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पिता सिर्फ़ हमारे पालन-पोषण करने वाले नहीं होते, वो हमारे मार्गदर्शक भी होते हैं — जो हर मोड़ पर हमें सही राह दिखाते हैं। इस #FathersDay पर सुनिए अभिनेता Ashutosh Rana जी की ज़ुबानी कि कैसे उनके पिता ने सरल शब्दों में समझाया स्कूल और विद्यालय का फ़र्क़। Full...

30,611 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

6 Kommentare

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Sachinvor 1 Jahr

@ranaashutosh10 ऋचा जी, ज़िंदगी विथ ऋचा के जितने भी episode मैने देखे है, उन सब में @ranaashutosh10 भैया के साथ जो यह एपिसोड है वह मेरे दिल के करीब है, आपका धन्यवाद! आशुतोष जी के मुख से निकली हर एक बात, फिर चाहे वो संस्मरण के रूप में हो, बहुत कुछ सिखा जाती हैं

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American Stories Networkvor 2 Jahren

What does it take to be the best? 🔥 Witness the struggle, the triumphs, and the raw emotion on Surviving Mann. Follow for more! #SurvivingMann #BestOfTheBest #NavySEALs #SpecOps #TacticalTraining

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Naresh Bhatiavor 1 Jahr

@ranaashutosh10 Enlightened to listen to this conversation. Too good.

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Ajaya Pandeyvor 1 Jahr

@ranaashutosh10 बहुत सुंदर 🎉🎉

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Kamlesh Kumar Sharma (Modi's Family)vor 1 Jahr

@ranaashutosh10 🙏

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Sunil Bhatiavor 1 Jahr

@ranaashutosh10 ❤️🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹❤️

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हिंदुओं यह देखो प्रियंका क्रिश्चियन वाड्रा किस तरह से संसद में तुम्हारे गाल पर तमाचे पर तमाचा मार रही है और फिर भी तुम इस कांग्रेस को वोट देते हो ??? इसके अनुसार दर्जी दो प्रकार के होते हैं एक हिंदू दर्जी जो उदयपुर के कन्हैयालाल दर्जी थे उनके भी दो छोटे-छोटे बच्चे एक 10 साल का और एक 14 साल का है दोनों बच्चों ने कसम खाई है कि जब तक मेरे पिता के हत्यारे को सजा नहीं मिलेगी हम चप्पल नहीं पहनेंगे और वह दोनों बच्चे नंगे पांव चलते हैं दूसरे होते हैं मुस्लिम दर्जी जो संभल में होते है जो पुलिस पर पत्थर फेंकते हैं जो गोली चलाते हैं जो हिंसा करते हैं जो दंगाई हैं लेकिन इस प्रियंका वाड्रा की नजर में मुस्लिम दर्जी अच्छा होता है उसके बच्चे अच्छे होते हैं उनसे मिलना चाहिए उनको इंसाफ दिलाना चाहिए लेकिन हिंदू दर्जी गंदे होते हैं क्योंकि वह हिंदू हैं उनके घर नहीं जाना चाहिए उनके बच्चों को न्याय और इंसाफ की मांग नहीं करनी चाहिए

