Video wird geladen...

Video konnte nicht geladen werden

Zur Startseite

पितरों और कुलदेवी को कैसे खुश करें..👇

135,963 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

8 Kommentare

Profilbild von Yogi
Yogivor 1 Jahr

दत्त भगवान का नामजप करने से अतृप्त पूर्वजों के कष्ट से रक्षा होना कुलदेवता का नामजप

Profilbild von Shiwoham Jyotish
Shiwoham Jyotishvor 1 Jahr

100% true

Profilbild von Sagar Singh
Sagar Singhvor 1 Jahr

Nice video

Profilbild von Amit
Amitvor 1 Jahr

But why .... ancestors, deities and God r to bless PPL ... isn't?

Profilbild von Bholaram Nishad
Bholaram Nishadvor 1 Jahr

#खुल_गया_राज_गीता_का FactfulDebatesYouTubeChannel ⬇️

Profilbild von Sunil Kumar
Sunil Kumarvor 1 Jahr

मूत्र पियो लम्बा जियो 😁😂😂

Profilbild von Harendra Prajapati
Harendra Prajapativor 1 Jahr

कुलदेवी का पता कैसे करे।

Profilbild von Rahul indurkar
Rahul indurkarvor 1 Jahr

@taralakshya Unfollowed back 🔙

Ähnliche Videos

भाजपा के अपने ‘भाजपाई महाभ्रष्टाचार : ट्रेनिंग मैन्युअल’ में एक अध्याय का नाम है - ’कॉरीडोर करेप्शन’ - कैसे नियंत्रण, धन, संपत्ति, कोष को हथियाएं - ⁠कैसे सरकारीकरण करें - ⁠कैसे चढ़ावे को बेचकर भाजपाई अपनी जेब भरें - कैसे सुविधाओं के नाम पर जनता को गुमराह करें - ⁠कैसे परिसरीय ज़मीन पर क़ब्ज़ा करें - ⁠कैसे मुआवज़े के नाम पर कमाई करें - ⁠कैसे ज़मीनों को औने-पौने दामों में ख़रीदें - ⁠कैसे बाद में दसों गुना रेट पर ज़मीन बेचें - ⁠कैसे छोटी दुकानों और उनकी कमाई को मटियामेट कर दें - ⁠कैसे बड़े शोरूमों से इकट्ठा पैसा लेकर उन्हें स्थानीय लोगों का कारोबार छीन कर दे दें - ⁠कैसे स्थानीय कारीगरी की कलाकृतियों की दुकानें उजाड़ें - ⁠कैसे परंपरागत व्यवसायवालों को ये स्थान छोड़ने पर मजबूर करें - ⁠कैसे बड़े व्यापारियों से कमीशन खाकर उनका सामान बेचें - ⁠कैसे लोगों के जीवनयापन का साधन व घर-दुकान छीनकर सदियों से बसे लोगों को उजाड़ें - ⁠कैसे अपने बाहरी लोगों को लाभ पहुँचाकर यहाँ स्थापित करें - ⁠कैसे बाहरी लोगों के सहारे राजनीति करें - कैसे स्थानीय-बाहरी में विभाजन करें⁠ - ⁠कैसे चुनावी गणित को बदलें - ⁠कैसे आस्था को व्यापार बनाएं… एक सीधा सवाल ये है कि कॉरीडोर या विकास के नाम पर जो भी गोरखधंधा हो रहा है अगर उसका लाभ स्थानीय लोगों को मिला होता तो भाजपा ऐसी जगहों पर क्यों हारती या हारते-हारते बचती जहाँ ये सब हुआ है।

Akhilesh Yadav

50,420 Aufrufe • vor 1 Jahr