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पति के साथ मैच देखने गई थी सभी दोस्तों ने कहा भाभी जी आप भी खेलिए। उन्हें क्या पता था भाभी जी इतनी जबरदस्त खिलाड़ी है। भाभी जी ने जैसे ही बल्ला पकड़ा माहौल बदल गया हर गेंद पर ताबड़तोड़ कुटाई,जबरदस्त टाइमिंग और जबरदस्त कॉन्फिडेंस ने विपक्षी टीम की...

15,843 views • 5 months ago •via X (Twitter)

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भाभी जी की तबीयत खराब थी तो भाभी गई डॉक्टर के पास दिखाने और वहां जब डॉक्टर अपने पास बुलाया तो उन्हें सुई लगाने को बोला अब भाभी सुई लगवाने से डर रही थी यह भाभी डॉक्टर को बताने के लिए तैयार नहीं तभी उनके पास बैठा डॉक्टर का दोस्त भाभी अंदर चलो मुझे आपको सुई लगानी है पर भाभी नहीं जाती उनको डर लगता है कि मेरे साथ अश्लील हरकत होने का डर लगता है फिर डॉक्टर ने कहा आपको सुई लगवानी है या मैं सिर्फ दवा लेनी है अ बभाभी डिसाइड नहीं कर पा रही है दवा लूं या सुई डॉक्टर ने कहा सुई से जल्दी ही आपको आराम मिलेगी और डॉक्टर का दोस्त भाभी को तिरछी निगाह से देख रहा था यह तो शुक्र की डॉक्टर के यहां CCTV लगी हुई है Cctv लगवानी चाहिए इससे सभी पेशेंट की देख भाल हो जाती है

PIHU...❤️

694,320 views • 1 month ago

संसद के आज के एक घटनाक्रम से एक बार फिर साबित हो गया कि हनुमान जी का दिल वाकई बहुत विशाल है ❤️✌️ जो कांग्रेस पार्टी राजस्थान में हनुमान जी और RLP को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहती और जिस नेता ने गठबंधन के समय भी एक सभा में हमारी पार्टी के दुप्पटे को निकाल दिया था उनके लिए भी अपना समय दे रहे थे.... कांग्रेस सांसद Deepender Singh Hooda किसी मुद्दे पर बोल रहे थे तो हनुमान जी ने बोला चलो मैं इन्तजार कर लेता हूँ आप मेरे समय में conclude कर दीजिये लेकिन समय कम होने के कारण सभापति ने बार बार बोला कि हनुमान जी आप बोलिये, फिर भी हनुमान जी ने बड़ा दिल दिखाते हुए उनको बोलने दिया और सभापति जी ने अगले वक्ता का नाम पुकार दिया... नगीना सांसद Chandra Shekhar Aazad जी के सहयोग के चलते HANUMAN BENIWAL जी को बोलने का समय मिला और हनुमान जी ने जाते जाते ये भी बोल दिया कि “हनुमान जी तो हमेशा दुसरों के लिए ही शहादत देते थे और यहाँ भी आज मेरी बारी लगभग चली गई थी....” आप भी देखिये पूरा वीडियो.....

Shekhar Choudhary

30,478 views • 5 months ago

'ऑपरेशन सिंदूर' में हमारी सेना ने अपना पराक्रम दिखाया और जब हम पाकिस्तान पर हावी थे, तो सीजफायर कर दिया गया। देश चाहता था कि पाकिस्तान को वैसा ही जवाब दिया जाए, जैसा 1971 में इंदिरा गांधी जी ने दिया था। पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे। जब पाकिस्तान घुटनों पर था, तो आपसे पहले अमेरिका से किए गए एक ट्वीट ने युद्धविराम की घोषणा कर दी। ऐसे में आपको देश को बताना चाहिए कि सीजफायर की क्या शर्तें थीं? वहीं, आपसे एक और चूक हुई जब विदेश मंत्री जी ने पाकिस्तान को फोन कर कहा कि हम सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाएंगे। आपने ऐसा कहते ही पाकिस्तान की आर्मी और सरकार को क्लीन चिट दे दी- जबकि हम सभी जानते हैं कि वे सभी एक हैं। : लोकसभा में Deepender Singh Hooda जी

Congress

13,964 views • 1 year ago