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

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INSPIRATIONAL LADY! ❤️🥹मैं यह वीडियो बहुत ज़िम्मेदारी के साथ शेयर कर रहा हूँ… और बहुत मिलीजुली भावना के साथ भी। कुछ दिन पहले मैंने एक खबर देखी। सोनीपत में एक बुज़ुर्ग व्यक्ति का निधन हो गया। उनकी तीन बेटियाँ हैं, जो भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहती हैं। लेकिन पिता की अंतिम यात्रा में कोई नहीं आया। उन्होंने FaceTime पर अंतिम संस्कार देखा और कहा कि पैसे भेज देंगे। और कुछ दिन पहले #खोसलाकाघोसला2 की शूटिंग के दौरान मेरी मुलाकात एक 74 साल की महिला से हुई। वो हमारे साथ एक सीन में जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम कर रही थीं। बातों-बातों में मैंने उनसे उनकी ज़िंदगी के बारे में पूछा। उन्होंने जो बताया, वो मेरे दिल में रह गया। उनके पति अब इस दुनिया में नहीं हैं।उनके बच्चे है! लेकिन बच्चों ने उन्हें अपने साथ नहीं रखा। उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा। आज वो अकेली एक बहुत छोटी-सी जगह में रहती हैं, जिसे वो खुद हँसकर “चूहा घर” कहती हैं। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात थी उनकी हिम्मत। 74 साल की उम्र में भी वो काम कर रही हैं।चेहरे पर कोई शिकायत नहीं, कोई अपने लिए दया नहीं। लेकिन दिल के अंदर का दुख साफ़ नज़र आता है! उनकी हिम्मत देखकर मुझे गर्व हुआ… लेकिन उनकी कहानी सुनकर दिल भी बहुत दुखा। हम चैन से कैसे सो सकते हैं, अगर हमारे माँ-बाप कहीं अकेले सो रहे हों? हम अपने घर की सुख-सुविधाओं का आनंद कैसे ले सकते हैं, अगर जिन लोगों ने हमें घर दिया, आज उसी घर में उनके लिए जगह नहीं है? हर परिवार की अपनी कहानी होती है। रिश्तों में परेशानियाँ होती हैं, मतभेद होते हैं। हम किसी को जज नहीं कर सकते। लेकिन एक बात तो तय है… बुढ़ापा सज़ा नहीं बनना चाहिए। हमारे माँ-बाप अपनी पूरी ज़िंदगी हमें अपने पैरों पर खड़ा करने में लगा देते हैं। और जब एक उम्र के बाद उन्हें हमारी ज़रूरत पड़ती है, शायद वहीं हमारी इंसानियत की असली परीक्षा होती है। उन्हें हमेशा हमारे पैसे नहीं चाहिए। कभी घर में एक कमरा चाहिए। खाने की मेज़ पर एक कुर्सी चाहिए। थोड़ा-सा समय चाहिए। थोड़ा-सा सम्मान चाहिए। और सबसे ज़्यादा यह एहसास चाहिए कि, “मैं आज भी इस परिवार का हिस्सा हूँ।” माँ-बाप सिर्फ़ हमारी ज़िम्मेदारी नहीं होते, हमारी जड़ें होते हैं। और जो इंसान अपनी जड़ों को अकेला छोड़ देता है, वो कितना भी बड़ा पेड़ क्यों न बन जाए… कहीं न कहीं अंदर से सूख जाता है। क्योंकि एक दिन बच्चे भी बूढ़े होंगे।🥹💔🙏 #Parents #Love

Anupam Kher

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“ तै छोटिहर जाति वाला बाबू साहब के गिलास में पानी कैसे पी लिहिस ,, जाति का दम्भ है कि जाता ही नहीं है। ये मनुष्य अपने आपको जाने किस बात का उच्च मानते हैं.. मुझे तो समझ ही नहीं आता है। ये अलग से पैदा होते हैं क्या.? इनको भी पैदा करने के लिए वो ही दाई/नर्स/डॉक्टर होते हैं जो हम सबके लिए होते हैं... यानी धरती पर आने के बाद भी पहला स्पर्श जो करता है उसके बारे में भी इन्हें नहीं पता रहता है। लेकिन ये जैसे जैसे बड़े होते हैं उतने ज़हरीले होते जाते हैं क्योंकि इनको इनके पुरखों की दी हुई घटि'या विरासत को बचाकर रखना है न। जाति ऐसे नहीं जाएगी इसके लिए नफ़रत करने वाले के मुँ'ह पर दस च'प्पल मा'रने की ज़रूरत है। 04 मई 2023 प्राथमिक विद्यालय सुरहूर पुर सिरकोनी के प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार जी, परिवार सर्वेक्षण करने गए उनके साथ यह घटना घटी। video credit :Gaurav Prakash 🇮🇳

