशाही को रौदने के लिए महिलाओं का काफिला.

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Kamlesh8 месяцев назад

ये मनुवादी व्यवस्था पिछले 10 सालों से कुछ ज्यादा चलन में है, पहले इतना नहीं था, अब तो लगता है पूरा देश हि इनके बाप का है..

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Critical Citizen8 месяцев назад

बच्चों और बुजुर्गों की जान से समझौता नहीं सुप्रीम कोर्ट का कड़ा संदेश। सुप्रीम कोर्ट ने हम फैसला सुनाते हुए कहा, यदि कुत्ते के काटने से कोई बुजुर्ग और बच्चा घायल होता है, या जान जाती है, तो राज्य सरकार मुआवजा देगी।

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Ronny Kushwaha8 месяцев назад

मनुवादी और जातिवादी सोच रखने वाले लोग आज भी बहुजन राजनीति को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं जब भी बहुजन समाज अपने अधिकार, सम्मान और प्रतिनिधित्व की बात करता है, तब उसे कुचलने की कोशिश की जाती है। लेकिन इतिहास गवाह है चिल्लाने से आवाज़ें दबती नहीं, और संविधान विरोधी सोच अंत में बेनक़ाब होती है.

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Khushi Singh8 месяцев назад

बसपा देश की एक मात्र बहुजन महापुरुषों की विचारधारा पर चलने वाली राष्ट्रीय पार्टी है।

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Vasikur Rahman Shaikh 🇮🇳8 месяцев назад

यह घटना लोकतंत्र की हवा में जहर घोलने वाली है! जब चुनाव आयोग के नियमों के तहत सभी दल प्रचार कर रहे हैं, तो केवल बहुजन समाज पार्टी पर मनुवादी तीर क्यों? सुरेखा खंडारे जैसी बहुजन बेटी को दबाने की कोशिश जातिवाद की गहरी जड़ें दिखाती है।

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Bobby Shabnam8 месяцев назад

बहुजनों के दम पर ही बीजेपी सरकार बनी हुई है।

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Rajendra Meena8 месяцев назад

इनको आपत्ति बहुजनों से हैं यह चाहते है कोई बहुजन प्रचार ही नहीं करे

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🏅Sujit यादव8 месяцев назад

कुटो मनुवादियो को सभी जगह जातंकवादी बनकर बहुजनों को परेशान करते है।

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DeshiBoy😍8 месяцев назад

Ye yahudio ki bhagodi santane nhi sudhregi .. Pata nhi ye mc jaat choonmangia kaha kaha mu kala karke jambudeep me ghuse h inke andar kab nyay samanta aur manavta ki bhavna jagrat hogi✨

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AMIT GAUTAM8 месяцев назад

जाति है कि जाती नहीं है |

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𝓢𝓸𝓷 𝓢𝓲𝓷𝓰𝓱 𝓨𝓪𝓭𝓪𝓿8 месяцев назад

ये मनुवादी और इस मनुवादी मानसिकता पूरे देश में वायरल होनी चाहिए.

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Vishal8 месяцев назад

Misleading post. वो बुढा बोल रहा हैं हर पार्टी की गाडी का विरोध किया है क्योंकी वो बुढे हैं और आवाज से परेशान हैं. ये बिना बात का हव्वा कर रहा हैं प्रचारक भी और पोस्टवाला भी.

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Vasikur Rahman Shaikh 🇮🇳8 месяцев назад

संविधान सबको बराबरी का हक देता है, लेकिन मनुवादी मानसिकता बहुजन आवाज को कुचलना चाहती है। क्या यही है 'सबका साथ, सबका विकास'?ये वीडियो वायरल करो, जागो भारत! #ManuvadiHatyara #BahujanLoktantra #PuneElection

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Sameer8 месяцев назад

इसलिए कि बसपा मनुवादी ताकतों के आगे नतमस्तक हो घुटने टेक चुकी है अभी हाल ही लखनऊ में बहुत बड़ी रेली की थी तब मनुवादियों ने नहीं रोका था अब क्यों रोक रहे हैं।

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Ashok Sawariya8 месяцев назад

ना कभी झूठे घौषणा एजेंडा,ना रेवड़ियों के सहारे,ना कोपरेट फिडिग,ना 20 झूड संविधान ही घोषणा पत्र

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Baldev8 месяцев назад

मूर्खता भरी बात कर रहा है

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Ajay8 месяцев назад

बेवकूफि भरी पोस्ट कर रहे हैं आप वो बुजुर्ग आदमी लाउड स्पीकर की bogas आवाज कम करने के लिए बोल रहा है तुम उसे मनु वादी कह रहो शर्म से डूब मरो.

