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पत्रकार:- खान सर का मामला…. बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल:- आप उनसे पढ़ाई पढ़ते हैं? नहीं पढ़ते हैं? फिर आपके सर कैसे हुए वो? ख़ान जी बोलिए ना आप अगर विद्यार्थी नहीं हैं तो खान सर मत बोलिए। ख़ान जी बोलिए
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Комментарии: 33

शिक्षक हर हाल में सम्मानीय होता है, हम उनसे पढ़े या न पढ़े.. लेकिन आडम्बर और झूठ कभी अच्छे शिक्षक क़ी पहचान नहीं हो सकती.. यहाँ तो व्यूज और दिखावे के चक्कर में गिरावट क़ी कोई सीमा ही नहीं छोडी..!! आपका व्यवहार और लहजा ही समाज में आपकी असली पहचान और जगह तय करता है।

इस गधे की औलाद को केवल वही नेता जी बोलेगा जिसका वो काम करते हैं बाकी सब इसे दोगला बोले

अगर ये मेरा राज्य का मंत्री नहीं है तो क्या मैं इसको चुटिया थोड़ी न बोलूंगा

मंत्री नहीं माफिया है,किशनगंज में हत्या करवाने और महंगा प्रॉपर्टी कब्जाने के लिए प्रख्यात है,भय का वातवरण है,सब डरता है,कोई कुछ बोल सकता है जी। गोदी मीडिया और सत्ता का मजबूत नेक्सस हैं।खान को कीमत तो चुकाना पड़ेगा,रोड पर ला कर खड़ा कर देगा

@atsshow7 Absolutely correct 👍 🤣........ Ye coching mafia khud hi khud ko har jagah sir sir bolte rahte 🤣

सही। अगर आप मुफ्तखोरी पर पल रहे हैं तो सेवक नहीं हरामखोर बोलो सकते हैं।

इनको शादी में खान सर नहीं बुलाए थे 🤣 इसलिए खिसिया हुए है

हरामखोरी वाला एंगल परले में जी लगाकर बोल सकते हैं पर खान में सर लगाने से इनकीं इज्जत कम हो जाती है

Agar aap dilip जायसवाल के बाप के बेटे नहीं है तो आप जायसवाल के बाप का नाम लेकर बुला सकते हो, वही बात शुभम शुक्ला के ऊपर भी लागू है

पिल्ले अगर किसी का बच्चा किसी teacher से पढ़ता है तो उसके माँ बाप उस teacher को sir नहीं बोल सकते क्या? बोलते हैं कुत्ते. ऐसे तो मोदी जी से कोई नहीं पढ़ता लेकिन सब officer मन्त्री उनको sir ही बोलते होंगे ना? या सीधा मोदी बोलते हैं?

मान लो जो बोल रहे उनका नाम xyz है , ये मेरे एरिया के कुछ नहीं लगते न मंत्री तो क्या इनको भी मै बिना रेस्पेक्ट के बात करूंगा केवल xyz बस बोलूंगा अच्छा लगेगा

बिहार का शैक्षणिक दुर्गति का पराकाष्ठा पार हो चुका है। यहां अपराधी, घोटालेबाज, बलात्कारी खुलेआम सड़ चुके न्यायिक व्यवस्था की आड़ में बाहर घूमते हैं और विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को जेल भेजा जाता है। आखिर बिहार के छात्रों को ऐसे ही कोटा थोड़े जाना पड़ता है?

हालांकि मैं प्रोफेसर अशोक चौधरी सर से नहीं पढ़ा हूँ इसलिए मैं उनको सर ना बोलू. अशोक चौधरी जी बोलूं. ऐसा मंत्री दिलीप जैसवाल जी बोल रहे हैं. क्या एक शिक्षक को सर ना बोलकर. जी बोलना उचित है? वे खान सर हैं,थे और रहेगें. दुनिया उनको खान सर के नाम से जानती है वो भी पटना वाले खान सर!