Ashwini Yadav

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यूपी में गुंडे, आतंकियों का गिरोह चलाने वाले दक्ष चौधरी ने अपने साथियों के साथ मिलकर मथुरा में SP, CO समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की कई गाड़ियों में न सिर्फ़ तोड़फोड़ की हैं बल्कि पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया है, और पुलिस पर फायरिंग भी की गई हैं जिसके खोखे भी पुलिस ने लाठी, डंडों समेत बरामद कर लिए हैं, इस हमलें में कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं और अन्य यात्रियों की गाड़ियां भी तोड़ दी गई। एक FIR में नाम दर्ज होते ही मुस्लिमों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई करने वाले यूपी CM Yogi Adityanath क्या इस गिरोह पर कार्रवाई करने की जहमत उठायेंगे? सरकारी संपत्ति में नुक़सान करने पर वसूली की बात करने वाले CM आतंकियों के इस गिरोह से सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की वसूली करेंगे?

Zakir Ali Tyagi

17,825 Aufrufe • vor 6 Monaten

Former DGP के बेटे अकील की मौत दुखद है, पर उसने अपने पिता और पत्नी पर जो आरोप लगाए हैं, उन पर जल्दबाज़ी में यकीन नहीं करना चाहिए. Schizophrenia के, bipolar के, मानसिक बीमारी के शिकार लोग अक्सर अपने आस-पास के लोगों पर इस तरह के आरोप लगाते हैं. अकील का ये कहना है कि उनकी पत्नी के उनके पिता के साथ अवैध संबंध थे, इसी category में आता है. ऐसे patients थोड़े वक्त के बाद खुद ही अपनी बात को गलत बताते हैं. शर्मिंदगी महसूस करते हैं. कोई भी psychiatrist आपको समझा देगा कि ऐसे patients का hallucination क्या होता है. असल में ऐसी मानसिक बीमारी के लोग जो imagine करते हैं, उस पर यकीन कर लेते हैं. जो लोग उनका ध्यान रखते हैं उन पर ही conspiracy का इल्ज़ाम लगा देते हैं. ऐसे patients को ज़रूरत होती है सहानुभूति की, धैर्य और संयम की. पर हमारे समाज में उन्हें ना तो sympathy मिलती है, और ना ही support system है. क्योंकि ज़्यादातर लोग ऐसे patients की मानसिक स्थिति को समझ ही नहीं पाते. Family को लगता है कि हम उनका इतना ख्याल रखते हैं, इलाज कराते हैं, rehab centre में रखते हैं, फिर वो हम पर आरोप क्यों लगाते हैं. पर यही schizophrenia जैसी बीमारी की सबसे बड़ी problem है. Patients कभी नहीं मानता कि वो बीमार है. इलाज कराने वाले हर शख्स को वो अपना दुश्मन मानते है. फिलहाल दुनिया में इसका कोई इलाज नहीं है. #AajKiBaat #MyTake #MentalHealthAwareness #MentalHealth

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Supriya Shrinate

201,410 Aufrufe • vor 2 Jahren

Chamoli. शिक्षक दिवस का मौक़ा था, शिक्षकों के लिए बच्चे गिफ्ट लाए थे, ब्लैक बोर्ड पर सम्मान में चित्रकारी भी की थी, सेलिब्रेट करने अभिभावक भी आए थे, लेकिन शिक्षक नहीं आए। ये सब जोशीमठ क्षेत्र के भलगांव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में हुआ। शिक्षकों के सम्मान में स्कूल आई एक अभिभावक ने कहा,,, “हमें अपने बच्चों के लिए शिक्षक चाहिए, व्यवस्था चाहिए। हम हर चीज़ के लिए तैयार हैं। हमारे बच्चे स्कूल जा रहे हैं, लेकिन उन्हें पढ़ना-लिखना नहीं आ रहा है। शिक्षक लोग इतनी बड़ी तनख्वाह लेते हैं, फिर भी हमारे बच्चे न हिंदी पढ़ पा रहे हैं और न अंग्रेज़ी। हमारे गांव के स्कूल को बचाइए, ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए यह स्कूल बचा रहे और स्थितियाँ बेहतर हो सकें। आखिर में अगर कोई गुरुजी या मैडम नहीं होंगे, तो स्कूल कैसे चलेगा? हमारे बच्चे कुछ भी पढ़ना-लिखना नहीं सीख पा रहे हैं।" Pushkar Singh Dhami Dr.Dhan Singh Rawat PMO India

