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पत्रकार पूछ रहे हैं “चूहा क्यों मार के खाते हैं”। जवाब आता है “खाने के लिए पैसा है नहीं तो क्या करें?” आस पास गंदगी है , साक्षरता दर 10% भी नहीं , 14 साल की बच्चियों को बच्चे हो रहे , घर नहीं , इंसानों की जिंदगी नहीं...

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रिपोर्टर: पहलवान यौन शौषण का आरोप लगाई है। क्या सही है? बीजेपी की महिला कार्यकर्ता:- ब्रजभूषण शरण जी अगर महिला प्रेमी होते तो क्या हमलोगों को नही बुला लेते। क्या हमलोग पहलवान से खराब हैं। हमलोग तो कहीं बोलते भी नहीं। हमलोग तो बूढ़े भी नहीं हैं। क्या हमलोग को पिछवाड़े (घर के पीछे)में नहीं बुला लेते। हम लोग तो विरोध भी नहीं करते। पुरुष कार्यकर्ता: देखिए ! ये लोग क्या कम सुंदर हैं। क्या सांसद जी को कमी है। आमजन यह विडीयो देख सकते हैं में हैं कि ये बचाव कर रहे हैं या आमंत्रण दे रहे हैं। मति भ्रष्ट हो जाता है बीजेपी में जाने के बाद। और यह भी साबित हो रहा है कि कैसे बीजेपी में सैक्स रैकेट तरह चलता है।

Alok Chikku

344,109 просмотров • 3 лет назад