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Ana Sayfaya Dön

पप्पू यादव को पैसा कहां से आता है कौन देता है यह मायने नहीं रखता,पैसा गरीबों के हाथ में जा रहा है यह मायने रखता है,कलेजा चाहिए पैसा बांटने के लिए, गरीब और जरूरत मंद के हाथ में 500 रुपये का नोट मिलता है न तो दिल और दिमाग...

253,007 görüntüleme • 2 yıl önce •via X (Twitter)

10 Yorum

Dr Akhilesh Kumar Ex Dy SP profil fotoğrafı
Dr Akhilesh Kumar Ex Dy SP2 yıl önce

@pappuyadavjapl यह बेहद खराब व खतरनाक ट्रेंड है। ऐसी हरकतों से ही जनता की सोच काफी दुष्प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर चुनावों में देखने को मिलता है।आसमान छूते चुनावी खर्चे का यही सब मुख्य कारण है। इससे लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्य का ह्रास होता है। यह समाधान नहीं अपितु बड़ी समस्या का द्वार है

पंकज दुबे कुलदीप profil fotoğrafı
पंकज दुबे कुलदीप2 yıl önce

@pappuyadavjapl वोट ख़रीदने के लिए सही जुगाड़ है सबको शराब और मुर्ग़ा का जुगाड़ मिल गया, ये वही पप्पू यादव हैं जो रंगदारी माँगते हैं।

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V2 yıl önce

@pappuyadavjapl पहले लोगो को बिखरी बनाओ, फिर ५०० ५०० देके अपने गैंग मैं शामिल करो और माफिया बनके राज करो

Ankur 🇮🇳 profil fotoğrafı
Ankur 🇮🇳2 yıl önce

@pappuyadavjapl दूसरों की गर्दन पर चाकू रख कर करोड़ों कमाओ और फिर कुछ लाख ग़रीबों मैं बाँट दो और बन जाओ झूठा मसीहा

Crime Master Gogo (PARODY) 🇮🇳 profil fotoğrafı
Crime Master Gogo (PARODY) 🇮🇳2 yıl önce

@dir_ed ahould watch this.. 😉

Ujjawal Rai profil fotoğrafı
Ujjawal Rai2 yıl önce

@pappuyadavjapl वाह भाई! थोड़ा दिमाग भी चला लेते तो अच्छा होता, भाई मैं आपसे किसी तरह से पैसे ले लू और आप समझ ना पाए, उसके बाद आपको वीडियो बनवा कर 500 दे दूं तो भाई मुर्ख कौन?? भाई इसलिए उनके अच्छे कामों को सपोर्ट करो मगर गलत को नहीं। धन्यवाद

Mukund profil fotoğrafı
Mukund2 yıl önce

@pappuyadavjapl Bhikhmango ka desh hamara.

#असली किसान profil fotoğrafı
#असली किसान2 yıl önce

@pappuyadavjapl भिखारी बना के रखा हुआ है इन तथाकथित नेताओं ने बिहार की जनता को ।

Madan Singh Gaur kshatriy⚔️ profil fotoğrafı
Madan Singh Gaur kshatriy⚔️2 yıl önce

@pappuyadavjapl जमींदार पप्पू यादव को देखिए...👇 9000 बीघा जमीन पर कब्जा किया हुआ है। वंचितों को उनकी जमीन वापस करने की बजाय 500 रुपये पकड़ा रहा है। अरे यार....संसाधनों का बंटवारा कर दो... गरीब तुम्हारे आगे हाथ क्यों फैलाएगा? कब तक? 9000 बीघा कहाँ से लेकर आए आप?

Aniket Singh profil fotoğrafı
Aniket Singh2 yıl önce

@pappuyadavjapl बिलकुल मायने रखता है,किसी और से लूट कर उसमे से कुछ भाग ग़रीबो में बाट देना कोई सेवा नहीं है।

Benzer Videolar

आज देश के बैंकों में हमारे नागरिकों का 78,000 करोड़ रुपये बिना दावे के पड़ा है। हमें नहीं पता कि यह पैसा किसका है, यह यूँ ही पड़ा है। बीमा कंपनियों के पास 14,000 करोड़ रुपये हैं, म्यूचुअल फंड्स के पास 3,000 करोड़ रुपये हैं। डिविडेंड में 9,000 करोड़ रुपये पड़ा हुआ है। और यह सारा पैसा बिना दावे के पड़ा है। यह पैसा गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों का है और यह सरकार यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह पैसा किसका है, क्योंकि हम इस पैसे के असली मालिक का पता लगाना चाहते हैं। हमारी सरकार देश में इस धन के मालिको इसके मालिकों तक वापस पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। अब तक, इस पैसे के मालिकों की पहचान के लिए लगभग 500 जिलों में विशेष शिविर लगाए जा चुके हैं और हमने उन्हें कई हज़ार करोड़ रुपये वापस किए हैं। साथियों, यह सिर्फ एसेट की वापसी का मामला नहीं है। यह विश्वास का मामला है। यह जनता के विश्वास को निरंतर हासिल करने की प्रतिबद्धता है। और जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। अगर गुलामी की मानसिकता होती तो सरकारी मानसिकता हावी होती और ऐसे अभियान कभी नहीं चलते। - प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi

