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पति ने iphone 17 दिलाने से मना कर दिया तो गुस्से से इस तरह खाना बना रही है, पति बोला करवा चौथ पर अच्छा मोबाइल बजट के हिसाब से लेकर दूंगा। लेकिन पत्नी फिर भी गुस्सा हो गई उसने बोला गेहूं की रोटी बनाने के लिए तो आटा ऐसे...

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ये महिला पानी पी रही है अब आप सोच रहे होंगे ऐसे क्यों ? तो बता दूं आपको की ये तीज का व्रत रखी हुई है अपने पति परमेश्वर की लंबी आयु के लिए इस व्रत में पानी पीना भी मना होता है खाना तो दूर की बात है 24 घंटे का व्रत है अब किसी को प्यास लग गई और वो सहन नहीं कर पा रही है तो यानि पहले प्यास कंट्रोल करना है जब हालत खराब हो तभी पानी पीने की अनुमति है (ये अच्छी बात है अनुमति तो हैं) और उनको इसी तरह पानी पीना होता है गाय बनकर यानी जैसे गाय खूंटे से बंधी होती है ओर पानी पीती है ठीक वैसे ही बहुत कठिन होता है ये तीज का व्रत मित्रों अब ये बताए क्या कोई पति अपने पत्नी की लंबी आयु के लिए ऐसे व्रत रख सकता है ? ओर कितने पुरुष है जिन्होंने ऐसे व्रत रखा हो अपने पत्नी के लिए ..?

Rebellious 2.0🕊️

448,280 views • 17 days ago

आखिरकार महिलाओं पर अत्याचार कब तल.? रास्ते में घेर कर देवर ने अपनी भाभी के साथ बेरहमी से मार पीट की । यह महिला अपने पति को लेकर 1 साल से किराए के रूम में रहती थी । अचानक बीमार पति के साथ छोटी बच्ची को लेकर बाइक से ससुराल रहने के लिए जा रही थी रास्ते में उसके देवर हेमंत शर्मा और उसके दोस्त संदीप चौहान ने बाइक को रोकर उन पर चप्पलों थप्पड़ों से बेरहमी से हमला कर दिया। इस कारण महिला उसका बीमार पति और मासूम बच्ची जमीन पर गिर गए यह अति निंदनीय दिल को झकझोर देने वाली घटना है इस दर्दनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है यह घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर गुजैनी थाना अंतर्गत बर्रा -8 इलाके की है पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ के जेल में भेज दी है उचित कार्यवाही चल रही हैं #ट्रेडन्यूज़ #सोशलमीडिया #महिलाशोषण

premprakash

42,979 views • 3 months ago

पहले के जमाने में लोग जब मार्केट में गेहूं पिसाने के लिए जाते थे तो उनकों बहुत टाइम लगता था दुकान वाला मना कर देता था हाथों हाथ पिसने के लिए क्योंकि उस टाइम ये वाली आटा चक्की नहीं आई थी काफी सालों से जिसके भी यहां गेहूं रखते थे तो वो गेहूं बदल के उसमें खराब गेहूं पिस के मिक्स कर देता था जब उसी आटे को लोग घर पे ले जाके खाना बनाके खाते तो रोटी सही नहीं बनती थी तो उनको उनको मालूम पड़ता कि गेहूं बदल दियें ओर पैसा भी ले लिए लेकिन कुछ टाइम पहले ये वाली मशीन जिसमें हम गेहूं चने की दाल मक्की दलिया सब इसमें पिस सकते है इस मशीन को आप घर पे किसी भी जगह पे उसे यूज कर सकते हो कोई प्रॉब्लम भी नहीं आती है अपने सामने खुद अपने हाथों से गेहूं डालो एक बार में 5 kg पिस सकते है ये मशीन जब से मार्केट में आया है लोगों ने बाहर दुकान पे ले जाके पिसाना बंद कर दिया है आज के टाइम की सबसे अच्छी मशीन जिसमें टाइम ओर पैसे अपने गेहूं सबकी बचत हो जाती है क्या आपके घर पर भी मिनी आटा चक्की है या नहीं..??

Niyati mishra

15,868 views • 24 days ago

पत्नी ने अपमान किया मारने की धमकी..🚨 तो पति खुद को चप्पल मारने लगा...🥹 1.👉“जब पत्नी के शब्दों ने पति को इस हद तक तोड़ दिया कि वह खुद को ही मारने लगा…” 2.👉“रेलवे स्टेशन पर तमाशा नहीं,एक टूटे हुए इंसान की चीख है ये…” 3.👉“ये गुस्सा नहीं,अपमान से टूटा हुआ आत्मसम्मान है” 4.👉“मर्द रोता नहीं कहा जाता है,लेकिन आज ये मर्द खुद को सज़ा दे रहा है” 5.👉“जब रिश्ता बोझ बन जाए और इंसान खुद से हार जाए” 6.👉“बीच स्टेशन,भीड़ के सामने,एक पति पूरी तरह टूट चुका है” रेलवे स्टेशन पर पति-पत्नी का झगड़ा,लेकिन ये सिर्फ झगड़ा नहीं है,पति की आंखों में थकान,चेहरे पर बेबसी और शब्दों में टूटा हुआ आत्मसम्मान साफ दिख रहा है, पत्नी के अपमान से इतना आहत कि पति चप्पल उतारकर खुद को मारने लगता है और कहता है, “अब मुझसे नहीं होगा,मार लो मुझे…” ये वीडियो बताता है कि रिश्तों में लगातार तिरस्कार और मानसिक दबाव किसी इंसान को किस हद तक तोड़ सकता है,घरेलू हिंसा सिर्फ मार-पीट नहीं होती, मानसिक अपमान भी उतना ही खतरनाक होता है.. मर्द हो या औरत,सम्मान के बिना कोई भी रिश्ता जिंदा नहीं रह सकता,,

KUNDAN PATEL

127,925 views • 7 months ago

18 सेकण्ड के इस वीडियो को देखिए। ये भाई रायबरेली से प्रयागराज परीक्षा देने पहुंचा है। रात में मां ने रोटी बनाकर दे दी थी। सुबह 7 बजे वही खाने के लिए निकाला लेकिन रोटी खराब हो गई है। यह किसी एक के साथ नहीं बल्कि लाखों विद्यार्थियों के साथ होता है। संघर्ष फेज में कभी सूखी रोटी मिलती है तो कभी साथ में अचार मिल जाता है। कई बार तो कुछ खाने का मन भी किया लेकिन जेब गवाही नहीं देता। भूखे ही रहना होता है। इसके लिए किसी की सीधी जिम्मेदारी नहीं होती। यह जीवन के संघर्ष का हिस्सा है। यही इंसान को मजबूत बनाता है। जिसने इस फेज को पार कर लिया, मेहनत करने से पीछे नहीं हटा वही आगे चमक जाता है। शुभकामनाएं दोस्त। सूखी रोटी खाकर तुम कामयाबी लिख दो। मां के सपनों को पूरा कर दो।

Rajesh Sahu

135,855 views • 2 years ago