Ajit Singh Rathi

10,850 Aufrufe • vor 14 Tagen

कुछ पुरूष ऐसे भी.... एक पुरुष का पुरुषार्थ उसकी मानसिकता पर depend करता है, न की उसके चेहरे और ओहदे पर..! हमेशा सभी पुरुषों को एक कतार में खड़ा करना गलत है, हर पुरुष को गलत नीयत का कहना गलत है क्योंकि ... उन सभी पुरुषों में ऐसे भी पुरुष आते हैं जो पूजनीय होते हैं, जो स्त्री के रक्षक होते हैं,जो सदैव रक्षा करते हैं महिलाओं के मन सम्मान की । जो स्त्रियों का कभी अपमान नही होने देते,वो रोक लेते हैं स्त्रियों पर होने वाले अत्याचारों को,वो जो सिर आंखों पर बिठाकर रखते हैं अपनी संगिनी को,जो उसकी आंखो मे नमी नही देख सकते है। वो ऐसा बेटा भी है जिसकी पूरी दुनिया उसके माता पिता होते हैं,फिर उनके लिए चाहे उसे ईश्वर से ही क्यों न लड़ना पड़े, वो ऐसा भाई है जिसने अपनी बहन की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की भी कभी परवाह नही की। वो पुरुष जिसने प्रेम के लिए न्योछावर कर दिया अपना सर्वस्व,अपना सारा जीवन और भटकता रहा पागलों की तरह यहां वहां। उन्होंने रक्षा की देश की अपने प्राणों की परवाह किए बिना , उन्होंने संवारा है अपने घर को अपने प्यार से त्याग से और अपने पन से .... कुछ पुरुषों ने अगर मर्यादा लांघी है ... तो वहीं कुछ पुरुष उदाहरण बने हैं समाज के लिए , उन्हे एक ही दृष्टिकोण से देखना बिलकुल गलत है, जो सही है उन्हे सम्मान की दृष्टि से ही देखा जाना चाहिए । हमारी नजर में... वो हर व्यक्ति सम्मान का अधिकारी होता है, जो दूसरे के सम्मान की भी रक्षा करता हैं .... खैर ....

तृप्त ...🖤

13,291 Aufrufe • vor 2 Jahren

भगवान शिव राहुल गांधी जी के आराध्य हैं. आज उन्होंने सुबह काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए प्रशासन ने ऐन वक़्त पर हमारे कैमरे की अनुमति निरस्त कर दी और कहा कि मंदिर का PRO फोटो खींच कर साझा कर देंगे 4 घंटे तक कोई फोटो नहीं दी, और जो दी वह 2 साल के बच्चे की खींची हुई तस्वीरों से बेकार हैं दर्शन करते हुए एक भी फोटो नहीं दी, जबकि भाजपाइयों की ऐसी तमाम तस्वीरें हैं कुछ नौकरशाह मोदी के ग़ुलाम बन चुके हैं और साहेब को खुश करने के चक्कर में टुच्चई पर आमादा हैं दिल्ली में बैठे हुए कैमराजीवी प्रधानमंत्री, जिनके इशारों पर यह ओछी हरकतें होती हैं वो समझ लें कि इनसे राहुल जी के न्याय का महासंग्राम और मज़बूत होगा-बाबा विश्वनाथ की कृपा से वो लड़ेंगे और जीतेंगे हर हर महादेव!

Supriya Shrinate

510,503 Aufrufe • vor 2 Jahren