DFS

51,990 görüntüleme • 8 ay önce

2013 के पहले का भाषण वायरल आदित्यनाथ योगी जी का बहुत अच्छी वाणी है रेलवे डिपार्टमेंट के लिए सुझाव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी पार्लियामेंट में बोल रहे हैं कि अगर रेलवे यात्रियों से पैसा असूल रही है तो उनको सीट क्यों नहीं देती है अगर सीट नहीं देती है तो उनसे पैसा क्यों असूलती है और पैसा असूलती है तो सही समय पर गंतव्य स्थान पर क्यों नहीं पहचानती है यह मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी का बहुत अच्छी बात है और रेलवे को सच में इनकी बातों को अमल करना चाहिए कि आज जो स्थिति भारत के रेलवे की है है वह बहुत दैनि है रेलवे जनरल बोगी में बहुत भीड़ रहता है आम जनता गर्मी से बेहाल हो जाते हैं

premprakash

16,620 görüntüleme • 2 ay önce

अगर आप SC, ST या OBC हैं, तो आपको 10% EWS आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा, भले ही आप आर्थिक रूप से गरीब हों। यह आरक्षण केवल उन वर्गों को दिया जा रहा है, जिनकी देश में कथित रूप से 10% आबादी है, और उनके गरीबों को अलग से 10% आरक्षण का लाभ मिल रहा है। लेकिन क्या यह सच्चाई है? उच्च जातियों की वास्तविक जनसंख्या का आकलन क्यों नहीं होने दिया जा रहा? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर उनकी आबादी वाकई 10% से अधिक नहीं है, तो उन्हें 10% "सुदामा कोटा" कैसे दिया जा सकता है? वहीं दूसरी ओर, जातिगत जनगणना की मांग को नकारा जा रहा है, क्योंकि इससे वास्तविक जनसंख्या और सामाजिक असमानता की सच्चाई उजागर हो सकती है। जातिगत जनगणना से यह साफ हो जाएगा कि कौन सी जातियां हाशिये पर हैं और किन्हें वास्तव में समर्थन और संरक्षण की जरूरत है। लेकिन इन आंकड़ों को दबाने की कोशिश इस डर से की जाती है कि सच्चाई बाहर आ गई, तो मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की असमानता और पक्षपात उजागर हो जाएगा। यह पूरी रणनीति सामाजिक न्याय और समानता के आदर्शों के खिलाफ है। गरीबों को जाति के आधार पर भेदभाव करना और उच्च जातियों के गरीबों को अलग से आरक्षण देना, जबकि अन्य वर्गों के गरीब इससे वंचित रहें, एक गहरी असमानता को जन्म देता है। "सुदामा कोटा" का यह प्रावधान सामाजिक न्याय के आदर्शों का मजाक बनाता है। अगर उच्च जातियों की आबादी 10% से अधिक नहीं है, तो जातिगत जनगणना से डरने का क्या कारण है? असल में, यह डर इस सच्चाई को दबाने की कोशिश है कि आरक्षण और अन्य नीतियों में असमानता बरती जा रही है। आज जरूरत है कि "सुदामा कोटा" की सच्चाई को समझा जाए और इसे चुनौती दी जाए, ताकि वास्तविक समानता और न्याय की स्थापना हो सके।

Tribal Army

12,256 görüntüleme • 1 yıl önce

AIIMS में इलाज के लिए हरियाणा के पलवल से एक व्यक्ति आया। इलाज की आस थी, लेकिन रहने को छत नहीं। रैन बसेरे फुल हैं, मजबूरी में लोग कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे सो रहे हैं। ऊपर से पुलिस खदेड़ रही है—यहाँ मत लेटो , कहीं और जाओ। सवाल है, क्यों? क्योंकि गरीब दिखेगा तो सरकार की चमकदार छवि धूमिल हो जाएगी। यह कैसी व्यवस्था है जहाँ मरीज का दर्द नहीं, फोटो-ऑप मायने रखता है? नेताओं के लिए VIP रिज़ॉर्ट, सरकारी गाड़ियाँ, सुरक्षा और सुविधाएँ और इलाज कराने आए गरीब को न रैन बसेरा , न गरम कंबल , न सम्मान। ठंड , बीमारी और बेबसी तीनों से एक साथ लड़ने को मजबूर इंसान सिस्टम के लिए बस असुविधा है।

खुरपेंची स्वास्थ्य

16,132 görüntüleme • 7 ay önce