बिहार के मंत्री जी हैं फिर तो बालोती करेंगे ही न। Sir का मतलब हिंदी में श्रीमान भी होता हैं। वैसे मंत्री जी के बोलने का स्टाइल ओर टोन बता रहा है कि सरकार की निगाहें टेढ़ी है।

Pahle yah minister Se puchoge Kitna padhaai kiya hai iska education kya hai

Maine mere gaaon me sirf ek saal pvt school me teacher ki job ki or fir meri pvt company me job lag gayi lekin aaj bhi mujhe sare bache jo mujhse pdhe the or jo nhi pdhe the or unke maa baap sab “master ji” bolte hain … Khan sir teacher hain log ijjat se unko ye naam diya

जब तक समझदार लोग राजनीति से दूर रहेंगे, जनता को तब तक जलील होते रहना होगा ।

जब तुम मंत्री या विधायक नहीं रहोगे तो गाड़ी पर बड़ा बड़ा पूर्व मंत्री या विधायक काहे लिखवाते हो

अगर हमारे क्षेत्र के एमएलए या एमपी ना हो तो उन्हें सम्मान ना दे.. उनका नाम लेकर बुलाए? तुम क्या हो? तुम्हें आप भी क्यों कहें? भाषा, संस्कार ये तुम लोग क्या जानो.. 😡

मतलब कोई पंडित मेरे घर पे पूजा कराता है उसी को पंडित जी बोलूं बाकी पंडित जी को नाम लेके बोलूं ग़ज़ब का गधा है ये आदमी

ये क्या लॉजिक हुआ सर नहीं जी बोलिए भाई सम्मान में चाहे जी बोलिए चाहे सर बोलिए । ज़रूरी है कि सिर्फ अध्यापक को ही बोला जाए वैसे तो महिलाएं को जो Swiggy Zomato वाले delivery boy मैम बोलते है तो क्या जरूरी है उस महिला ने डिलीवरी boy को पढ़ाया हो ।

दिलीप जी ज्ञान दे रहे हैं!

तो पूछना ये था जो सरकारी पदाधिकारी हमारी मदद नहीं करतें तो वो हमारे लिये वो पदाधिकारी है या नहीं ?

Ye mere mantri nahi hain, to kya main inko chutiya bol sakta hu ??

Chootiyoun ki kami naheen Ghalib.

हम नहीं पढ़ते है लेकिन अध्यापक एक ऐसी पोस्ट है की उससे कोई पढ़े या ना पढ़े वो हमेशा सबके गुरूजी (Sir) ही होते है इसीलिए माननीय आपको दिक्क़त है आप जी लगाइये पर हमारे लिए वो Sir है खान sir

इस हिसाब से हमे अपने गुरु को छोड़ कर किसी के लिए भी सर शब्द का उपयोग नहीं करना चाहिए दिलीप जी। Waise mai sehmat hu apki baat se. जय महाकाल

काश अनपढ़ मंत्री जी आप कभी स्कूल गए होते तो आपको पता चलता , सर गुरु किसे बोला जाता हैं, सरकार को यू ट्यूबर शिक्षकों से इतनी तकलीफ क्यों है? Ans= क्योंकि सरकार चाहती हैं भारत का युवा अनपढ़ रहे, धर्म की राजनीति में उलझा रहे, पढ़ लिख लेगा तो सवाल करेगा रोजगार मांगेगा,

बिहार के नाम ऐसे ही लोगों के कारण बदनाम होता हैं।

सुनने में आया कोई २ कोड़ी की भीख मांगने के लिए अर्जी लगाया है २ कोड़ी के टीचर्स से😂😂😂😂 मतलब कोड़ी ने कोड़ी से मांगा।।।

ये अपने बड़े पापा ,छोटे पापा को पापा क्यों बोलता है क्या इनका formation इनके चाचा से हुआ है ???

Mai to apka nam bihar me kahi bhi nahi suna na aap kaha rahte ho ye bhi nahi janta aur bihar ke logo ke liye kya kiye ho ye bhi nahi pta To Aapko Kya Bolu Jhola chhup mantri

Sahi bat h 🤣🤣🤣