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Vishwajeet8 месяцев назад

तब तो केवल सवर्णों को ही सब अधिकार दीजिए। देश इसलिए आगे नहीं बढ़ पा रहा क्योंकि यहां जातिवाद दीमक की तरह कुछ लोगो के दिमाग में घुस चुका है

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AMBEDKAR GOD OF BAHUJANS8 месяцев назад

ये जो खाई है ,अब नहीं भरने वाला।

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Rizzu shaikh8 месяцев назад

जाति की समस्या कबतक खत्म होगी,जब तक चिरकुट लोग हैं समस्या बाकी रहेगी.

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Mr. Sky8 месяцев назад

2 kanpat me maar Dena tha uss jatiwaadi hijade ko.

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झूले लाल झकझोरी प्रसाद 🐦8 месяцев назад

शूद्र और दलित को फिर से एक बार इनके पुराने दिनों को याद दिलाया जाना बहुत जरूरी हो गया है क्योंकि मनुवादियों की ये ताकत बन चुके हैं।

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Er dhannu lal baghel8 месяцев назад

#जयभीम

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GuruGaurav8 месяцев назад

Bastard BSP don't know how to talk with elder people. Rowdyism filled in their blood.

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Tejashwi Yadav

204,531 просмотров • 1 год назад

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🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

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जहाँ एक ओर देश संविधान लागू होने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर गौरवान्वित हो रहा है ,वहीं दूसरी ओर अमृतसर में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के पास हेरिटेज स्ट्रीट पर परम पूज्य बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने और संविधान की प्रति जलाने की घटना ने जातिवादी मानसिकता के नंगे सच को उजागर कर दिया है। यह कृत्य केवल एक प्रतीकात्मक हमला नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित प्रयास है। जो समाज के दबे-कुचले वर्गों को उनके अधिकारों और सम्मान से वंचित रखने की घृणित मानसिकता को प्रदर्शित करता है। साथ ही यह घटना इस बात का प्रमाण है कि आम आदमी पार्टी की सरकार इतनी महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक जगह पर भी नागरिकों और प्रतीकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रही है। जातिवादी ताकतें, जो सदियों से अपने विशेषाधिकारों को बनाएं रखने के लिए षडयंत्र करती रही हैं, इस तरह के कायरतापूर्ण प्रयासों से यह साबित करती हैं कि वे आज भी बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा स्थापित समानता और न्याय की व्यवस्था से भयभीत हैं। संविधान, जिसने भारत को जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर एकता और बंधुत्व का संदेश दिया, उस पर इस प्रकार का हमला दर्शाता है कि कुछ ताकतें अभी भी जातिगत भेदभाव को बनाए रखना चाहती हैं। बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ने और संविधान को जलाने वालों ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे संविधान के मूल्यों को स्वीकारने के लिए तैयार नहीं हैं। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि यह मानसिकता अब भारत में टिकने वाली नहीं है। ऐसे समय में जब देश संविधान की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है, यह घटना हमें याद दिलाती है कि जातिवाद केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक जिंदा चुनौती है। इस चुनौती का सामना करने के लिए समाज को संगठित होकर जातिवादी मानसिकता के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी। DGP Punjab Police को चाहिए कि दोषियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करे, ताकि समाज को यह संदेश मिले कि संविधान की गरिमा और बाबा साहेब के आदर्शों के खिलाफ जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के शिकंजे से बचने का अवसर नहीं मिलेगा। अब समय आ गया है जब हम बाबा साहेब के सपनों के भारत को साकार करने के लिए जातिवाद और नफरत की जड़ों को उखाड़ फेंके। संविधान की रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है, और इसकी गरिमा को बनाए रखना हमारा सामूहिक दायित्व। जय भीम, जय भारत, जय संविधान।

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